केरल विधानसभा चुनाव: वीडी सतीशन ने यूडीएफ के लिए 100 से अधिक सीटों की भविष्यवाणी की
सारांश
Key Takeaways
- यूडीएफ का चुनावी अभियान पिछले 30 वर्षों का सबसे उत्साही है।
- सतीशन ने 100 से अधिक सीटों की भविष्यवाणी की है।
- मतदान प्रतिशत में वृद्धि ने आत्मविश्वास को बढ़ाया है।
- स्थानीय निकाय चुनावों में यूडीएफ ने जीत हासिल की है।
- सत्ताधारी एलडीएफ के खिलाफ स्पष्ट सत्ता-विरोधी लहर है।
अलुवा, 10 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केरल में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने शुक्रवार को आत्मविश्वास से भरे स्वर में कहा कि संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) का यह चुनाव प्रचार अभियान पिछले तीन दशकों में सबसे अधिक उत्साहजनक रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन केरल विधानसभा चुनाव में 100 से अधिक सीटें जीतने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सत्तारूढ़ एलडीएफ के खिलाफ स्पष्ट सत्ता-विरोधी लहर के चलते इस गठबंधन को यह सफलता मिल रही है।
सतीशन ने बताया कि केरल में देश में सबसे अधिक मतदान होने का रिकॉर्ड है, और अगर प्रवासी और विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्र भी वोट डालने में सक्षम होते, तो मतदान प्रतिशत और भी बढ़ सकता था।
उन्होंने कहा कि पिछले 35 वर्षों में यूडीएफ का यह सबसे संगठित और उत्साही चुनाव अभियान रहा है। 2005 से दूर रहे वर्ग भी इस बार मतदान में भाग लेने के लिए लौट आए हैं, और यह परिवर्तन चुनावी परिणामों में दिखाई देगा।
उन्होंने यूडीएफ के भविष्यवाणियों को आंकड़ों और पिछले प्रदर्शन पर आधारित बताया, और उपचुनावों, स्थानीय निकाय चुनावों और संसदीय चुनावों में लगातार मिल रही जीत का हवाला दिया।
सतीशन ने कहा कि उनके पदभार ग्रहण करने के बाद विपक्ष ने निष्पक्ष आकलन किया और अपनी संगठनात्मक शक्ति को फिर से मजबूत करने के लिए चुपचाप कार्य किया, जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय निकाय चुनावों में जीत मिली और विधानसभा चुनावों में भी सफलता की आशा है।
उन्होंने कहा कि एर्नाकुलम, मलप्पुरम, वायनाड, इडुक्की और पथानामथिट्टा में 43 सीटों पर जीत संभव है। मतदान प्रतिशत में वृद्धि ने उनके आत्मविश्वास को और मजबूत किया है।
सत्ताधारी गठबंधन पर निशाना साधते हुए उन्होंने सीपीआई(एम) और भाजपा के बीच गुप्त मिलीभगत का आरोप लगाया और कहा कि यह अब बेनकाब हो गई है।
उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. सुधाकरन के साथ मीडिया द्वारा किए गए अमानवीय व्यवहार की भी आलोचना की और मीडिया से आत्मनिरीक्षण करने का आग्रह किया।
सत्ता विरोधी भावना को उजागर करते हुए सतीशन ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में यूडीएफ ने उन क्षेत्रों में समाधान विकसित किए हैं जहां सरकार विफल रही है।
उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में यूडीएफ की लहर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है।
मंत्रियों पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों के विपरीत, कई मंत्री अपने निर्वाचन क्षेत्रों तक ही सीमित रह गए हैं।