क्या 2030 के विधानसभा चुनाव में राजद दो अंकों तक पहुंचने की स्थिति में नहीं होगी: राजीव रंजन?
सारांश
Key Takeaways
- राजद की स्थिति 2030 के चुनावों में कमजोर हो सकती है।
- नीतीश कुमार की नेतृत्व क्षमता ने बिहार में बदलाव लाया है।
- कांग्रेस की स्थिति भी चिंताजनक है।
- पीएम मोदी को इथियोपिया का सम्मान प्राप्त हुआ।
- बिहार में सात निश्चय योजनाओं का सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
पटना, 17 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्वास्थ्य पर उठाए गए सवालों का जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि 5 साल बाद, जब 2030 के विधानसभा चुनाव होंगे, तब राजद की स्थिति यह होगी कि वह दो अंकों तक नहीं पहुंच पाएगी।
पटना में समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए जदयू प्रवक्ता ने कहा कि नीतीश कुमार पर सवाल उठाने वाली राजद अब कहाँ पहुंच गई है। वह मात्र 25 विधायकों वाली पार्टी बन गई है। कांग्रेस भी दो अंकों तक नहीं पहुंच पाई है। तेजस्वी यादव अपनी सीट मुश्किल से बचा पाए हैं। जनता को ये बातें स्वीकार्य नहीं हैं। जब चुनाव होंगे, तब राजद दो अंकों तक नहीं पहुंच पाएगी।
पीएम मोदी को इथियोपिया का सर्वोच्च सम्मान मिलने पर जदयू प्रवक्ता ने कहा कि भारत और इथियोपिया के संबंध बहुत पुराने हैं। पीएम मोदी को दिया गया इथियोपिया का सबसे बड़ा सम्मान भारत की उभरती हुई शक्ति का सम्मान है। पीएम मोदी वैश्विक नेता के तौर पर जाने जाते हैं और विभिन्न देशों में संबंधों को बेहतर बनाने का कार्य कर रहे हैं।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की विदेश यात्रा पर राजीव रंजन ने कहा कि संसद का सत्र चल रहा है, भाजपा के सभी सांसद संसद में मौजूद हैं, जबकि राहुल गांधी विदेश यात्रा पर हैं। राहुल गांधी एक ऐसे नेता की पहचान बना रहे हैं, जिन्हें संसद कभी महत्वपूर्ण नहीं लगती। बड़ी समस्याओं के वक्त वे जूझते नजर नहीं आते। पार्टी के कर्नाटक संकट और बिगड़ती हुई स्थिति की सुध लेने के लिए भी वे तैयार नहीं हैं। यही बड़ी वजह है कि कांग्रेस एक-दो राज्यों तक सिमट गई है।
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण के बयान पर जदयू प्रवक्ता ने कहा कि भारतीय सेना ने पाकिस्तान को पूरी तरह घुटनों पर ला दिया। आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया। बड़े आतंकियों को मार गिराया गया। सैन्य प्रतिष्ठानों से लेकर आतंकवाद को पोषित करने वाले सभी ठिकानों को निशाना बनाया गया। पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ। पाकिस्तान गिड़गिड़ा रहा था, इसके बाद सीजफायर हुआ।
एसआईआर को लेकर विपक्ष के सवालों पर राजीव रंजन ने कहा कि एसआईआर समय-समय पर होते रहे हैं। बिहार में वोट चोरी का आरोप लगाने वालों को जनता ने नकार दिया है। बिहार में जनादेश मिला है। एसआईआर का पहला चरण बिहार में हुआ। 12 राज्यों, जिनमें कुछ केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल हैं, वहां दूसरे चरण में एसआईआर हो रहा है, यह समय सीमा पर पूरा होगा। उसी आधार पर चुनाव होंगे।
उन्होंने कहा कि एसआईआर का मतलब है कि कोई वैध मतदाता छूटे नहीं, यह सुनिश्चित किया जा रहा है। अवैध के लिए कोई जगह नहीं है। जो भारत के नागरिक नहीं हैं, वे वैध मतदाता नहीं हैं। इस भय से कुछ लोग भारत छोड़कर जा रहे हैं।
बिहार में सात निश्चय-1 और सात निश्चय-2 के बाद अब सात निश्चय-3 के सामने आने पर जदयू प्रवक्ता ने कहा कि बिहार में सात निश्चय पार्ट-1 और पार्ट-2 के जरिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नेतृत्व क्षमता ने तस्वीर बदल दी है। बिहार का कायाकल्प हुआ है, सभी क्षेत्रों में विकास हुआ है। राज्य सरकार का बड़ा फैसला है कि कमजोर वर्गों को सशक्त बनाना है। बड़ा लक्ष्य है। सात निश्चय पार्ट-3 की भूमिका आने वाले वर्षों में दिखाई देगी।