क्या एक घटना से पूरी व्यवस्था का आकलन किया जा सकता है? कर्नाटक के गृह मंत्री का कुमारस्वामी पर पलटवार
सारांश
Key Takeaways
- एक घटना का आधार बनाकर पूरी व्यवस्था का आकलन करना गलत है।
- राजनीतिक बयानों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
- कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए उचित निर्णय आवश्यक हैं।
बेंगलुरु, 6 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बल्लारी गोलीबारी मामले में कर्नाटक में मामलों के प्रबंधन को लेकर केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी द्वारा दिए गए बयानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, राज्य के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि एक घटना के आधार पर समूची व्यवस्था का आकलन नहीं किया जा सकता है। साथ ही, उन्होंने मुख्यमंत्री सिद्दारमैया को पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय डी. देवराज उर्स के 2,792 दिनों के कार्यकाल के रिकॉर्ड की बराबरी करने पर बधाई दी।
बेंगलुरु में पत्रकारों से बात करते हुए परमेश्वर ने कहा कि वह तीसरी बार राज्य के गृह मंत्री के रूप में कार्यरत हैं और उन्हें पूरी जानकारी है कि कब और क्या निर्णय लेना है।
परमेश्वर ने बताया कि वह 38 वर्षों से राजनीति में हैं और पार्टी तथा सरकार में कई जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। उन्हें यह भी पता है कि राज्य में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कौन से उपाय करने आवश्यक हैं और कब कड़े निर्णय लेने की आवश्यकता है, और ऐसे निर्णय लिए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि एचडी कुमारस्वामी केंद्रीय मंत्री हैं और उन्हें पूरे देश की जानकारी है। वे हर राज्य के घटनाक्रम से अवगत हैं। एक घटना के आधार पर पूरी व्यवस्था का आकलन या प्रमाणन नहीं किया जा सकता। पुलिस विभाग कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपने स्तर पर निर्णय लेता है। ऐसी घटनाओं में सरकार उचित उपाय करने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करती है।
उन्होंने बल्लारी की घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि किसी भी मुद्दे पर बयान देने से पहले उसे पूरी तरह समझ लेना चाहिए, क्योंकि लापरवाही
परमेश्वर ने कहा कि डॉक्टरों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस घटना में मृतक का दूसरा पोस्टमार्टम नहीं किया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि जिन नेताओं ने दो पोस्टमार्टम होने का दावा किया था, क्या उन्होंने तथ्यों की पुष्टि की थी। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने बयान जारी किए हैं और सवाल पूछा कि किसका बयान विश्वसनीय माना जाना चाहिए। वह भी डॉक्टरों के इस स्पष्टीकरण को स्वीकार करते हैं कि दूसरा पोस्टमार्टम नहीं किया गया था।
राज्य में हुई हिंसक घटनाओं को लेकर केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने परमेश्वर पर तीखा हमला बोला था। कुमारस्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि बल्लारी हिंसा मामले में भाजपा विधायक जनार्दन रेड्डी को फंसाने के लिए अधिकारियों द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ता का पोस्टमार्टम दो बार कराया गया था।