25 सितंबर 2026
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सीपीआई (एम) का आरोप: ईडी और वी.डी. सतीशन मिलकर पार्टी को सीएमआरएल एक्सालॉजिक मामले में फँसाना चाहते हैं

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सीपीआई (एम) का आरोप: ईडी और वी.डी. सतीशन मिलकर पार्टी को सीएमआरएल एक्सालॉजिक मामले में फँसाना चाहते हैं

सारांश

सीपीआई (एम) के राज्य सचिव गोविंदन ने ईडी और मुख्यमंत्री सतीशन पर सीएमआरएल एक्सालॉजिक मामले में पार्टी को फँसाने का आरोप लगाया। पर असली सवाल यह है — खुद केरल सरकार की एसआईटी जब जाँच कर रही हो, तो 'राजनीतिक षड्यंत्र' का तर्क कितना टिकेगा?

मुख्य बातें

सीपीआई (एम) राज्य सचिव एम.वी.
गोविंदन ने 25 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि ईडी और मुख्यमंत्री वी.डी.
सतीशन पार्टी को सीएमआरएल एक्सालॉजिक मामले में राजनीतिक रूप से फँसाने की कोशिश कर रहे हैं।
गोविंदन ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ 'एक भी सबूत नहीं' है।
केरल पुलिस एसआईटी ने ईडी से अतिरिक्त दस्तावेज़ और साक्ष्य माँगने की प्रक्रिया शुरू की; अब तक एफआईआर दर्ज नहीं ।
जाँच के दायरे में पूर्व मंत्री पी.ए.
मोहम्मद रियास , उनकी पत्नी टी.
वीना और कम से कम पाँच कोझिकोड आधारित व्यक्ति शामिल।
ईडी ने अवैध भुगतान , अनधिकृत वित्तीय लेन देन और विदेश में फंड ट्रांसफर के आरोप लगाए हैं।
एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के बाद ही एफआईआर दर्ज करने पर अंतिम निर्णय होगा।

सीपीआई (एम) के केरल राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने 25 सितंबर 2026 को तिरुवनंतपुरम में आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन से, सीएमआरएल एक्सालॉजिक रिश्वत मामले में उनकी पार्टी को निशाना बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इस बीच, राज्य पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने आगे की कार्रवाई तय करने से पहले केंद्रीय एजेंसी से अतिरिक्त दस्तावेज़ और साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

गोविंदन का आरोप और पार्टी का रुख

गोविंदन ने कहा, "ईडी और वीडी प्रधानमंत्री के समर्थन से निराधार मामलों में सीपीआई (एम) को फँसाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। हमें पूरा भरोसा है कि पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ एक भी सबूत नहीं है।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी इन आरोपों का कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर मुकाबला करेगी।

यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य पुलिस ने ईडी द्वारा सौंपी गई सामग्री पर प्रारंभिक जाँच पहले ही शुरू कर दी है। गौरतलब है कि सीपीआई (एम) का यह आरोप उस राजनीतिक ध्रुवीकरण को और गहरा करता है जो केरल में भारतीय जनता पार्टी (BJP), कांग्रेस और वाम मोर्चे के बीच पहले से चल रहा है।

एसआईटी की जाँच का दायरा

राज्य पुलिस प्रमुख के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की निगरानी में गठित एसआईटी ने आगे की कार्रवाई तय करने से पहले ईडी से और जानकारी एवं दस्तावेज लेने का फैसला किया है। जाँच कर रहे सुपरिटेंडेंट को केंद्रीय एजेंसी के साथ समन्वय और दस्तावेज़ तथा अन्य साक्ष्य जुटाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इन सभी सामग्री की विस्तृत समीक्षा के बाद राज्य पुलिस प्रमुख को प्रारंभिक रिपोर्ट सौंपी जाएगी। उल्लेखनीय है कि पुलिस ने अभी तक इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की है — केस दर्ज करने का निर्णय प्रारंभिक साक्ष्यों की जाँच और कानूनी राय के बाद ही लिया जाएगा।

