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देवेगौड़ा का स्पष्ट संदेश: पीएम मोदी से दोस्ती राज्यसभा सीट की मोहताज नहीं, जीवनभर निभेगा रिश्ता

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देवेगौड़ा का स्पष्ट संदेश: पीएम मोदी से दोस्ती राज्यसभा सीट की मोहताज नहीं, जीवनभर निभेगा रिश्ता

सारांश

राज्यसभा सीट न मिलने पर कांग्रेस के आरोपों के बीच देवेगौड़ा ने साफ कह दिया — मोदी से उनका रिश्ता किसी सीट का मोहताज नहीं। 10 साल की दोस्ती, आपसी सम्मान और राज्य हितों पर सीधा संवाद जारी रहेगा। असली दांव अब स्थानीय निकाय चुनावों में जेडी(एस) को खड़ा करने पर है।

मुख्य बातें

देवेगौड़ा ने 10 जून 2026 को बेंगलुरु में कहा कि पीएम मोदी से उनकी दोस्ती राज्यसभा सीट पर निर्भर नहीं है।
कर्नाटक विधानसभा में जेडी(एस) के केवल 18 विधायक हैं, इसलिए पार्टी अपने दम पर राज्यसभा सीट नहीं जीत सकती।
देवेगौड़ा ने उत्तर प्रदेश या किसी अन्य राज्य से राज्यसभा भेजे जाने की अटकलों को खारिज किया।
उन्होंने कहा कि राज्यसभा सदस्य न रहने के बावजूद वे कर्नाटक के हितों पर पीएम मोदी से पत्र और मुलाकात के जरिए संवाद जारी रखेंगे।
तत्काल फोकस ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए जेडी(एस) संगठन को मजबूत करने पर है।
उन्होंने कर्नाटक में कटहल की खेती को बढ़ावा देने और किसानों के लिए बेहतर विपणन व्यवस्था की जरूरत पर भी जोर दिया।

जनता दल (सेक्युलर) के संरक्षक और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने 10 जून 2026 को बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में साफ कर दिया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनका व्यक्तिगत संबंध किसी राज्यसभा सीट पर टिका नहीं है। उन्होंने कहा कि यह रिश्ता आपसी सम्मान की नींव पर खड़ा है और जब तक वे जीवित हैं, तब तक कायम रहेगा।

कांग्रेस के आरोप पर सीधा जवाब

कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने देवेगौड़ा को राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बनाकर कर्नाटक का अपमान किया है। इस पर देवेगौड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "मेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दोस्ती और व्यक्तिगत संबंध तब तक बने रहेंगे, जब तक मैं जीवित हूँ। हमारा रिश्ता किसी राज्यसभा सीट के कारण नहीं है और न ही उसके खत्म होने से समाप्त होगा।" उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्यसभा नामांकन को लेकर उनकी कोई व्यक्तिगत रुचि नहीं है।

जेडी(एस) की विधानसभा में सीमित ताकत

देवेगौड़ा ने यह भी स्वीकार किया कि कर्नाटक विधानसभा में जनता दल (सेक्युलर) के केवल 18 विधायक हैं, जिसके चलते पार्टी अपने दम पर राज्यसभा सीट जीतने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी पहले ही अपनी बात रख चुके हैं। साथ ही उन्होंने उन अटकलों को भी सिरे से खारिज किया कि उन्हें उत्तर प्रदेश सहित किसी अन्य राज्य से राज्यसभा भेजा जा सकता है।

मोदी के नेतृत्व की सराहना

देवेगौड़ा ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने देश के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए काम किया है और भारत को स्थिर नेतृत्व दिया है। उन्होंने कहा, "पिछले 10 वर्षों से हमारे अच्छे संबंध रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई है और आज देश ही नहीं, विदेशों में भी उनका सम्मान है।" उन्होंने यह भी बताया कि जब भी उचित लगा, उन्होंने निडर होकर मोदी के नेतृत्व का समर्थन किया और अतीत में कुमारस्वामी को भी उनके साथ मिलकर काम करने की सलाह दी थी।

राज्यसभा के बिना भी जारी रहेगा संवाद

देवेगौड़ा ने कहा कि राज्यसभा सदस्य न रहने के बावजूद वे कर्नाटक से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी से संपर्क बनाए रखेंगे। उन्होंने कहा, "मैं राज्य के हितों के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिख सकता हूँ और जरूरत पड़ने पर उनसे मुलाकात भी कर सकता हूँ। राज्यसभा सीट हमारे रिश्ते को तय नहीं करती।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी राष्ट्रीय स्तर पर जनसेवा का कार्य जारी रखेंगे।

