वी.डी. सतीशन ने किया 20 सदस्यीय यूडीएफ मंत्रिमंडल का ऐलान, सोमवार को शपथ ग्रहण
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए नामित वी.डी. सतीशन ने रविवार, 17 मई 2026 को 20 सदस्यीय यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) मंत्रिपरिषद की घोषणा की, जिससे प्रतिनिधित्व, क्षेत्रीय संतुलन और सहयोगी दलों की हिस्सेदारी को लेकर कई दिनों से चल रहे मंथन पर विराम लग गया। तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में सोमवार सुबह नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा, जो यूडीएफ की प्रचंड चुनावी जीत के बाद केरल में एक नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत होगी।
मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल
नई मंत्रिपरिषद में अनुभवी नेताओं और नई पीढ़ी के चेहरों का संतुलित मिश्रण है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) से रमेश चेन्निथला, सनी जोसेफ, के. मुरलीधरन, ए.पी. अनिल कुमार, पी.सी. विष्णुनाथ, रोजी एम. जॉन, बिंदु कृष्णा, एम. लिजू, टी. सिद्दीकी, के.ए. थुलसी और ओ.जे. जनीश को मंत्रिमंडल में जगह मिली है।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) से पी.के. कुन्हालीकुट्टी, एन. समसुद्दीन, के.एम. शाजी, पी.के. बशीर और वी.ई. अब्दुल गफूर को मंत्री बनाया गया है। इसके अलावा केरल कांग्रेस (जोसेफ) से मॉन्स जोसेफ, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी से शिबू बेबी जॉन, केरल कांग्रेस (जैकब) से अनूप जैकब और कम्युनिस्ट मार्क्सिस्ट पार्टी से सी.पी. जॉन को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है।
गठबंधन धर्म और कांग्रेस की निराशा
सूत्रों के मुताबिक, गठबंधन को शानदार जीत दिलाने के बावजूद सतीशन कांग्रेस को सीमित मंत्रिपद मिलने से कुछ हद तक निराश बताए जा रहे हैं। कांग्रेस ने विधानसभा में 63 सीटें जीती थीं, लेकिन गठबंधन धर्म और सत्ता साझेदारी की मजबूरियों के कारण पार्टी के केवल 11 नेताओं को ही मंत्रिमंडल में जगह मिल सकी। यह ऐसे समय में आया है जब यूडीएफ को एकजुट रखना और सहयोगी दलों को संतुष्ट करना दोनों ही सतीशन के लिए समान रूप से अनिवार्य थे।
आईयूएमएल का भविष्य का वादा
आईयूएमएल के प्रदेश अध्यक्ष सैयद सादिक अली शिहाब थंगल ने घोषणा की कि वरिष्ठ नेता परक्कल अब्दुल्ला को सरकार के कार्यकाल के पहले आधे हिस्से के बाद मंत्रिमंडल में शामिल किया जाएगा। थंगल ने बताया कि यह निर्णय कोझिकोड जिले को मंत्रिमंडल में उचित प्रतिनिधित्व देने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने नई सरकार में आईयूएमएल के पाँच मंत्रियों के नामों की औपचारिक पुष्टि भी की।
क्या होगा आगे
शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही सतीशन सरकार केरल में यूडीएफ के नए शासन की बागडोर संभालेगी। गौरतलब है कि यह गठबंधन लंबे समय बाद सत्ता में लौटा है और नई सरकार के सामने विकास, रोज़गार और गठबंधन प्रबंधन की चुनौतियाँ एक साथ खड़ी हैं। क्षेत्रीय संतुलन और जातीय-धार्मिक प्रतिनिधित्व की यह कसरत आने वाले दिनों में सरकार की स्थिरता की पहली परीक्षा होगी।