22 अगस्त 2026
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पिनराई विजयन का ईडी को करारा जवाब: 'मेरे और मेरे परिवार के हाथ साफ हैं', वीणा मामले में बोले विपक्ष नेता

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पिनराई विजयन का ईडी को करारा जवाब: 'मेरे और मेरे परिवार के हाथ साफ हैं', वीणा मामले में बोले विपक्ष नेता

सारांश

केरल के विपक्ष नेता पिनराई विजयन ने ईडी के हवाला आरोपों पर पहली बार सीधे जवाब दिया — दोनों हाथ उठाकर परिवार की बेगुनाही का दावा किया, जांच को राजनीतिक साजिश बताया और मलयाला मनोरमा पर मनगढ़ंत खबरों का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

पिनराई विजयन ने 22 अगस्त को त्रिशूर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ईडी के हवाला आरोपों को सिरे से खारिज किया।
विजयन ने कहा कि उनके परिवार का कोई भी सदस्य, जिसमें वे खुद भी शामिल हैं, किसी भी हवाला लेन-देन में शामिल नहीं रहा।
उन्होंने ईडी के सार्वजनिक प्रेस बयान में 'पूर्व मुख्यमंत्री' के रूप में उनका नाम लिए जाने पर सवाल उठाया और इसे राजनीतिक प्रेरित बताया।
वीणा विजयन ने जांच में शुरू से सहयोग किया है और आगे भी करती रहेंगी — विजयन का बयान।
विजयन ने 1996 की सीबीआई जांच का हवाला देते हुए कहा कि तब भी उन्हें बरी किया गया था।
मलयाला मनोरमा पर उन्होंने मनगढ़ंत और पक्षपाती रिपोर्टिंग का आरोप लगाया।

केरल के विपक्ष नेता पिनराई विजयन ने 22 अगस्त को त्रिशूर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के हालिया बयान पर अपनी पहली सीधी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दोनों हाथ ऊपर उठाते हुए दृढ़ता से कहा कि न वे और न ही उनके परिवार का कोई सदस्य किसी भी प्रकार के हवाला लेन-देन में संलिप्त रहा है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ईडी द्वारा उनकी बेटी वीणा विजयन से जुड़ी हवाला जांच के सिलसिले में सार्वजनिक बयान जारी किए जाने के बाद बुलाई गई थी।

विजयन का स्पष्ट इनकार

विजयन ने कहा, 'मुझे पूरा भरोसा है कि मेरे परिवार में से कोई भी, जिसमें मैं भी शामिल हूं, किसी भी तरह के हवाला लेन-देन में शामिल नहीं रहा है।' उन्होंने ईडी की कार्यवाही में अपना नाम जोड़े जाने की कोशिशों को राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया। विजयन ने यह भी जोड़ा कि वीणा ने जांच में शुरू से सहयोग किया है और भविष्य में भी करती रहेंगी।

ईडी के प्रेस बयान पर सवाल

विजयन ने ईडी के इस फैसले पर आपत्ति जताई कि एजेंसी ने जांच संबंधी जानकारी सार्वजनिक प्रेस बयान के रूप में जारी की, जिसमें उन्हें 'पी. विजयन, पूर्व मुख्यमंत्री' के रूप में संदर्भित किया गया। उन्होंने कहा, 'आम तौर पर ऐसे मामलों में इस तरह के प्रेस बयान जारी नहीं किए जाते — उन्हें वेबसाइट पर डाला जाता है। मेरा नाम इस तरह क्यों लिया गया?' विजयन के अनुसार, उनका नाम जानबूझकर इसलिए शामिल किया गया ताकि यह धारणा बनाई जा सके कि वे भी आरोपों से जुड़े हैं।