किन लोगों की होगी जाँच

पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास, उनकी पत्नी टी. वीना और अन्य प्रमुख व्यक्तियों के बयान दर्ज करने का प्रश्न भी प्रारंभिक जाँच के नतीजों पर निर्भर करेगा। ईडी के पत्र में कई ऐसे व्यक्तियों का जिक्र है जिनके वित्तीय लेन देन की पड़ताल की जा रही है।

एसआईटी कम से कम पाँच कोझिकोड आधारित व्यक्तियों की भूमिका की भी जाँच कर रही है, जिनके रियास से संबंध होने की पहचान केंद्रीय एजेंसी के पत्र में की गई है। जाँच में सीएमआरएल के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल होंगे।

ईडी के आरोप और वित्तीय जाँच

ईडी ने अवैध भुगतान, संदिग्ध अनधिकृत वित्तीय लेन देन और विदेश में फंड ट्रांसफर के गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस प्रारंभिक जाँच के तहत बैंक खातों, वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों की जाँच में साइबर इन्वेस्टिगेशन टीम एसआईटी की सहायता करेगी।

आगे क्या होगा

केरल सरकार ने सितंबर 2026 में इस चर्चित मामले की जाँच के लिए एसआईटी का गठन किया था। अब एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि एफआईआर दर्ज की जाए या नहीं। राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर यह मामला आने वाले हफ्तों में और अधिक गरमाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसे गोविंदन की पार्टी का समर्थन है — यह विरोधाभास उनके बचाव को कमज़ोर करता है। असली परीक्षा एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट होगी: यदि उसमें एफआईआर की सिफारिश होती है, तो 'राजनीतिक फँसाने' का तर्क टिकना मुश्किल हो जाएगा। विदेश में फंड ट्रांसफर के आरोप अगर प्रमाणित हुए, तो यह मामला केरल की राजनीति से कहीं आगे जाएगा।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएमआरएल एक्सालॉजिक मामला क्या है?
यह केरल में चर्चित रिश्वत और भ्रष्टाचार का मामला है जिसमें प्रवर्तन निदेशालय ने अवैध भुगतान, अनधिकृत वित्तीय लेन देन और विदेश में फंड ट्रांसफर के आरोप लगाए हैं। केरल सरकार ने सितंबर 2026 में इसकी जाँच के लिए एसआईटी का गठन किया था।
सीपीआई (एम) ने ईडी और वी.डी. सतीशन पर क्या आरोप लगाए हैं?
सीपीआई (एम) राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन ने 25 सितंबर 2026 को आरोप लगाया कि ईडी और मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन से, सीपीआई (एम) को इस मामले में राजनीतिक रूप से निशाना बना रहे हैं। गोविंदन ने दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है।
केरल पुलिस की एसआईटी अब तक क्या कर रही है?
एसआईटी ने केंद्रीय एजेंसी ईडी से अतिरिक्त दस्तावेज़ और साक्ष्य माँगने की प्रक्रिया शुरू की है। अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है और केस दर्ज करने का निर्णय प्रारंभिक साक्ष्यों की जाँच और कानूनी राय के बाद ही लिया जाएगा।
इस मामले में किन किन लोगों से पूछताछ हो सकती है?
एसआईटी के दायरे में पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास, उनकी पत्नी टी. वीना और कम से कम पाँच कोझिकोड आधारित व्यक्ति शामिल हैं। इन सभी से बयान दर्ज करने का निर्णय प्रारंभिक जाँच के नतीजों पर निर्भर होगा।
इस मामले में आगे क्या होने की उम्मीद है?
एसआईटी अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट राज्य पुलिस प्रमुख को सौंपेगी, जिसके आधार पर एफआईआर दर्ज करने या न करने का फैसला होगा। डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों की जाँच समानांतर रूप से जारी है और साइबर इन्वेस्टिगेशन टीम भी एसआईटी की मदद कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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