केरल UDF कैबिनेट: सतीशन के शपथ से पहले अंतिम दौर की बातचीत, 21 सदस्यीय मंत्रिमंडल का खाका तैयार
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री-नामित वी.डी. सतीशन के नेतृत्व में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार, 19 मई 2025 को निर्धारित है। इससे ठीक एक दिन पहले, रविवार 18 मई को तिरुवनंतपुरम में कैबिनेट गठन को लेकर गठबंधन के शीर्ष नेताओं के बीच अंतिम दौर की बातचीत जारी रही। 21 सदस्यीय मंत्रिमंडल — जिसमें मुख्यमंत्री भी शामिल हैं — की सूची दोपहर करीब 2 बजे राज्यपाल को सौंपे जाने की उम्मीद जताई गई।
कांग्रेस का दावा और संभावित चेहरे
राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) को मुख्यमंत्री पद सहित 11 मंत्री पद मिलने की संभावना है। कांग्रेस की केरल प्रभारी दीपा दासमुंशी ने पुष्टि की कि चर्चाएँ सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही हैं और मंत्रालयों के स्वरूप पर अंतिम निर्णय उसी दिन होने की उम्मीद है।
कांग्रेस खेमे से जिन नामों पर लगभग सहमति बन चुकी है, उनमें वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला प्रमुख हैं, जिनके गृह मंत्रालय का प्रभार संभालने की संभावना है। इसके अलावा सन्नी जोसेफ, के. मुरलीधरन, तिरुवनचूर राधाकृष्णन, ए.पी. अनिल कुमार, पी.सी. विष्णुनाथ, एम. लिजू, चांडी ओमन और बिंदु कृष्णा के नाम भी सूची में शामिल बताए जा रहे हैं।
IUML को पाँच मंत्री पद, आंतरिक मतभेद भी
गठबंधन की प्रमुख सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को नई सरकार में पाँच मंत्री पद मिलने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, पी.के. कुन्हालीकुट्टी, के.एम. शाजी, एन. शमसुद्दीन और परक्कल अब्दुल्ला के नाम प्राथमिकता में हैं।
हालाँकि, पी.के. बशीर को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने को लेकर IUML के भीतर मतभेद सामने आए हैं। खबरों के अनुसार, पार्टी का एक धड़ा उनकी पदोन्नति पर आपत्ति जता रहा है — यह आंतरिक खींचतान शपथ समारोह से पहले गठबंधन के लिए एक संवेदनशील बिंदु बन गई है।
सतीशन के पास वित्त मंत्रालय रहने के संकेत
सूत्रों का यह भी कहना है कि मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन स्वयं वित्त मंत्रालय जैसा अहम विभाग अपने पास रख सकते हैं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब केरल राजकोषीय दबाव और केंद्र-राज्य वित्तीय विवादों से जूझ रहा है। हालाँकि, विभागों का अंतिम बँटवारा कैबिनेट सूची को औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद ही तय होगा।
गठबंधन की राजनीति और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब UDF ने 2025 केरल विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चे (LDF) को सत्ता से बेदखल कर सरकार बनाने का अधिकार हासिल किया। गौरतलब है कि केरल में गठबंधन-आधारित सरकारों में मंत्री पदों का बँटवारा हमेशा जटिल रहा है — जातीय, धार्मिक और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का संतुलन बनाए रखना UDF के लिए पहले भी चुनौतीपूर्ण रहा है।
शपथ ग्रहण के बाद नई सरकार के सामने तत्काल प्राथमिकताएँ — राज्य के वित्त, बाढ़ पुनर्निर्माण और प्रशासनिक सुधार — स्पष्ट हो जाएँगी। कैबिनेट की अंतिम संरचना से UDF के भीतर सत्ता-साझेदारी की व्यवस्था की पूरी तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।