1996 की सीबीआई जांच का संदर्भ

विपक्ष नेता ने 1996 की उस घटना का उल्लेख किया जब एक व्यक्ति सीबीआई के सामने पेश हुआ और दावा किया कि उसने उन्हें ₹1 या ₹2 करोड़ दिए थे — कथित तौर पर इस उम्मीद में कि विजयन अगले बिजली मंत्री बनेंगे। उन्होंने बताया कि उन्होंने उस जांच में पूरा सहयोग किया और बाद में उन्हें बरी कर दिया गया। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब विजयन पर इस तरह के आरोप लगे हों — वे इसे एक दीर्घकालिक राजनीतिक पैटर्न बताते हैं।

मीडिया पर आरोप

विजयन ने मलयाला मनोरमा मीडिया संगठन पर बार-बार उन्हें निशाना बनाने और मनगढ़ंत खबरें प्रकाशित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'अगर मामला पिनराई विजयन के खिलाफ हो, तो उन्हें लगता है कि कुछ भी लिखा जा सकता है।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके और उनके परिवार के बारे में विवाद पैदा करने की जानबूझकर कोशिश की जा रही है।

आगे क्या होगा

विश्लेषकों का मानना है कि विजयन की इस सीधी प्रतिक्रिया से ईडी जांच और उनकी बेटी से जुड़े आरोपों को लेकर चल रही राजनीतिक लड़ाई और तेज होने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में विधानसभा चुनाव की सरगर्मियां धीरे-धीरे बढ़ रही हैं और विपक्ष की हर कमज़ोरी सत्तापक्ष के लिए राजनीतिक हथियार बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विजयन की 1996 की बरी होने की दलील यह नहीं बताती कि मौजूदा जांच में क्या सामने आया है — यह अंतर महत्वपूर्ण है। केरल की राजनीति में यह मामला सिर्फ कानूनी नहीं, बल्कि चुनावी हथियार बनने की पूरी क्षमता रखता है।
RashtraPress
22 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पिनराई विजयन और ईडी के बीच विवाद क्या है?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विजयन की बेटी वीणा विजयन से जुड़ी हवाला लेन-देन की जांच के सिलसिले में एक सार्वजनिक बयान जारी किया, जिसमें पिनराई विजयन को 'पूर्व मुख्यमंत्री' के रूप में संदर्भित किया गया। इस पर विजयन ने आपत्ति जताते हुए इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।
वीणा विजयन पर क्या आरोप हैं?
ईडी ने वीणा विजयन से जुड़े हवाला लेन-देन की जांच शुरू की है। हालांकि, पिनराई विजयन ने कहा कि वीणा ने शुरू से जांच में सहयोग किया है और आगे भी करती रहेंगी। आरोपों का विस्तृत ब्यौरा ईडी के सार्वजनिक बयान पर आधारित है।
पिनराई विजयन ने ईडी की प्रक्रिया पर क्या सवाल उठाए?
विजयन ने कहा कि आमतौर पर ऐसी जांच की जानकारी एजेंसी की वेबसाइट पर डाली जाती है, न कि प्रेस बयान के रूप में जारी की जाती है। उन्होंने सवाल किया कि उनका नाम विशेष रूप से क्यों शामिल किया गया, और इसे एक सुनियोजित छवि-हनन की कोशिश बताया।
1996 में विजयन पर क्या आरोप लगे थे और क्या हुआ था?
1996 में एक व्यक्ति सीबीआई के सामने पेश हुआ और दावा किया कि उसने विजयन को ₹1 या ₹2 करोड़ दिए थे — कथित तौर पर इस उम्मीद में कि वे बिजली मंत्री बनेंगे। विजयन ने जांच में पूरा सहयोग किया और बाद में उन्हें बरी कर दिया गया।
मलयाला मनोरमा पर विजयन ने क्या आरोप लगाए?
पिनराई विजयन ने मलयाला मनोरमा पर बार-बार उन्हें निशाना बनाने और मनगढ़ंत खबरें प्रकाशित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि उनके और उनके परिवार के बारे में जानबूझकर विवाद पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
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