23 अक्टूबर 2026
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महाराष्ट्र MLC चुनाव 2026: 5 सीटों पर मतदान जारी, महायुति और MVA दोनों ने जताया जीत का दावा

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महाराष्ट्र MLC चुनाव 2026: 5 सीटों पर मतदान जारी, महायुति और MVA दोनों ने जताया जीत का दावा

सारांश

महाराष्ट्र की पाँच विधान परिषद सीटों पर मतदान और दोनों गठबंधनों के जीत के दावे — लेकिन असली कहानी नागपुर में मतदाता सूची के उस विवाद में है जहाँ 8,744 नाम दो बार दर्ज मिले और 20,000 से अधिक पंजीकरण एक ही मोबाइल नंबर से जुड़े बताए गए।

मुख्य बातें

महाराष्ट्र विधान परिषद की 5 सीटों पर 23 अक्टूबर 2026 को मतदान जारी; मतगणना 27 अक्टूबर को।
चुनाव में 182 उम्मीदवार मैदान में, 2,419 मतदान केंद्र स्थापित।
केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल और मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने महायुति की सभी 5 सीटें जीतने का दावा किया।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने MVA की सभी सीटों पर जीत का दावा करते हुए मतदाता सूची में हेरफेर के आरोप लगाए।
नागपुर स्नातक क्षेत्र में 8,744 मतदाताओं के नाम दो बार और 20,000-22,000 पंजीकरण एक ही मोबाइल नंबर से होने का आरोप; चुनाव अधिकारियों ने लिखित घोषणापत्र भरवाए।
पुणे स्नातक क्षेत्र में सर्वाधिक 3.88 लाख और अमरावती शिक्षक क्षेत्र में सबसे कम 35,000 मतदाता।

महाराष्ट्र विधान परिषद की पाँच सीटों — तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों — पर शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मतदान जारी है, जिसमें कुल 182 उम्मीदवारों का राजनीतिक भविष्य 2,419 मतदान केंद्रों पर दाँव पर लगा है। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। सत्ताधारी महायुति गठबंधन और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA), दोनों ने सभी सीटें जीतने का दावा किया है।

मतदान का विवरण और निर्वाचन क्षेत्र

मतदान सुबह 8 बजे शुरू हुआ और शाम 4 बजे तक चलेगा। यह चुनाव पुणे स्नातक, पुणे शिक्षक, अमरावती शिक्षक, नागपुर स्नातक और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में हो रहा है।

मतदाताओं की संख्या के लिहाज़ से पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सबसे बड़ा है, जहाँ करीब 3.88 लाख मतदाता हैं। वहीं अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र सबसे छोटा है, जहाँ लगभग 35,000 मतदाता हैं।

मतपत्र की वैधता सुनिश्चित करने के लिए मतदाताओं को आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, भारतीय पासपोर्ट, सरकारी पहचान पत्र, सांसद-विधायक-एमएलसी के आधिकारिक पहचान पत्र, या विश्वविद्यालय की मूल डिग्री अथवा डिप्लोमा प्रमाणपत्र जैसे वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने थे।

महायुति की प्रतिक्रिया

केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने पुणे के कोथरुड स्थित दीनदयाल उपाध्याय स्कूल में मतदान किया और पत्रकारों से बात करते हुए महायुति की सभी पाँचों सीटों पर जीत का पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि स्नातक और शिक्षक मतदाता पढ़े-लिखे और समझदार होते हैं, और वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्रियों के नेतृत्व में राज्य के विकास की गति का आकलन करके वोट देते हैं।

मोहोल ने उम्मीदवारों स्मिता जाधव और कौस्तुभ गावड़े की जीत पर विश्वास जताते हुए कहा कि गठबंधन समर्थक मतदाता पूरी तरह उनके साथ हैं। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने भी महायुति के सभी पाँचों सीटें जीतने का दावा दोहराया।

