20 अगस्त 2026
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वीणा विजयन-ईडी मामले में सीपीआई ने झाड़ा पल्ला, बिनॉय विश्वम बोले — 'पार्टी का कोई लेना-देना नहीं'

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वीणा विजयन-ईडी मामले में सीपीआई ने झाड़ा पल्ला, बिनॉय विश्वम बोले — 'पार्टी का कोई लेना-देना नहीं'

सारांश

सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में ईडी की जांच ने केरल की वामपंथी राजनीति को कठघरे में खड़ा कर दिया है। सीपीआई ने पल्ला झाड़ा, भाजपा ने इस्तीफ़े की माँग की और AAP ने अलग मोर्चा खोला — पर असली सवाल जवाबदेही का है।

मुख्य बातें

सीपीआई राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने 20 अगस्त को वीणा विजयन से जुड़े ईडी मामले से पार्टी को पूरी तरह अलग घोषित किया।
ईडी के अनुसार जांच में ₹20 करोड़ से अधिक के वित्तीय लेन-देन और कथित तौर पर ₹85 लाख हवाला के ज़रिए दुबई भेजने के दस्तावेज़ मिले हैं — आरोप अदालत में अभी अप्रमाणित हैं।
भाजपा उपाध्यक्ष शोन जॉर्ज ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से विपक्ष नेता पद से इस्तीफ़े की माँग की।
AAP केरल प्रमुख साबू जैकब ने पूर्व मंत्री मोहम्मद रियास के सीपीआई (एम) सचिवालय से इस्तीफ़े की माँग की।
कोडियेरी बालकृष्णन का हवाला दिया गया, जिन्होंने बेटे के ईडी दायरे में आने पर पार्टी पद छोड़ा था — जवाबदेही की तुलना में विश्वम का रुख़ विपरीत है।

सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के नतीजों के सामने आने के बाद केरल की राजनीति में भूचाल आ गया है। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने गुरुवार, 20 अगस्त को स्पष्ट किया कि पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन से पार्टी का कोई संबंध नहीं है। इस बयान के बाद विपक्षी दलों — भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस — ने वामपंथी नेतृत्व पर हमले और तेज़ कर दिए हैं।

मुख्य घटनाक्रम

ईडी ने आरोप लगाया है कि जांच के दौरान बरामद दस्तावेज़ों में ₹20 करोड़ से अधिक के वित्तीय लेन-देन का विवरण मिला है। इसके अलावा, कथित तौर पर ₹85 लाख विदेशी हवाला चैनल के ज़रिए दुबई भेजे गए। हालाँकि, ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और किसी न्यायालय द्वारा इनकी पुष्टि नहीं की गई है।

सीपीआई के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने साफ़ शब्दों में कहा, 'सीपीआई इसका हिस्सा नहीं है और ऐसी लेन-देन की व्यवस्थाओं में उसकी कोई भूमिका नहीं है। हमारी इसमें कोई दिलचस्पी नहीं है और न ही हमारी इसमें कोई भूमिका होगी।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'वामपंथी राजनीति और व्यापार पूरी तरह से अलग-अलग हैं।'

भाजपा का पलटवार

राज्य भाजपा उपाध्यक्ष शोन जॉर्ज, जो लगभग दो वर्षों से इस मामले को उठाते रहे हैं, ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर सीधा निशाना साधा। जॉर्ज ने आरोप लगाया कि यह घटनाक्रम उस कथित भ्रष्टाचार का विस्तार है जो विजयन के राज्य के बिजली मंत्री रहते शुरू हुआ था। उनका दावा है कि वीणा से जुड़ी कंपनियों का कथित तौर पर मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल किया गया।

जॉर्ज ने यह भी सवाल उठाया कि वीणा विजयन ने सामने आए वित्तीय रिकॉर्ड पर न तो कोई आपत्ति जताई और न ही अपनी कंपनी के विरुद्ध लगे आरोपों पर कोई कानूनी कार्रवाई शुरू की। उन्होंने मांग की कि पिनाराई विजयन केरल में विपक्ष के नेता पद से तत्काल इस्तीफ़ा दें।

आम आदमी पार्टी की माँग

आम आदमी पार्टी (AAP) के केरल प्रमुख और उद्योगपति साबू जैकब ने पूर्व मंत्री मोहम्मद रियास के विरुद्ध अलग से कार्रवाई की माँग की। उन्होंने ईडी जांच के नतीजों का हवाला देते हुए कहा कि रियास को सीपीआई (एम) राज्य सचिवालय से इस्तीफ़ा देना चाहिए।

