सीपीआई(एम) की कोझिकोड बैठक 13 सितंबर से, ईडी विवाद के बीच पिनाराई विजयन की भूमिका पर टिकी नजरें
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीआई(एम) की केरल राज्य समिति की महत्वपूर्ण तीन दिवसीय बैठक रविवार, 13 सितंबर को कोझिकोड में औपचारिक रूप से आरंभ हो रही है। इस बैठक में पार्टी अपनी हालिया चुनावी हार का विस्तृत विश्लेषण करेगी, लेकिन सबसे बड़ा सवाल पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के प्रभाव और उनकी भूमिका को लेकर है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा विजयन की बेटी वीणा की अब बंद हो चुकी आईटी कंपनी से जुड़े मासिक भुगतान मामले में एफआईआर दर्ज करने की माँग ने इस बैठक के राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है।
ईडी की कार्रवाई और विजयन का रुख
शनिवार को ईडी की कार्रवाई सामने आने के बाद जब विजयन पहली बार मीडिया के सामने आए, तो उन्होंने दोनों मुद्दों — चुनावी समीक्षा और ईडी विवाद — को अलग-अलग रखने की स्पष्ट कोशिश की। बैठक में ईडी प्रकरण उठाए जाने के सवाल पर विजयन ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'आप क्या पूछ रहे हैं? इसका हमारी बैठक से कोई लेना-देना नहीं है।' हालाँकि, राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नज़र इस बात पर रहेगी कि ईडी का मुद्दा बैठक कक्ष के बाहर रह पाता है या भीतर भी गूँजता है।
चुनावी हार की समीक्षा और पार्टी की रणनीति
यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब सीपीआई(एम) अपनी सबसे बड़ी चुनावी हार के कारणों की पड़ताल करने की तैयारी में है। संगठनात्मक कमज़ोरियों, जनाधार में आई गिरावट और सुधारात्मक उपायों पर व्यापक चर्चा अपेक्षित है। गौरतलब है कि ईडी की ताज़ा कार्रवाई ने पार्टी नेतृत्व को विजयन के समर्थन में एकजुट होने का एक अतिरिक्त आधार दे दिया है — नेतृत्व इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई के रूप में पेश कर रहा है।
विजयन के नेतृत्व को चुनौती की संभावना कम
पार्टी सूत्रों के अनुसार, राज्य समिति के लगभग 90 प्रतिशत प्रतिनिधि कथित तौर पर विजयन के समर्थक माने जाते हैं, जिससे उनके नेतृत्व को तत्काल किसी गंभीर चुनौती की आशंका नहीं है। नेतृत्व यह सुनिश्चित करना चाहता है कि चुनावी समीक्षा, विजयन के खुले परीक्षण में तब्दील न हो जाए। फिर भी, वरिष्ठ नेताओं पी. जयराजन, एएन शमसीर और थॉमस इसाक के रुख पर विशेष ध्यान रहेगा — ये नेता चुनावी प्रदर्शन और संगठनात्मक मुद्दों पर सवाल उठा सकते हैं, लेकिन विजयन पर प्रत्यक्ष हमले की संभावना कम आँकी जा रही है।
मासिक भुगतान विवाद पर पार्टी का पक्ष
पार्टी नेतृत्व द्वारा वीणा से जुड़े मासिक भुगतान विवाद पर व्यापक बहस का विरोध करने की उम्मीद है, क्योंकि विजयन और विधायक पीए मोहम्मद रियास — जो वीणा के पति हैं — पहले ही अपनी सफाई दे चुके हैं। दूसरी ओर, लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) ने अपेक्षाकृत सतर्क रुख अपनाया है। सीपीआई के राज्य सचिव बिनॉय विश्वम ने कहा कि उन्हें विजयन से जुड़े मामले की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन यह भी जोड़ा कि लेफ्ट गठबंधन केंद्रीय एजेंसियों के किसी भी कथित दुरुपयोग का राजनीतिक स्तर पर विरोध करेगा।
आगे क्या होगा
सीपीआई(एम) के लिए तात्कालिक चुनौती यह है कि चुनावी समीक्षा को नेतृत्व पर बड़ी बहस में बदलने से कैसे रोका जाए। ईडी विवाद ने इस बहस के राजनीतिक संदर्भ को निश्चित रूप से बदला है। क्या यह विवाद अंततः विजयन के लिए फ़ायदेमंद साबित होगा — उन्हें 'शिकार' की छवि देकर — या फिर पहले से कठिन समीक्षा प्रक्रिया में एक और विवादित परत जोड़ेगा, यह तीन दिनों की कार्यवाही के बाद ही स्पष्ट होगा।