के. सुरेंद्रन का आरोप: केरल CM सतीशन मुस्लिम लीग और जमात ए इस्लामी के आगे नतमस्तक
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय सचिव के. सुरेंद्रन ने शनिवार, 3 अक्टूबर 2026 को कोझिकोड में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि सतीशन की सरकार इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) और जमात ए इस्लामी के नियंत्रण में काम कर रही है और मुख्यमंत्री इन संगठनों के समक्ष 'दंडवत नमस्कार' की मुद्रा में हैं। उल्लेखनीय है कि ये सभी बयान राजनीतिक आरोप हैं, जिनकी पुष्टि के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोई स्वतंत्र दस्तावेज़ या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए गए।
मुख्य आरोप: सरकार पर संगठनों का कब्ज़ा
सुरेंद्रन ने कहा, "वी.डी. सतीशन और उनकी सरकार मुस्लिम लीग और जमात ए इस्लामी के कब्जे में है।" उन्होंने दावा किया कि IUML के पास मौजूदा सरकार में कैबिनेट स्तर के छह पद हैं — जिनमें पाँच मंत्री महत्वपूर्ण विभाग संभाल रहे हैं और एक पद प्रशासनिक सुधार आयोग के अध्यक्ष का है।
BJP नेता ने कहा कि केरल के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार है जब IUML के पास इतने कैबिनेट स्तरीय पद हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि ओमन चांडी सरकार के दौरान जब IUML ने पाँचवें मंत्री की माँग की थी, तब वह बड़ा राजनीतिक विवाद बना था।
यूडीएफ सरकार के 130 दिन: भाजपा का मूल्यांकन
सुरेंद्रन ने कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) सरकार के 130 दिन पूरे होने के बाद केरल की जनता भी यह समझ चुकी है कि राज्य का शासन किनके हाथों में है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों ने पिछली वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) सरकार के कथित कुशासन, भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद से मुक्ति के लिए UDF को वोट दिया था, किंतु अब बिजली कटौती और बेरोज़गारी की समस्याएँ बनी हुई हैं।
गौरतलब है कि सुरेंद्रन के ये दावे BJP का दृष्टिकोण दर्शाते हैं। सतीशन सरकार या IUML की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया प्रेस कॉन्फ्रेंस के समय तक सामने नहीं आई थी।
वादे और विफलताएँ: BJP के दावे
सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि 'इंदिरा गारंटी' के तहत किए गए पाँच आश्वासनों में से केवल एक को ही लागू किया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि लोक सेवा आयोग (PSC) की रैंक लिस्ट की वैधता बढ़ाने का वादा पूरा नहीं हुआ और सबरीमाला जाँच को कमज़ोर किया जा रहा है।
BJP नेता ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और उनके परिवार को बचाने में लगी है। उन्होंने यह भी कहा कि IUML और जमात ए इस्लामी के दबाव में PM SHRI (प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) योजना को लागू करने से परहेज़ किया जा रहा है।
BJP कार्यालय हमले का संदर्भ
सुरेंद्रन ने तिरुवनंतपुरम में BJP कार्यालय पर हुए हमले का उल्लेख करते हुए इसे सरकार की कथित IUML निर्भरता से जनता का ध्यान भटकाने की कथित रणनीति से जोड़ा। उन्होंने कहा कि राज्य में जानबूझकर विवाद खड़े किए जा रहे हैं। यह आरोप भी सुरेंद्रन का अपना राजनीतिक विश्लेषण है, जिसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं किया जा सका है।
आगे की राजनीतिक तस्वीर
यह ऐसे समय में आया है जब केरल में UDF सरकार को अभी शुरुआती चरण में ही विपक्ष के कड़े तेवरों का सामना करना पड़ रहा है। BJP, जो राज्य में अपनी उपस्थिति मज़बूत करने की कोशिश में है, लगातार ऐसे मुद्दे उठा रही है जो UDF के भीतर संभावित दरारों को सार्वजनिक बहस में ला सकें। सतीशन सरकार की प्रतिक्रिया और IUML का रुख आने वाले दिनों में केरल की राजनीति की दिशा तय करेगा।