पार्टी संगठन और स्थानीय चुनाव पर फोकस

देवेगौड़ा ने बताया कि उनका तत्काल ध्यान आगामी ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA), जिला पंचायत, तालुक पंचायत और अन्य स्थानीय निकाय चुनावों के लिए जेडी(एस) संगठन को मजबूत करने पर है। उन्होंने कहा, "मैं सात दशक से राजनीति में हूँ और हमेशा जनसेवा को समर्पित रहा हूँ। अब मेरा लक्ष्य पार्टी संगठन को मजबूत करना है।" उन्होंने ग्राम पंचायत और सहकारी संस्थाओं से शुरू होकर विधायक, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री तक के अपने सफर का भी उल्लेख किया।

कृषि और किसानों की चिंता

बातचीत में देवेगौड़ा ने कर्नाटक के कृषि क्षेत्र पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने बताया कि हाल ही में बेंगलुरु के लालबाग में आयोजित फल महोत्सव में उन्होंने देखा कि मंड्या, रामनगर, दावणगेरे और मैसूर जैसे जिलों में बड़े पैमाने पर कटहल की खेती हो रही है। उन्होंने कहा कि उत्तरी कर्नाटक के कुछ जिलों में खराब मौसम के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है और कृषि उत्पादों, विशेषकर फलों के बेहतर विपणन की दिशा में अधिक ध्यान देने की जरूरत है। आने वाले स्थानीय निकाय चुनावों में जेडी(एस) की असली परीक्षा होगी कि क्या पार्टी अपने संगठनात्मक आधार को नए सिरे से खड़ा कर पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि BJP-JDS गठबंधन की आंतरिक राजनीति का आईना है — जहाँ एक वरिष्ठ सहयोगी को सार्वजनिक रूप से यह साबित करना पड़ रहा है कि उसकी वफादारी सीट की शर्त पर नहीं है। कांग्रेस का 'कर्नाटक अपमान' वाला आरोप रणनीतिक है — वह JDS और BJP के बीच दरार की तलाश में है। गौरतलब है कि विधानसभा में केवल 18 सीटों वाली पार्टी के लिए राज्यसभा सीट संगठनात्मक ताकत का नहीं, गठबंधन की कृपा का विषय है। असली सवाल यह है कि आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में JDS बिना राज्यसभा के सियासी वजन के अपना जनाधार बचा पाती है या नहीं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

देवेगौड़ा ने राज्यसभा सीट को लेकर क्या कहा?
देवेगौड़ा ने स्पष्ट कहा कि उन्हें राज्यसभा सीट की कोई व्यक्तिगत चाहत नहीं है और इस विषय पर केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी पहले ही अपना पक्ष रख चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जेडी(एस) के पास कर्नाटक विधानसभा में केवल 18 विधायक हैं, इसलिए पार्टी अकेले राज्यसभा सीट जीतने में सक्षम नहीं है।
पीएम मोदी और देवेगौड़ा के बीच संबंध कैसे हैं?
देवेगौड़ा के अनुसार पिछले 10 वर्षों में पीएम मोदी के साथ उनका संबंध आपसी सम्मान के आधार पर विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि यह दोस्ती किसी राज्यसभा सीट की वजह से नहीं है और जीवनभर कायम रहेगी।
क्या देवेगौड़ा को किसी अन्य राज्य से राज्यसभा भेजा जाएगा?
देवेगौड़ा ने उत्तर प्रदेश सहित किसी भी अन्य राज्य से राज्यसभा भेजे जाने की अटकलों को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वे किसी सीट की मांग नहीं कर रहे और उनका ध्यान पार्टी संगठन को मजबूत करने पर है।
कांग्रेस ने BJP पर क्या आरोप लगाया था?
कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि BJP ने देवेगौड़ा को राज्यसभा उम्मीदवार न बनाकर कर्नाटक का अपमान किया है। देवेगौड़ा ने इस आरोप को अप्रत्यक्ष रूप से खारिज करते हुए कहा कि उनका मोदी से रिश्ता किसी सीट पर निर्भर नहीं है।
देवेगौड़ा का अगला राजनीतिक लक्ष्य क्या है?
देवेगौड़ा ने बताया कि उनका तत्काल फोकस ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA), जिला पंचायत, तालुक पंचायत और अन्य स्थानीय निकाय चुनावों के लिए जेडी(एस) संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि पार्टी जहाँ भी प्रचार के लिए भेजेगी, वे वहाँ जनसभाएं करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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