वंदे मातरम बिल लोकसभा में पास, विपक्ष बोला — असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 30 जुलाई को लोकसभा ने वंदे मातरम बिल पास कर दिया — राज्यसभा में पारित होने के बाद अब यह दोनों सदनों से मंजूर हो चुका है। विपक्षी दलों के भारी हंगामे के बीच बिल पास होने के तुरंत बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई और अगली बैठक 31 जुलाई को सुबह 11 बजे से निर्धारित की गई है।
बिल में क्या है
इस विधेयक का उद्देश्य राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' को वही कानूनी संरक्षण देना है जो राष्ट्रगान 'जन गण मन' को प्राप्त है। प्रावधानों के अनुसार, 'वंदे मातरम' का अपमान करने पर दोषी को 3 वर्ष तक का कारावास, जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। गौरतलब है कि अब तक राष्ट्रीय गीत के लिए ऐसी कोई दंडात्मक व्यवस्था कानूनी रूप से नहीं थी।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान ने बिल पास होने के बाद कहा कि देश में बड़ी मुस्लिम आबादी है और उनकी भावनाओं को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बिल हिंदू-मुस्लिम के बीच दूरी पैदा करने की कोशिश है। उन्होंने कहा, 'इससे बच्चों को न रोज़गार मिलेगा, न भ्रष्टाचार खत्म होगा, न महंगाई कम होगी और न नीट जैसी समस्याओं का समाधान होगा — यह केवल असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है।'
जियाउर्रहमान ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध राष्ट्रगान से नहीं है। उनके अनुसार, 'हम राष्ट्रगान का विरोध नहीं करते, उसे गाते हैं और उससे प्यार करते हैं। राष्ट्रीय गीत के कुछ शब्द हमारे धर्म से टकराते हैं, इसीलिए हम उसे नहीं गा सकते।'
भाजपा का समर्थन
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद विनोद तावड़े ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि 'वंदे मातरम का सम्मान, भारत का अभिमान है।' उन्होंने कहा कि जिस राष्ट्रीय गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन को ऊर्जा और प्रेरणा दी, उसका गर्व के साथ स्मरण करना देश का सौभाग्य है।
एंटी पेपर लीक बिल पर तीखी बहस
सदन में एंटी पेपर लीक मामले पर भी विपक्ष ने आवाज़ उठाई। विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही की माँग की। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद सागरिका घोष ने माँग की कि अमित शाह सदन में आकर जवाब दें। उन्होंने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर किए गए लाठीचार्ज पर स्पष्टीकरण भी माँगा।
राज्यसभा में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एंटी पेपर लीक बिल पर कहा कि यह काम दो साल पहले क्यों नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत जोड़ो न्याय यात्रा में लगातार पेपर लीक का मुद्दा उठाया था। खड़गे ने कहा, 'इस बिल का हम स्वागत करते हैं लेकिन यह अधूरा है — यह पेपर लीक के बाद की कार्रवाई को मज़बूत करता है, लेकिन लीक रोकने की व्यवस्था इसमें नहीं है।'
आगे क्या
दोनों सदनों से पारित होने के बाद वंदे मातरम बिल अब राष्ट्रपति की मंज़ूरी के लिए भेजा जाएगा। संसद की अगली बैठक 31 जुलाई को सुबह 11 बजे से होगी, जिसमें लंबित विधायी एजेंडे पर चर्चा जारी रहेगी।