एक्सलॉजिक पेमेंट विवाद: सीएमआरएल के सीएफओ ने ईडी का बयान वापस लेने की मांग की, धमकी और दबाव का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
कोच्चि में 16 सितंबर को सीएमआरएल-एक्सलॉजिक पेमेंट विवाद में एक नया और महत्वपूर्ण मोड़ आया, जब सीएमआरएल के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (सीएफओ) केएस सुरेश कुमार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को दिए अपने पूर्व बयान को वापस लेने के लिए हलफनामा दाखिल किया। उस बयान में उन्होंने वीना विजयन को किए गए मासिक भुगतान को तत्कालीन मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की पुत्री होने के नाते उनके पद से जोड़ा था।
मामले की पृष्ठभूमि
यह प्रकरण उस समय सामने आया है जब ईडी ने केरल पुलिस को एक रिपोर्ट सौंपी है, जिसमें पिनाराई विजयन, वीना विजयन, उनके पति तथा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआई(एम)] के विधायक मोहम्मद रियास के विरुद्ध कथित भ्रष्टाचार और मनी-लॉन्ड्रिंग के आरोपों में कार्रवाई की सिफारिश की गई है। ईडी की रिपोर्ट में सुरेश कुमार के बयान को केंद्रीय साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि सीएमआरएल द्वारा वीना की कंपनी 'एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस' को किए गए भुगतान वास्तव में पिनाराई विजयन के लिए दी गई रिश्वत थे।
सीएफओ के आरोप: दबाव और धमकी
सुरेश कुमार ने अपने हलफनामे में गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, ईडी अधिकारियों ने उन्हें धमकाया और दबाव में आकर वह बयान दिलवाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान जांच अधिकारी उनके वास्तविक जवाबों को दर्ज करने या उन पर विचार करने को तैयार नहीं थे। सुरेश कुमार का यह भी कहना है कि उन पर राजनीतिक नेताओं के नाम लेने का दबाव डाला गया। उन्होंने अब अपने पूर्व बयान को वापस लेने और ईडी को दी गई जानकारी को सुधारने की माँग की है।
ईडी की रिपोर्ट और सरकार की स्थिति
ईडी ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि सुरेश कुमार के अनुसार, सीएमआरएल वीना को भुगतान इसलिए करती रही क्योंकि वह पिनाराई विजयन की पुत्री थीं और उनका राजनीतिक रसूख था। एजेंसी ने इन भुगतानों को विजयन द्वारा अपनी पुत्री के माध्यम से कथित तौर पर ली गई रिश्वत के रूप में वर्गीकृत किया था। इस बीच, केरल राज्य सरकार ने विजयन, वीना और रियास के विरुद्ध मामला दर्ज करने के ईडी के अनुरोध पर आगे की कार्रवाई से पहले कानूनी सलाह मांगी है।
रियास और 'रेड डायरी' विवाद
इस नए घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए मोहम्मद रियास ने कहा कि ईडी की जांच का सामना कर चुके लोगों के अनुभवों के आधार पर, एजेंसी का व्यवहार किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि डायरी में जो जानकारी थी, वह वीना की भविष्य की व्यावसायिक योजनाओं से संबंधित थी, क्योंकि वह एक नया व्यवसाय शुरू करने की तैयारी में थीं। इससे पहले, केरल कांग्रेस के नेता और मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कहा था कि विजयन और रियास 'रेड डायरी' के बारे में परस्पर विरोधाभासी बयान दे रहे हैं — जहाँ विजयन ने ऐसी किसी डायरी के अस्तित्व से इनकार किया, वहीं रियास ने उसके होने की बात स्वीकार की।
आगे की राह
यह मामला अब कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा जा रहा है — न्यायिक, राजनीतिक और प्रशासनिक। सुरेश कुमार के हलफनामे से ईडी की जांच की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं, जबकि राज्य सरकार का रुख अभी तय होना बाकी है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि न्यायालय और जांच एजेंसियाँ इस नए मोड़ पर किस प्रकार की प्रतिक्रिया देती हैं।