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यूसीसी विवाद: यूपी के उपमुख्यमंत्रियों ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना, बोले- 'सपा के पास न एजेंडा, न नीति'

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यूसीसी विवाद: यूपी के उपमुख्यमंत्रियों ने अखिलेश यादव पर साधा निशाना, बोले- 'सपा के पास न एजेंडा, न नीति'

सारांश

यूसीसी को 'अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पीरेसी' बताने पर अखिलेश यादव को यूपी के दोनों उपमुख्यमंत्रियों का करारा जवाब मिला। ब्रजेश पाठक ने सपा शासन की अराजकता याद दिलाई, तो केशव मौर्य ने यूसीसी को BJP का दशकों पुराना वैचारिक एजेंडा बताया। यह सियासी तकरार आने वाले चुनावी समर की आहट है।

मुख्य बातें

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव की यूसीसी-संबंधी टिप्पणी को 'अनर्गल बयानबाजी' करार दिया और कहा कि सपा के पास न एजेंडा है, न नीति।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यूसीसी को BJP का दीर्घकालिक वैचारिक मुद्दा बताया और कहा कि NDA शासित राज्यों में इसे लागू किया जाएगा।
अखिलेश यादव ने एक्स पर यूसीसी को 'अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पीरेसी' बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की घोषणा पर कटाक्ष किया था।
उत्तराखंड पहले ही यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन चुका है।
यह विवाद 16 सितंबर को लखनऊ में सामने आया और आगामी चुनावी रणनीति का अहम मुद्दा बन सकता है।

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर छिड़े सियासी संग्राम में उत्तर प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्रियों ने 16 सितंबर को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने अखिलेश के बयान को 'अनर्गल बयानबाजी' करार दिया और कहा कि सपा के पास न कोई एजेंडा है, न कोई नीति। यह प्रतिक्रिया तब आई जब अखिलेश यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यूसीसी को 'अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पीरेसी' बताते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा था।

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक का पलटवार

उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश यादव के यूसीसी-संबंधी बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, 'समाजवादी पार्टी के मुखिया हमेशा ऐसे ही अनर्गल बयानबाजी करते रहते हैं। उनके पास कोई एजेंडा और कोई नीति नहीं है। लोगों को बरगलाना, झुठलाना, किसी तरह से सत्ता प्राप्त करना, इसके सिवा उनके पास कोई काम नहीं है।'

पाठक ने आगे कहा कि सपा के शासनकाल की गुंडई, अराजकता और दंगों की यादें आज भी प्रदेश की जनता के जेहन में ताज़ा हैं और जनता न तो सपा को स्वीकार करेगी, न माफ करेगी।

केशव प्रसाद मौर्य ने बताया वैचारिक मुद्दा

उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यूसीसी को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दीर्घकालिक वैचारिक एजेंडा बताया। उन्होंने कहा, 'उन्होंने जो कहा है वो तो हमारा वैचारिक मुद्दा है। जिन राज्यों में भाजपा की और एनडीए की सरकार है, वहाँ तो लागू करेंगे। अभी जहाँ पर सरकार नहीं है, वहाँ सरकार बनने के बाद इसे लागू करेंगे।'

मौर्य ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव को यह जानना चाहिए कि भारतीय जनसंघ की स्थापना से लेकर आज तक यूसीसी जैसे मुद्दे BJP के मूल एजेंडे का हिस्सा रहे हैं।

अखिलेश यादव का मूल बयान

इससे पहले सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की यूसीसी संबंधी घोषणा पर कटाक्ष किया था। उन्होंने लिखा, 'जनता समझ चुकी है कि भाजपा जिस यूसीसी की बात कर रही है, दरअसल उसकी फुल फॉर्म कुछ और है। यूसीसी मतलब 'अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पीरेसी'।' उन्होंने यह भी माँग की कि 'पहले पिछले वादे निभाओ, यूसीसी फिर बाद में लाओ।'

यूसीसी विवाद का व्यापक संदर्भ

गौरतलब है कि यूसीसी लंबे समय से BJP के घोषणापत्र का हिस्सा रहा है और हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इसे BJP-NDA शासित राज्यों में लागू करने की बात कही थी। उत्तराखंड पहले ही यूसीसी लागू करने वाला पहला राज्य बन चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल इसे चुनावी ध्रुवीकरण का औज़ार बता रहे हैं, जबकि BJP इसे संवैधानिक समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम मानती है। आलोचकों का कहना है कि यूसीसी को लेकर बहस में कानूनी बारीकियों की जगह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप हावी हो रहे हैं।

आगे क्या

यूसीसी पर यह सियासी तकरार आने वाले दिनों में और तेज़ होने के संकेत हैं, खासकर जब BJP-NDA शासित अन्य राज्यों में इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुद्दा उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में आगामी चुनावी रणनीति का केंद्र बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह भी उसी सतही बहस को आगे बढ़ाता है। दूसरी ओर, BJP के उपमुख्यमंत्रियों का जवाब सपा के शासनकाल की याद दिलाने तक सीमित रहा — यूसीसी के क्रियान्वयन की ठोस रूपरेखा पर कोई बात नहीं हुई। जब तक दोनों पक्ष कानूनी तर्कों की जगह राजनीतिक बयानबाजी को तरजीह देते रहेंगे, आम नागरिक इस बहस के केंद्र से बाहर ही रहेगा।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूसीसी पर अखिलेश यादव ने क्या कहा था?
अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर यूसीसी को 'अंडरग्राउंड कम्युनल कांस्पीरेसी' बताया और केंद्र सरकार से कहा कि पहले पुराने वादे पूरे करें, यूसीसी बाद में लाएं। यह टिप्पणी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की यूसीसी संबंधी घोषणा के जवाब में आई थी।
यूपी के उपमुख्यमंत्रियों ने अखिलेश यादव को क्या जवाब दिया?
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अखिलेश के बयान को 'अनर्गल बयानबाजी' बताते हुए कहा कि सपा के पास न एजेंडा है, न नीति। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने यूसीसी को BJP का दशकों पुराना वैचारिक मुद्दा बताया और कहा कि NDA शासित राज्यों में इसे लागू किया जाएगा।
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) क्या है और यह विवादास्पद क्यों है?
यूसीसी एक ऐसा कानून है जो विवाह, तलाक, उत्तराधिकार जैसे व्यक्तिगत मामलों में सभी धर्मों के नागरिकों पर समान नियम लागू करेगा। यह BJP के घोषणापत्र का हिस्सा रहा है, जबकि विपक्ष इसे धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर हमला बताता है।
क्या यूसीसी किसी राज्य में लागू हो चुका है?
हाँ, उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन चुका है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संकेत दिया है कि अन्य BJP-NDA शासित राज्यों में भी इसे लागू किया जाएगा।
यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर डालेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार यूसीसी उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में आगामी चुनावी रणनीति का केंद्रीय मुद्दा बन सकता है। BJP इसे संवैधानिक समानता के प्रतीक के रूप में पेश कर रही है, जबकि सपा इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का प्रयास बता रही है।
राष्ट्र प्रेस
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