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क्या 'वोट चोरी' के आरोप बेबुनियाद हैं? राज्यसभा में पूर्व पीएम एचडी. देवगौड़ा का बयान

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क्या 'वोट चोरी' के आरोप बेबुनियाद हैं? राज्यसभा में पूर्व पीएम एचडी. देवगौड़ा का बयान

सारांश

राज्यसभा में एचडी. देवगौड़ा ने पीएम मोदी का समर्थन करते हुए वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के विपक्षी आरोपों को बेबुनियाद बताया। क्या यह आरोप सच हैं? जानिए इस पर उनका क्या कहना है।

मुख्य बातें

देवगौड़ा ने पीएम मोदी का समर्थन किया।
वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोप बेबुनियाद हैं।
ऐसी गड़बड़ियां अतीत में भी हुई हैं।
चुनाव आयोग पर भरोसा करना चाहिए।
लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए साफ वोटर लिस्ट आवश्यक है।

नई दिल्ली, 15 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। संसद के शीतकालीन सत्र में सोमवार को राज्यसभा में मतदान सुधार (इलेक्टोरल रिफॉर्म्स) पर चर्चा जारी रही। इस दौरान वरिष्ठ जनता दल (सेक्युलर) नेता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी. देवगौड़ा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बचाव किया और विपक्ष के उन आरोपों को खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी हुई, यानी 'वोट चोरी' हुई।

देवगौड़ा ने कहा कि वोटर लिस्ट में समय-समय पर गलतियां होती रही हैं, ये कोई नई बात नहीं है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यहां तक कि जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी के समय भी ऐसे मामले सामने आए। उन्होंने इंदिरा गांधी के दौर का एक केस भी बताया, जिसमें केरल में करीब 18,000 वोटों के जुड़ने की बात सामने आई थी।

देवगौड़ा ने स्पष्ट कहा कि नेहरू जी के समय भी कुछ गलतियां हुई थीं। ये गड़बड़ियां नई नहीं हैं। ये मुद्दे विभिन्न सरकारों के दौरान उठते रहे हैं, इसमें कांग्रेस जैसी पार्टियों के समय भी ऐसा हुआ।

हालिया विवादों की बात करते हुए, जिसमें बिहार में वोटर लिस्ट की समीक्षा पर विपक्ष के सवाल उठाए गए थे, देवगौड़ा ने कहा कि व्यापक समीक्षा के बावजूद चुनाव के नतीजे जनता के मन की सही तस्वीर दिखाते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि नतीजा क्या निकला? कांग्रेस को केवल छह विधायक मिले।

देवगौड़ा ने बताया कि पीएम मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर 12 साल सेवा करने के बाद 2014 में पहली बार वाराणसी से लोकसभा का चुनाव लड़ा और 3.72 लाख वोटों से जीत हासिल की। उस समय किसी ने भी वोटिंग प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप नहीं लगाया।

उन्होंने आगे कहा कि 2014 में बीजेपी ने अकेले 282 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया, लेकिन पीएम मोदी ने व्यापक एनडीए गठबंधन बनाने का विकल्प चुना ताकि ज्यादा लोगों को शामिल किया जा सके। 2019 में 303 सीटों के साथ भी उन्होंने गठबंधन को अहमियत दी ताकि स्थिर और मजबूत सरकार बनाई जा सके। अगर प्रधानमंत्री अकेले शासन करना चाहते, तो कर सकते थे, लेकिन उन्होंने समावेशिता चुनी।

वोटर लिस्ट में गड़बड़ी के आरोपों पर देवगौड़ा ने कहा कि ये आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा जताया, जिन्होंने किसी भी समस्या को सुधारने के निर्देश दिए हैं। देवगौड़ा ने विपक्ष द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 'वोट चोरी' जैसे शब्दों की भी आलोचना की और कहा कि इससे प्रधानमंत्री के पद का अपमान होता है।

इससे पहले, एआईएडीएमके सांसद डॉ. एम. थांबिदुराई ने भी चुनाव आयोग पर भरोसा जताया।

उन्होंने कहा कि साफ-सुथरी वोटर लिस्ट ही लोकतंत्र को मजबूत करती है और चुनाव प्रचार के सही मौके मिलना जरूरी हैं। उन्होंने तमिलनाडु के करूर में हुए एक मामले का जिक्र करते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत एसओपी बनाए जाने की बात कही।

संपादकीय दृष्टिकोण

एचडी. देवगौड़ा का बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि यह दर्शाता है कि चुनावी प्रक्रिया में सुधार की आवश्यकता है। विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए, उनका यह कहना कि अतीत में भी ऐसी गड़बड़ियां हुई हैं, एक संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है। हमें इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि चुनावी प्रक्रिया में सुधार लाना सभी दलों का काम है।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या वोटर लिस्ट में गड़बड़ी का आरोप सही है?
देवगौड़ा ने इसे बेबुनियाद बताया है और कहा है कि ऐसी गड़बड़ियां अतीत में भी हुई हैं।
पीएम मोदी का क्या कहना है?
देवगौड़ा ने पीएम मोदी का बचाव किया और उनके नेतृत्व की प्रशंसा की।
चुनाव आयोग पर भरोसा करना चाहिए?
देवगौड़ा ने चुनाव आयोग और सुप्रीम कोर्ट पर भरोसा जताया है।
राष्ट्र प्रेस
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