केरल चुनाव: कांग्रेस नेता वीडी सतीशन का यूडीएफ की सफलता पर आत्मविश्वास
सारांश
Key Takeaways
- यूडीएफ ने तेज और एकजुट उम्मीदवार चयन प्रक्रिया की।
- सतीशन ने गलत सूचनाओं पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।
- कांग्रेस की सूची में देरी को संरचित प्रक्रिया का परिणाम बताया गया।
- केरल के लोग बदलाव चाहते हैं।
- सतीशन ने 100 सीटों पर जीत का विश्वास व्यक्त किया।
तिरुवनंतपुरम, 20 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केरल विधानसभा के विपक्ष के नेता (एलओपी) वी.डी. सतीशन ने शुक्रवार को कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से सीट वितरण पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने अपने इतिहास में सबसे तेज और सर्वसम्मति से उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पूरी की है।
सतीशन ने तिरुवनंतपुरम में मीडिया के सामने कहा कि यूडीएफ के सभी 140 उम्मीदवारों की घोषणा बिना किसी विवाद के की गई, और यह स्पष्ट किया कि गठबंधन एक संगठित 'टीम यूडीएफ' के रूप में कार्य कर रहा है।
उन्होंने स्वीकार किया कि संबंधित दलों ने अस्थायी समझौते किए, लेकिन यह भी कहा कि प्रक्रिया समावेशी और सर्वसम्मति से संचालित की गई थी।
कांग्रेस की सूची जारी करने में देरी को लेकर हो रही आलोचना को नकारते हुए सतीशन ने स्पष्ट किया कि प्रतियोगियों के विपरीत, पार्टी एक संरचित और परामर्शात्मक प्रक्रिया का पालन करती है।
राज्य नेतृत्व ने मधुसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता वाली स्क्रीनिंग समिति को सिफारिशें प्रस्तुत की, जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के नेतृत्व वाली केंद्रीय चुनाव समिति अंतिम निर्णय लेती है।
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद 48 घंटों में पहली सूची तैयार कर दी गई। उन्होंने इस संक्षिप्त देरी का कारण मिस्त्री की स्वास्थ्य समस्याओं को बताया।
कांग्रेस नेता ने मीडिया के कुछ हिस्सों पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वे पार्टी के भीतर विभाजन की मनगढ़ंत बातें फैला रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले 48 घंटों में कई 'झूठी खबरें' फैलाई गईं, जिसमें के. सुधाकरन और अडूर प्रकाश जैसे सांसदों की चुनावी संभावनाओं पर चर्चा शामिल थी। सतीशन ने विपक्ष के नेता पद से इस्तीफा देने की धमकी देने वाली खबरों का खंडन करते हुए उन्हें बेबुनियाद और अनैतिक बताया।
उन्होंने कुछ चैनलों पर कांग्रेस और यूडीएफ को नुकसान पहुंचाने के लिए अपुष्ट दावों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने का आरोप लगाया और कहा कि ऐसे प्रयासों का चुनाव परिणामों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में भाग लेने वाले सांसदों के बारे में निर्णय पूरी तरह से राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा लिया जाता है और यह विवाद कृत्रिम रूप से उत्पन्न किया गया है।
उन्होंने के.सी. वेणुगोपाल जैसे नेताओं के बीच आंतरिक मतभेदों की खबरों को भी हास्यास्पद बताया। आशा व्यक्त करते हुए सतीशन ने कहा कि यूडीएफ मौजूदा सरकार के खिलाफ मजबूत जनभावना के बल पर 100 से अधिक सीटों के साथ सत्ता में वापस आएगा।
उन्होंने कहा कि गलत सूचनाओं की कोई भी मात्रा हमें पटरी से नहीं उतार सकती। केरल के लोग बदलाव चाहते हैं और यूडीएफ इसे पूरा करेगा।