सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामला: वीना की डायरी में हवाला के सबूत, रियास बोले — 'राजनीतिक साजिश'
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में नए और संवेदनशील खुलासे किए हैं, जिनसे केरल में सियासी हलचल तेज हो गई है। 15 सितंबर 2026 को मीडिया में आई रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी टी. वीना विजयन से जुड़ी कथित डायरी के कुछ पन्नों में हवाला लेनदेन के साक्ष्य मिले हैं। यह खुलासा ऐसे नाज़ुक समय पर आया है जब भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआई(एम)] की तीन दिवसीय विस्तारित राज्य समिति की बैठक कोझिकोड में चल रही थी।
ईडी के आरोप और जब्त दस्तावेज
ईडी ने राज्य पुलिस प्रमुख को 25 पन्नों का एक विस्तृत पत्र भेजा है, जिसका विवरण रिपोर्टों में सामने आया है। एजेंसी का आरोप है कि 27 मई को तिरुवनंतपुरम स्थित एक किराए के मकान पर हुई छापेमारी के दौरान जब्त दस्तावेजों में मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले। यह वही मकान था जहाँ वीना अपने पिता पिनाराई विजयन के साथ रही थीं।
रिपोर्टों के मुताबिक, एजेंसी ने आरोप लगाया है कि पैसा विदेश भेजने के लिए हवाला चैनलों का सहारा लिया गया। ईडी ने यह भी दावा किया है कि वीना ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे नोट्स उन्हीं के लिखे हुए हैं।
व्हाट्सएप ग्रुप और रियास की कथित भूमिका
रिपोर्टों के अनुसार, एजेंसी ने 16 सदस्यीय व्हाट्सएप ग्रुप की पहचान की है, जिसमें पूर्व मंत्री और वीना के पति पी.ए. मोहम्मद रियास के स्टाफ, मित्र और सहयोगी शामिल बताए जाते हैं। इस ग्रुप में एक नंबर कथित तौर पर मंत्री रियास के नाम से सेव था। ईडी ने कोदुवल्ली के एक निवासी की भी हवाला ऑपरेशन में संभावित भूमिका को लेकर पहचान की है।
एजेंसी ने आरोप लगाया है कि वीना और रियास मई 2024 में दुबई की एक यात्रा के दौरान नकदी ले जाने और वीना के नाम पर एक बेनामी गारमेंट व्यवसाय स्थापित करने के प्रयास में साथ गए थे।
सीपीआई(एम) की चुप्पी
यह खुलासा ऐसे समय आया है जब सीपीआई(एम) की विस्तारित राज्य समिति की बैठक मुख्यतः वाम मोर्चे की चुनावी हार और राजनीतिक ज़मीन गँवाने पर मंथन के लिए बुलाई गई थी। मंगलवार सुबह जब पार्टी के महासचिव एम.ए. बेबी और राज्य सचिव एम.वी. गोविंदन बैठक स्थल पहुँचे, तो दोनों ने मीडिया के सवालों पर पूरी तरह चुप्पी साध ली।
रियास का पलटवार
पूर्व मंत्री पी.ए. मोहम्मद रियास ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे उनकी और परिवार की छवि धूमिल करने की 'जानबूझकर रची गई साजिश' बताया। रियास ने कहा, 'अगर ये महत्वपूर्ण सबूत हैं, तो क्या इसे इस तरह जारी किया जाएगा?' उन्होंने यह भी कहा कि यह दावा पूरी तरह झूठ है कि वीना ने स्वीकार किया कि पैसा काला धन था।
रियास ने दावा किया कि वीना से तीन बार पूछताछ हुई, लेकिन ईडी ने उनसे हवाला लेनदेन के बारे में एक भी सवाल नहीं पूछा। उन्होंने खुलासे के समय पर भी सवाल उठाया और कहा कि यह उसी दिन सामने आया जिस दिन सीपीआई(एम) की बैठक समाप्त हुई। आरोपों को 'सटीक लिखी गई स्क्रिप्ट' करार देते हुए उन्होंने व्यंग्य किया कि इसके पीछे वालों को 'सर्वश्रेष्ठ पटकथा का राष्ट्रीय पुरस्कार' मिलना चाहिए। रियास ने स्पष्ट किया कि वे कानूनी रूप से इन आरोपों का मुकाबला करेंगे।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि रियास सीपीआई(एम) की राज्य इकाई की अहम निकाय, स्टेट सेक्रेटेरिएट कमेटी के सदस्य हैं, जिससे इस प्रकरण के पार्टी की आंतरिक राजनीति पर भी असर पड़ने की संभावना है। ईडी जाँच आगे कहाँ जाती है और पार्टी किस रुख के साथ सामने आती है — यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।