सीपीआई (एम) का आरोप: ईडी और वी.डी. सतीशन मिलकर पार्टी को सीएमआरएल एक्सालॉजिक मामले में फँसाना चाहते हैं
सारांश
मुख्य बातें
सीपीआई (एम) के केरल राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने 25 सितंबर 2026 को तिरुवनंतपुरम में आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन से, सीएमआरएल एक्सालॉजिक रिश्वत मामले में उनकी पार्टी को निशाना बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इस बीच, राज्य पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने आगे की कार्रवाई तय करने से पहले केंद्रीय एजेंसी से अतिरिक्त दस्तावेज़ और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गोविंदन का आरोप और पार्टी का रुख
गोविंदन ने कहा, "ईडी और वीडी प्रधानमंत्री के समर्थन से निराधार मामलों में सीपीआई (एम) को फँसाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हमें पूरा भरोसा है कि पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ एक भी सबूत नहीं है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी इन आरोपों का कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर मुकाबला करेगी।
यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य पुलिस ने ईडी द्वारा सौंपी गई सामग्री पर प्रारंभिक जाँच पहले ही शुरू कर दी है। गौरतलब है कि सीपीआई (एम) का यह आरोप उस राजनीतिक ध्रुवीकरण को और गहरा करता है जो केरल में भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस और वाम मोर्चे के बीच पहले से चल रहा है।
एसआईटी की जाँच का दायरा
राज्य पुलिस प्रमुख के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की निगरानी में गठित एसआईटी ने आगे की कार्रवाई तय करने से पहले ईडी से और जानकारी एवं दस्तावेज लेने का फैसला किया है। जाँच कर रहे सुपरिटेंडेंट को केंद्रीय एजेंसी के साथ समन्वय और दस्तावेज़ तथा अन्य साक्ष्य जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इन सभी सामग्री की विस्तृत समीक्षा के बाद राज्य पुलिस प्रमुख को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी जाएगी। उल्लेखनीय है कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की है — केस दर्ज करने का निर्णय प्रारंभिक साक्ष्यों की जाँच और कानूनी राय के बाद ही लिया जाएगा।
किन लोगों की होगी जाँच
पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास, उनकी पत्नी टी. वीना और अन्य प्रमुख व्यक्तियों के बयान दर्ज करने का प्रश्न भी प्रारंभिक जाँच के नतीजों पर निर्भर करेगा। ईडी के पत्र में कई ऐसे व्यक्तियों का जिक्र है जिनके वित्तीय लेन देन की पड़ताल की जा रही है।
एसआईटी कम से कम पाँच कोझिकोड आधारित व्यक्तियों की भूमिका की भी जाँच कर रही है, जिनके रियास से संबंध होने की पहचान केंद्रीय एजेंसी के पत्र में की गई है। जाँच में सीएमआरएल के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल होंगे।
ईडी के आरोप और वित्तीय जाँच
ईडी ने अवैध भुगतान, संदिग्ध अनधिकृत वित्तीय लेन देन और विदेश में फंड ट्रांसफर के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस प्रारंभिक जाँच के तहत बैंक खातों, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की जाँच में साइबर इन्वेस्टिगेशन टीम एसआईटी की सहायता करेगी।
आगे क्या होगा
केरल सरकार ने सितंबर 2026 में इस चर्चित मामले की जाँच के लिए एसआईटी का गठन किया था। अब एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि एफआईआर दर्ज की जाए या नहीं। राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर यह मामला आने वाले हफ्तों में और अधिक गरमाने की संभावना है।