एक्सलॉजिक पेमेंट विवाद: CMRL के CFO ने ED का बयान वापस लेने की मांग की, धमकी और दबाव का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कोच्चि में 16 सितंबर 2026 को CMRL-एक्सलॉजिक पेमेंट विवाद में एक नया और निर्णायक मोड़ आया, जब कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड (CMRL) के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) के.एस. सुरेश कुमार ने हलफनामा दाखिल कर प्रवर्तन निदेशालय (ED) को दिए गए अपने पूर्व बयान को वापस लेने की मांग की। इस बयान में उन्होंने वीना विजयन को की गई पेमेंट को तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की पुत्री के पद से जोड़ा था। सुरेश कुमार का कहना है कि उनका यह बयान धमकी और दबाव में लिया गया था।
मामले का पृष्ठभूमि और मुख्य आरोप
ED ने हाल ही में केरल पुलिस को एक रिपोर्ट सौंपी थी, जिसमें पिनाराई विजयन, वीना विजयन, उनके पति तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI-M) विधायक मोहम्मद रियास के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार और मनी-लॉन्ड्रिंग के मामलों में कार्रवाई की मांग की गई थी। ED की इस रिपोर्ट में सुरेश कुमार के पूर्व बयान को प्रमुख आधार बनाया गया था, जिसमें आरोप था कि CMRL ने वीना की कंपनी 'एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस' को जो मासिक पेमेंट किए, वे वास्तव में पिनाराई विजयन के लिए रिश्वत के रूप में दिए गए थे।
CFO का नया दावा: धमकी और दबाव
अब सुरेश कुमार ने यह आरोप लगाया है कि ED के अधिकारियों ने पूछताछ के दौरान उन्हें धमकाया और दबाव में उनका बयान दर्ज किया। उनका आरोप है कि जांच अधिकारी उनके वास्तविक जवाबों को रिकॉर्ड करने या उन पर विचार करने के लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने यह भी कहा कि उन पर राजनीतिक नेताओं के नाम लेने के लिए दबाव डाला गया। इन आरोपों के आलोक में उन्होंने अपने पुराने बयान को वापस लेने और सही जानकारी ED के समक्ष प्रस्तुत करने की मांग की है।
रियास और विपक्ष की प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मोहम्मद रियास ने कहा कि देश में ED के व्यवहार के बारे में सभी जानते हैं — यह उन लोगों की गवाही से स्पष्ट है जो इसकी जांच का सामना कर चुके हैं। रियास ने यह भी कहा कि तथाकथित 'रेड डायरी' में दर्ज जानकारी वीना की भविष्य की व्यावसायिक योजनाओं से जुड़ी थी, क्योंकि वह एक नया कारोबार शुरू करने वाली थीं।
इससे पहले केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने इस विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि पिनाराई विजयन और रियास 'रेड डायरी' के बारे में परस्पर विरोधाभासी बयान दे रहे हैं। उनके अनुसार, जहाँ पिनाराई विजयन ने ऐसी किसी डायरी के अस्तित्व से इनकार किया, वहीं रियास ने स्वीकार किया कि वह डायरी मौजूद थी।
सरकार का रुख और आगे की राह
फिलहाल राज्य सरकार ED के उस अनुरोध की समीक्षा कर रही है, जिसमें पिनाराई विजयन, वीना और रियास के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की गई है। सरकार ने आगे की कार्रवाई तय करने से पहले कानूनी सलाह लेने का निर्णय किया है। गौरतलब है कि यह मामला केरल की राजनीति में एक बड़ी उथल-पुथल का कारण बन सकता है, क्योंकि इसमें पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े गंभीर आरोप शामिल हैं।
यह ऐसे समय में हुआ है जब ED की जांच प्रक्रियाओं पर राष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठाए जा रहे हैं। CFO के हलफनामे से इस मामले में जांच की विश्वसनीयता एक नई बहस का केंद्र बन गई है, और अदालत की अगली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।