जैकब ने यह भी सवाल उठाया कि एक आईटी इंजीनियर के रूप में वीणा विजयन के पास कंसल्टेंट के तौर पर भारी शुल्क लेने की पेशेवर विशेषज्ञता कहाँ से आई। उन्होंने सीपीआई (एम) के पूर्व राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन का उदाहरण दिया, जिन्होंने अपने बेटे बिनीश कोडियेरी के ईडी की जांच के दायरे में आने के बाद पार्टी पद से इस्तीफ़ा दे दिया था।

राजनीतिक जवाबदेही का सवाल

गौरतलब है कि कांग्रेस ने सबसे पहले पिनाराई विजयन और सीपीआई (एम) की आलोचना शुरू की थी। अब वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के सामने यह अहम सवाल उठ रहा है कि यदि किसी कांग्रेस या संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) नेता पर ऐसे आरोप लगते, तो क्या वामपंथी खेमा इसी तरह राजनीतिक दूरी बनाने पर संतुष्ट रहता।

विश्वम ने स्पष्टीकरण या जवाबदेही की माँग करने के बजाय सिर्फ यह कहा कि इन लेन-देन से पार्टी का कोई लेना-देना नहीं — यह रुख़ आलोचकों को नाकाफ़ी लग रहा है।

आगे क्या होगा

जांच अभी जारी है और यह विवाद अब केवल वीणा विजयन के व्यावसायिक लेन-देन तक सीमित नहीं रहा — यह केरल में वामपंथी राजनीति की नैतिक साख और आंतरिक जवाबदेही के बड़े सवाल में तब्दील हो चुका है। अदालती प्रक्रिया और ईडी की आगामी रिपोर्ट इस मामले की दिशा तय करेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन नैतिक रूप से अपर्याप्त। जब कोडियेरी बालकृष्णन ने अपने बेटे के मामले में पद छोड़ा था, तो सीपीआई ने उसे जवाबदेही की मिसाल बताया था — अब वही पार्टी मात्र दूरी बनाने पर संतुष्ट है। ईडी के आरोप अभी अदालत में अप्रमाणित हैं, लेकिन राजनीतिक जवाबदेही के लिए दोषसिद्धि की प्रतीक्षा नहीं होती। केरल में वामपंथी राजनीति की विश्वसनीयता इस बात पर टिकी है कि वह अपने सहयोगियों पर वही मानदंड लागू करे जो वह विपक्ष से माँगती है।
RashtraPress
20 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीएमआरएल-एक्सालॉजिक ईडी मामला क्या है?
यह प्रवर्तन निदेशालय की एक जांच है जिसमें पूर्व केरल मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन से जुड़ी कंपनियों पर कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं। ईडी का दावा है कि जांच में ₹20 करोड़ से अधिक के लेन-देन और ₹85 लाख हवाला के ज़रिए दुबई भेजने के दस्तावेज़ मिले हैं — ये आरोप अभी अदालत में अप्रमाणित हैं।
सीपीआई ने इस मामले से खुद को क्यों अलग किया?
सीपीआई राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने 20 अगस्त को स्पष्ट किया कि पार्टी की ऐसी व्यावसायिक व्यवस्थाओं में न कोई भूमिका है और न कोई दिलचस्पी। उनका कहना है कि वामपंथी राजनीति और व्यापार पूरी तरह अलग-अलग हैं।
भाजपा ने इस मामले में क्या माँग की है?
भाजपा उपाध्यक्ष शोन जॉर्ज ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता पद से तत्काल इस्तीफ़े की माँग की है। उनका आरोप है कि वीणा से जुड़ी कंपनियाँ कथित मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल की गईं।
AAP ने किस पर और क्या आरोप लगाए?
AAP केरल प्रमुख साबू जैकब ने पूर्व मंत्री मोहम्मद रियास से सीपीआई (एम) राज्य सचिवालय से इस्तीफ़े की माँग की। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि एक आईटी इंजीनियर के रूप में वीणा विजयन के पास कंसल्टेंट के तौर पर भारी शुल्क लेने की योग्यता कहाँ से आई।
कोडियेरी बालकृष्णन का उदाहरण इस मामले में क्यों प्रासंगिक है?
सीपीआई (एम) के पूर्व राज्य सचिव कोडियेरी बालकृष्णन ने अपने बेटे बिनीश कोडियेरी के ईडी की जांच के दायरे में आने के बाद पार्टी पद से इस्तीफ़ा दे दिया था। आलोचकों का कहना है कि विश्वम का महज दूरी बनाने वाला रुख़ उसी जवाबदेही की मिसाल से कमतर है।
राष्ट्र प्रेस
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