MVA का रुख और मतदाता सूची विवाद

कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर स्नातक, पुणे की दोनों सीटों, छत्रपति संभाजी नगर और अमरावती सहित सभी पाँचों सीटों पर जीत का दावा किया। हालाँकि, उन्होंने चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) मतदाता सूची में हेरफेर करती है।

कांग्रेस के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में लगभग 20,000 से 22,000 मतदाताओं का पंजीकरण एक ही मोबाइल नंबर से किया गया था। कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी और पार्टी नेताओं ने कई मतदान केंद्रों पर 8,744 मतदाताओं के नाम दो बार दर्ज होने पर भी आपत्ति जताई। कांग्रेस नेता प्रफुल्ल गुढे ने संभागीय आयुक्त को औपचारिक पत्र सौंपकर जाँच की माँग की।

चुनाव अधिकारियों की कार्रवाई

शिकायतें मिलने के बाद चुनाव अधिकारियों ने उन मतदाताओं से लिखित घोषणापत्र भरवाए जिनके नाम सूची में दो बार दर्ज थे। इस घोषणापत्र में उन्हें यह पुष्टि करनी थी कि वे केवल निर्धारित स्थान पर ही मतदान करेंगे। गौरतलब है कि बागी उम्मीदवारों की उपस्थिति ने महायुति और MVA, दोनों के लिए इन चुनावों को अधिक चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

अब सभी की निगाहें 27 अक्टूबर की मतगणना पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि मतदाता सूची विवाद के बीच किस गठबंधन के दावे सच साबित होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से अधिक पंजीकरण और 8,744 दोहरे नामों का आरोप चुनाव आयोग की निगरानी प्रणाली की कमज़ोरी उजागर करता है। लिखित घोषणापत्र एक अस्थायी उपाय है, न कि संस्थागत सुधार। स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र परंपरागत रूप से शिक्षित मतदाता आधार के कारण 'स्वच्छ चुनाव' का प्रतीक माने जाते रहे हैं — ऐसे में यह विवाद और अधिक गंभीर है।
RashtraPress
23 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र MLC चुनाव 2026 में किन सीटों पर मतदान हो रहा है?
23 अक्टूबर 2026 को पाँच सीटों पर मतदान हो रहा है — पुणे स्नातक, पुणे शिक्षक, अमरावती शिक्षक, नागपुर स्नातक और छत्रपति संभाजीनगर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र। इन सीटों पर कुल 182 उम्मीदवार मैदान में हैं।
महाराष्ट्र MLC चुनाव 2026 की मतगणना कब होगी?
मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को होगी। मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक 2,419 मतदान केंद्रों पर आयोजित किया गया।
नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता सूची विवाद क्या है?
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 8,744 मतदाताओं के नाम सूची में दो बार दर्ज हैं और 20,000 से 22,000 पंजीकरण एक ही मोबाइल नंबर से किए गए। पार्टी नेता प्रफुल्ल गुढे ने संभागीय आयुक्त को पत्र सौंपकर जाँच की माँग की, जिसके बाद अधिकारियों ने दोहरे नाम वाले मतदाताओं से लिखित घोषणापत्र भरवाए।
महायुति और MVA ने किन उम्मीदवारों की जीत का दावा किया है?
महायुति के केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने उम्मीदवारों स्मिता जाधव और कौस्तुभ गावड़े की जीत का विशेष रूप से भरोसा जताया। MVA की ओर से कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने नागपुर, पुणे की दोनों सीटों, छत्रपति संभाजी नगर और अमरावती में जीत का दावा किया।
महाराष्ट्र MLC चुनाव में किस निर्वाचन क्षेत्र में सबसे अधिक मतदाता हैं?
पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सर्वाधिक लगभग 3.88 लाख मतदाता हैं। सबसे कम मतदाता अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में हैं, जहाँ करीब 35,000 मतदाता पंजीकृत हैं।
राष्ट्र प्रेस
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