डीके शिवकुमार बोले — राजनीति में शतरंज की तरह चालें पहले नहीं बताते, सूर्य हेगड़े के निधन पर जताया गहरा दुख
सारांश
मुख्य बातें
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने सोमवार, 8 जून 2026 को बेंगलुरु स्थित विधान सौधा में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राजनीति ठीक शतरंज के खेल की तरह होती है — जहाँ कोई खिलाड़ी पहले से यह नहीं बताता कि उसकी अगली चाल क्या होगी। उनका यह बयान उस समय आया जब उनसे उनके करीबी सहयोगी विनय कार्तिक की विधानसभा चुनाव में उम्मीदवारी और जनता दल (सेकुलर) (जेडी-एस) द्वारा अतिरिक्त प्रत्याशी उतारने के बारे में सवाल किए गए।
मुख्यमंत्री की शतरंज वाली टिप्पणी
शिवकुमार ने मीडिया से कहा — 'राजनीति में शतरंज खेलते समय क्या कोई पहले से बताता है कि वह कौन सा मोहरा चलेगा? कोई नहीं बताता।' यह टिप्पणी सीधे तौर पर उनकी रणनीतिक चुप्पी और भविष्य की राजनीतिक चालों को लेकर उनके सतर्क रुख को दर्शाती है। गौरतलब है कि कर्नाटक में आगामी विधानसभा उपचुनावों और गठबंधन समीकरणों को लेकर सियासी हलचल तेज़ है।
देवेगौड़ा और भाजपा विवाद पर चुप्पी
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा को राज्यसभा टिकट न देने की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने सधा हुआ जवाब दिया। उन्होंने कहा — 'मैं अभी इस बारे में कुछ नहीं कहूंगा। उन्होंने बोल दिया है, लेकिन मैं इसमें नहीं पड़ूंगा। मैं अपनी पार्टी के रुख का पालन करूंगा।' यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस और जेडी-एस के बीच के संबंध राज्य की राजनीति में एक संवेदनशील मुद्दा बने हुए हैं।
सूर्य हेगड़े के निधन पर व्यक्तिगत शोक
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता और अपने घनिष्ठ मित्र सूर्य हेगड़े के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। शिवकुमार ने कहा — 'सूर्य हेगड़े मेरे घनिष्ठ मित्र थे। वे त्याग के लिए जाने जाते थे और उन्होंने कभी पद की लालसा नहीं की।' उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले भी मैसूर लोकसभा सीट से हेगड़े की उम्मीदवारी का पुरजोर समर्थन किया था।
हेगड़े दिवंगत मुख्यमंत्री देवराज उर्स के पोते थे। वे गारंटी कार्यान्वयन समिति के उपाध्यक्ष रह चुके थे और राज्य स्तर पर मंत्री पद भी संभाल चुके थे। इसके अलावा उन्होंने AICC सचिव के रूप में भी सेवाएँ दी थीं।
शिवकुमार ने घोषणा की कि कर्नाटक सरकार सूर्य हेगड़े के अंतिम संस्कार में राजकीय सम्मान प्रदान करेगी। उन्होंने कहा — 'मैंने इस संबंध में मुख्य सचिव को निर्देश दे दिए हैं। मैं उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल होऊंगा।'
जेडी-एस विधायकों और कांग्रेस नेताओं की शिष्टाचार भेंट
इसी दिन जेडी-एस के फ्लोर लीडर सुरेश बाबू सहित विधायक सीएन बालकृष्ण, ए. मंजू, करीमनावर, शारदा पुरियानायक, कृष्णप्पा, नेमिराज नायक और वेंकट शिवरेड्डी ने विधान सौधा में मुख्यमंत्री शिवकुमार से मुलाकात कर उन्हें शुभकामनाएँ दीं। हुनसूर के पूर्व विधायक मंजुनाथ भी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ इस भेंट में शामिल रहे। मैसूरु से पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के करीबी और कांग्रेस प्रवक्ता लक्ष्मण भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
आगे की राजनीतिक तस्वीर
शिवकुमार की शतरंज वाली उक्ति कर्नाटक की उस जटिल राजनीतिक बिसात का संकेत देती है जिस पर कई दल एक साथ चाल चल रहे हैं। विनय कार्तिक की उम्मीदवारी, जेडी-एस का स्वतंत्र प्रत्याशी उतारने का निर्णय और देवेगौड़ा के राज्यसभा प्रसंग — ये सभी मिलकर राज्य में आगामी चुनावी समीकरणों को और पेचीदा बना रहे हैं।