वीडी सतीशन केरल के 13वें मुख्यमंत्री: 'अकेला कोई कुछ नहीं कर सकता', नया केरल बनाने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
केरल के नवनियुक्त मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने 14 मई 2026 को तिरुवनंतपुरम में मीडिया को संबोधित करते हुए सामूहिक नेतृत्व और जनभागीदारी पर जोर दिया। कांग्रेस आलाकमान द्वारा उन्हें केरल के 13वें मुख्यमंत्री के रूप में चुने जाने की औपचारिक घोषणा के कुछ घंटों बाद सतीशन ने कहा कि कोई एक व्यक्ति अकेला कुछ नहीं कर सकता और एक नया केरल बनाने के लिए उन्हें लोगों की मदद और समर्थन चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर कई दिनों से चला आ रहा सस्पेंस अभी-अभी खत्म हुआ था।
आभार और एकता का संदेश
सतीशन ने अपने पहले सार्वजनिक संबोधन में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी का तहेदिल से शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस ने मुझे एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी का तहेदिल से शुक्रगुजार हूं।' उन्होंने यूडीएफ (संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा) की इस जीत को किसी एक नेता की उपलब्धि नहीं, बल्कि टीम यूडीएफ और पार्टी के लाखों कार्यकर्ताओं की साझा जीत बताया।
वेणुगोपाल और चेन्निथला को श्रेय
पार्टी के भीतर की बेचैनी को शांत करने के उद्देश्य से सतीशन ने यूडीएफ की जीत का श्रेय खुलकर कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और प्रचार समिति के अध्यक्ष रमेश चेन्निथला को दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सन्नी जोसेफ के साथ मिलकर काम करेंगे। इस बयान को राजनीतिक विश्लेषक पार्टी के सभी प्रमुख सत्ता केंद्रों को साथ लेकर चलने के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
नई व्यवस्था और चुनावी वादों की गारंटी
सतीशन ने वादा किया कि उनकी सरकार सार्वजनिक जीवन में एक नई व्यवस्था स्थापित करेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के पद को ईश्वर द्वारा दी गई जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान यूडीएफ द्वारा दिए गए हर बड़े आश्वासन को पूरा किया जाएगा। गौरतलब है कि इस बार यूडीएफ ने केरल विधानसभा चुनाव में जबरदस्त जीत दर्ज की, जो वर्षों बाद सत्ता में उसकी वापसी का प्रतीक है।
देरी पर उठे सवालों का जवाब
मुख्यमंत्री पद के लिए नाम की घोषणा में हुई लंबी देरी को लेकर उठ रही आलोचनाओं पर सतीशन ने कहा कि इस प्रक्रिया में कुछ भी शर्मनाक नहीं था। उन्होंने बताया कि अंतिम निर्णय लेने से पहले हर विधायक और वरिष्ठ नेता के साथ विस्तृत विचार-विमर्श किया गया था। यह स्पष्टीकरण उस तीखी अंदरूनी लड़ाई की पृष्ठभूमि में आया जिसने कई दिनों तक केरल की राजनीति में हलचल मचाए रखी।
शपथ ग्रहण और कैबिनेट गठन
शपथ ग्रहण की तारीख और कैबिनेट सदस्यों के बारे में सतीशन ने कहा कि कैबिनेट के गठन का फैसला पार्टी नेतृत्व द्वारा सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श करके लिया जाएगा, जबकि शपथ ग्रहण समारोह की तिथि राज्यपाल के साथ मिलकर तय की जाएगी। नए मुख्यमंत्री का यह रुख संकेत देता है कि सरकार गठन की प्रक्रिया में सहमति-आधारित दृष्टिकोण अपनाया जाएगा।