महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 सीटों पर मतगणना शुरू, 182 उम्मीदवारों की किस्मत दाँव पर
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 सीटों पर 27 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे IST से मतगणना शुरू हो गई है। इन सीटों में तीन स्नातक (ग्रेजुएट) और दो शिक्षक (टीचर्स) निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। 23 अक्टूबर को संपन्न हुए मतदान के बाद कुल 182 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य आज तय होगा।
मुख्य राजनीतिक मुकाबला
यह चुनाव मूलतः सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन — जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शामिल हैं — और विपक्षी महाविकास अघाड़ी (MVA) — जिसमें शिवसेना (UBT), NCP (शरद पवार) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) हैं — के बीच बड़ी सियासी टक्कर बन गया है। गठबंधन के भीतर आपसी असंतोष, दोस्ताना मुकाबलों और मज़बूत निर्दलीय प्रत्याशियों ने सभी पाँचों सीटों पर चुनावी समीकरण जटिल कर दिए हैं।
सीटवार स्थिति
पुणे स्नातक सीट पर BJP की डॉ. स्मिता जाधव और NCP (शरद पवार) की हर्षदा देशमुख जाधव के बीच हाई-प्रोफाइल मुकाबला है। इस सीट पर 3.88 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से 62.78 प्रतिशत ने अपना वोट डाला था।
नागपुर स्नातक सीट ऐतिहासिक रूप से BJP का गढ़ मानी जाती है। यहाँ मौजूदा एमएलसी अभिजीत वंजारी (MVA/कांग्रेस) और सुधाकर कोहले (महायुति/BJP) के बीच कड़ा मुकाबला है। इस सीट पर 38 उम्मीदवार मैदान में हैं और 64.76 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ था।
पुणे शिक्षक सीट पर 61,940 पंजीकृत शिक्षक मतदाताओं में से 85.87 प्रतिशत ने मतदान किया था। यहाँ मुख्य त्रिकोणीय मुकाबला मौजूदा विधायक जयंत असगांवकर (कांग्रेस), कौस्तुभ गावड़े (BJP) और निर्दलीय प्रत्याशी सचिन सनप के बीच है।
अमरावती शिक्षक सीट पर पाँचों सीटों में सर्वाधिक 91.08 प्रतिशत मतदान हुआ। यहाँ करीब 33,000 पंजीकृत शिक्षक मतदाताओं के बीच 26 उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनमें शिवसेना के किरण सरनाईक, कांग्रेस की अदिति पोहरे, शिवसेना (UBT) के दत्तात्रय लहाने, समाजवादी गणराज्य पार्टी के सुरेश देवकर, पूर्व विधायक श्रीकांत देशपांडे, BJP सांसद अनिल बोंडे की बहन संगीता शिंदे, चंद्रशेखर भोयर और सुमित पवार शामिल हैं।
छत्रपति संभाजीनगर (मराठवाड़ा) स्नातक सीट पर 58.67 प्रतिशत मतदान हुआ था। महायुति ने तीन बार के मौजूदा एमएलसी सतीश चव्हाण को NCP के टिकट पर फिर से उतारा है, जबकि MVA की ओर से NCP (शरद पवार) ने डॉ. प्रताप सिंह पाटिल और शिवसेना (UBT) ने दिलीप घोरगे को प्रत्याशी बनाया है — जिसके कारण एक ही सीट पर MVA के दो उम्मीदवार आपस में भिड़ रहे हैं।
आंतरिक दरार की तस्वीर
यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन के भीतर खींचतान आम बात हो गई है। छत्रपति संभाजीनगर सीट पर MVA का दोहरा प्रत्याशी मॉडल इस बात का उदाहरण है कि समन्वय की कमी विपक्ष की संभावनाओं को किस हद तक नुकसान पहुँचा सकती है। गौरतलब है कि महाराष्ट्र विधान परिषद की ये सीटें मुख्य विधानसभा चुनावों की तुलना में शैक्षणिक एवं नागरिक समुदायों की राजनीतिक भागीदारी का प्रमुख मंच रही हैं।
क्या होगा आगे
मतगणना के परिणाम दोपहर तक स्पष्ट होने की उम्मीद है। इन नतीजों को महाराष्ट्र में महायुति और MVA की जन-स्वीकृति का अप्रत्यक्ष बैरोमीटर माना जा रहा है। शिक्षक और स्नातक सीटों पर असाधारण रूप से ऊँची मतदान दर — विशेष रूप से अमरावती में 91.08% — यह संकेत देती है कि मतदाताओं में इस बार ज़बरदस्त उत्साह रहा है।