सीएमआरएल डायरी विवाद: केरल मंत्री मुरलीधरन बोले — चुनावी चंदा और भ्रष्टाचार का पैसा एक नहीं
सारांश
मुख्य बातें
केरल के स्वास्थ्य मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने 24 सितंबर 2026 को स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान प्राप्त धनराशि और भ्रष्टाचार से अर्जित पैसे दो भिन्न श्रेणियाँ हैं। सीएमआरएल (कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड) के प्रबंध निदेशक एस.एन. शशिधरन कर्ता की कथित डायरी को लेकर छिड़े राजनीतिक तूफान के बीच यह बयान आया है, जिसमें यूडीएफ और एलडीएफ दोनों गठबंधनों के प्रमुख नेताओं के नाम दर्ज बताए जा रहे हैं।
मुरलीधरन का बयान: जांच से कोई परहेज नहीं
मुरलीधरन ने कहा, 'चुनाव के दौरान पैसे लेना और भ्रष्टाचार का पैसा लेना दो अलग-अलग बातें हैं। चुनाव के समय कुछ पैसा मिला हो सकता है। कोई भी जांच होने दीजिए। इस डायरी की जांच भी होती है तो कोई समस्या नहीं है।' मंत्री ने साथ ही यह भी जोड़ा कि केरल सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हर बात पर आंख मूंदकर भरोसा करने वाली नहीं है, लेकिन यदि ईडी आधिकारिक रूप से कोई कार्रवाई का अनुरोध करती है, तो उसका पालन करना अनिवार्य होगा।
भाजपा का आरोप और डायरी के पन्ने का खुलासा
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता शोन जॉर्ज ने कथित डायरी का एक पन्ना सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि यह सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मासिक भुगतान मामले में गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (SFIO) द्वारा अदालत में जमा दस्तावेजों का अंग है। जॉर्ज ने सवाल उठाया कि इस पूरे प्रकरण में पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के खिलाफ विजिलेंस जांच क्यों नहीं कराई गई। उन्होंने संकेत दिया कि डायरी में कई दलों के नेताओं के नाम होना ही शायद जांच न होने का कारण है।
डायरी में किन-किन नेताओं के नाम
जॉर्ज द्वारा जारी पन्ने में जिन राजनीतिक हस्तियों के नाम दर्ज बताए गए हैं, उनमें शामिल हैं — मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन, पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी, गृह मंत्री रमेश चेन्निथला, पूर्व मुख्यमंत्री वी.एस. अच्युतानंदन, के. मुरलीधरन, सी.के. चंद्रप्पन, एलमारम करीम, एम.वी. गोविंदन, हिबी ईडन, पन्नियन रवींद्रन, एस. शर्मा, पी. राजीव, राज्य मंत्री शिबू बेबी जॉन और के.बी. गणेश कुमार। गौरतलब है कि ये नाम परस्पर विरोधी राजनीतिक खेमों से हैं, जिससे यह मामला केवल एक दल के लिए नहीं, बल्कि केरल की पूरी राजनीति के लिए असहज करने वाला है।
विवाद की पृष्ठभूमि: सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामला
यह विवाद सीएमआरएल द्वारा कथित रूप से एक्सालॉजिक सोलूशन्स को किए गए मासिक भुगतानों से जुड़ा है। एक्सालॉजिक वह कंपनी है जिसे पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा विजयन से संबद्ध बताया जाता है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य सरकार पहले से ही इस मामले में ईडी की जांच के निष्कर्षों और सिफारिशों को लेकर राजनीतिक दबाव झेल रही है।
आगे की राह: जांच एजेंसियों के सामने सवाल
जांच एजेंसियों के सामने अब तत्काल प्रश्न यह है कि डायरी में दर्ज एंट्री — वैध राजनीतिक या चुनावी चंदे की हैं, कारोबारी लेन-देन हैं, या ऐसे भुगतान हैं जिन पर आगे जांच की जरूरत है। मुरलीधरन की टिप्पणी से स्पष्ट है कि कांग्रेस जांच प्रक्रिया से कतरा नहीं रही, लेकिन वह यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि हर भुगतान की वास्तविक प्रकृति स्थापित हो जाए। इस मामले के अगले कदम निर्धारित करेंगे कि केरल की राजनीति में यह विवाद कहाँ तक जाता है।