चुनाव आयोग का ऐलान: महाराष्ट्र MLC की 5 सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान, महायुति की क्लीन स्वीप की तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने 22 सितंबर 2026 को महाराष्ट्र विधान परिषद (MLC) की 5 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा की। इन सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। जिन सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, उनकी जगह भरने के लिए यह चुनाव आवश्यक हो गया था, क्योंकि ये सभी सीटें 6 दिसंबर 2026 को रिक्त होने वाली हैं।
कौन-सी सीटें हैं दांव पर
इन 5 सीटों में 3 स्नातक निर्वाचन क्षेत्र — औरंगाबाद डिवीजन, पुणे डिवीजन और नागपुर डिवीजन — तथा 2 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र — अमरावती डिवीजन और पुणे डिवीजन — शामिल हैं। मौजूदा प्रतिनिधियों में औरंगाबाद से भानुदासराव सतीश चव्हाण (NCP), पुणे स्नातक से अरुण गणपति लाड (NCP-SP), नागपुर से अभिजीत गोविंदराव वंजारी (कांग्रेस), अमरावती शिक्षक से किरण रामराव सरनाइक (निर्दलीय — एकनाथ शिंदे की शिवसेना के सहयोगी) और पुणे शिक्षक से जयंत दिनकर आसगांवकर (कांग्रेस) शामिल हैं।
चुनाव आयोग का आधिकारिक कार्यक्रम
ECI के जारी शेड्यूल के अनुसार, अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर और नामांकन-पत्रों की जांच 7 अक्टूबर तक पूरी की जाएगी। मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगा, जबकि वोटों की गिनती 27 अक्टूबर को संपन्न होगी।
महायुति की रणनीति और सीट-बंटवारे की चर्चा
चुनाव की घोषणा के साथ ही सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन — जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP), अजीत पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और एकनाथ शिंदे की शिवसेना शामिल हैं — के भीतर सीट-बंटवारे की चर्चाएं तेज हो गई हैं। गठबंधन के एक सूत्र के अनुसार, 'हमारा ध्यान एकजुटता दिखाने पर है। गठबंधन में शामिल हर पार्टी का शिक्षकों, पेशेवरों और ग्रेजुएट लोगों के बीच अपना अलग संगठनात्मक फायदा है। एक संयुक्त रणनीति से सभी पांच सीटों पर निर्णायक जीत पक्की होगी।'
BJP स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों को ऐतिहासिक रूप से अपना मज़बूत आधार मानती है और पिछले चुनावों में हुई हार के बाद पुणे व नागपुर सीटें पुनः हासिल करने के लिए सक्रिय है। अजीत पवार की NCP का पुणे डिवीजन में जमीनी स्तर पर विशेष प्रभाव है, जबकि शिंदे की शिवसेना के संगठनात्मक नेताओं ने पश्चिमी महाराष्ट्र और अमरावती में शिक्षक संघों का सक्रिय समर्थन जुटाया है।
विपक्षी महा विकास अघाड़ी की तैयारी
दूसरी ओर, शिवसेना (UBT), NCP (SP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) मिलकर महा विकास अघाड़ी (MVA) के बैनर तले इन चुनावों में उतरने की तैयारी कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, तीनों दल जल्द बैठक कर चुनावी रणनीति और उम्मीदवारों का निर्धारण करेंगे। गौरतलब है कि मौजूदा सीटों में से दो पर MVA घटक दलों (NCP-SP और कांग्रेस) का कब्ज़ा है, जिसे वे बरकरार रखना चाहेंगी।
आगे क्या होगा
29 सितंबर से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पहले दोनों गठबंधनों में सीट-बंटवारे पर अंतिम निर्णय अपेक्षित है। यह चुनाव महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है — स्नातक और शिक्षक मतदाता विशेष रूप से प्रभावशाली माने जाते हैं, और दोनों गठबंधनों के लिए यह उनकी संगठनात्मक शक्ति की एक अहम परीक्षा होगी।