22 सितंबर 2026
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चुनाव आयोग का ऐलान: 4 राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान, 27 को मतगणना

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चुनाव आयोग का ऐलान: 4 राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान, 27 को मतगणना

सारांश

चुनाव आयोग ने एक साथ चार राज्यों — UP, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र — की 28 विधान परिषद सीटों पर चुनाव का ऐलान किया। 23 अक्टूबर को मतदान और 27 अक्टूबर को मतगणना होगी। यह चुनाव स्नातक और शिक्षक वर्ग के विशेष मतदाताओं द्वारा लड़ा जाएगा।

मुख्य बातें

भारत निर्वाचन आयोग ने 22 सितंबर 2026 को 4 राज्यों की 28 विधान परिषद सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा की।
मतदान 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक; मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।
सीटों का राज्यवार विभाजन: उत्तर प्रदेश — 11 , बिहार — 8 , महाराष्ट्र — 5 , कर्नाटक — 4 ।
नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर ; नाम वापसी की आखिरी तारीख 9 अक्टूबर ।
संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू।
समूची चुनावी प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 तक पूर्ण होगी।

भारत निर्वाचन आयोग ने 22 सितंबर 2026 को उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक और महाराष्ट्र की विधान परिषद की स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल 28 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा की। इन सभी सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल नवंबर-दिसंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। आयोग के अनुसार, संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

राज्यवार सीटों का विवरण

उत्तर प्रदेश में सर्वाधिक 11 सीटों पर चुनाव होगा — 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र। लखनऊ डिवीजन स्नातक से इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह, वाराणसी डिवीजन स्नातक से आशुतोष सिन्हा, आगरा डिवीजन स्नातक से डॉ. मानवेन्द्र प्रताप सिंह 'गुरु जी', मेरठ डिवीजन स्नातक से दिनेश कुमार गोयल और इलाहाबाद-झांसी डिवीजन स्नातक से डॉ. मान सिंह यादव का कार्यकाल 6 दिसंबर 2026 को समाप्त हो रहा है। शिक्षक सीटों पर उमेश द्विवेदी (लखनऊ), लाल बिहारी यादव (वाराणसी), डॉ. आकाश अग्रवाल (आगरा), श्रीचंद शर्मा (मेरठ), हरि सिंह ढिल्लो (बरेली-मुरादाबाद) और ध्रुव कुमार त्रिपाठी (गोरखपुर-फैजाबाद) का कार्यकाल भी उसी दिन खत्म होगा।

बिहार में 8 सीटों4 स्नातक और 4 शिक्षक — पर मतदान होगा। पटना स्नातक से नीरज कुमार, दरभंगा स्नातक से सर्वेश कुमार, तिरहुत स्नातक से बंसीधर ब्रजवासी और कोसी स्नातक से डॉ. एनके यादव का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त होगा। शिक्षक क्षेत्रों में पटना से नवल किशोर यादव, दरभंगा से डॉ. मदन मोहन झा, तिरहुत से संजय कुमार सिंह और सारण शिक्षक क्षेत्र के सदस्य का कार्यकाल भी उसी दिन समाप्त होगा।

महाराष्ट्र में 5 सीटें3 स्नातक और 2 शिक्षक — दांव पर हैं। औरंगाबाद डिवीजन स्नातक से चव्हाण सतीश भानुदासराव, पुणे डिवीजन स्नातक से अरुण गणपति लाड, नागपुर डिवीजन स्नातक से अभिजीत गोविंदराव वंजारी, अमरावती डिवीजन शिक्षक से सरनाईक किरण रामराव और पुणे डिवीजन शिक्षक से जयंत दिनकर आसगावकर का कार्यकाल 6 दिसंबर को समाप्त होगा।

कर्नाटक में 4 सीटें2 स्नातक और 2 शिक्षक — पर चुनाव होगा। कर्नाटक दक्षिण-पूर्व स्नातक से चिदानंद एम गौड़ा, कर्नाटक पश्चिम स्नातक से एस.वी. संकानुर, कर्नाटक उत्तर-पूर्व शिक्षक से शशिल जी. नमोशी और बैंगलोर शिक्षक से श्री पुट्टन्ना का कार्यकाल 11 नवंबर को खत्म होगा।

चुनाव कार्यक्रम

चुनाव आयोग द्वारा जारी अनुसूची के अनुसार, 29 सितंबर 2026 को अधिसूचना जारी होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जाँच होगी और 9 अक्टूबर तक प्रत्याशी अपना नाम वापस ले सकेंगे।

मतदान 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित होगा। मतों की गिनती 27 अक्टूबर को होगी और समूची चुनावी प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 तक पूर्ण कर ली जाएगी।

स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र क्या हैं

यह ऐसे समय में आया है जब विधान परिषद की संरचना और उसकी प्रासंगिकता को लेकर राष्ट्रीय विमर्श चल रहा है। गौरतलब है कि स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र भारतीय राज्यों की विधान परिषद — उच्च सदन — के लिए विशेष वर्ग के मतदाताओं द्वारा सदस्य (एमएलसी) चुनने की व्यवस्था है। इन क्षेत्रों में केवल पंजीकृत स्नातक और मान्यता प्राप्त शिक्षक ही मतदाता होते हैं, आम जनता नहीं।

यह व्यवस्था भारतीय संविधान के अनुच्छेद 171 के तहत बनी है और देश के केवल उन्हीं छह राज्यों में लागू है जहाँ विधान परिषद अस्तित्व में है — उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश।

आचार संहिता का असर और आगे की राह

आदर्श आचार संहिता लागू होने के साथ ही इन चारों राज्यों के संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में सरकारी घोषणाओं और कार्यक्रमों पर अंकुश लग जाएगा। चुनाव आयोग के इस कदम से उत्तर प्रदेश में राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्षी दलों के बीच उच्च सदन की ताकत को लेकर दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है, क्योंकि यूपी में सीटों की संख्या सबसे अधिक 11 है।

चुनाव पर्यवेक्षकों के अनुसार, यह द्विवार्षिक चुनाव भले ही सीमित मतदाता-वर्ग वाला हो, लेकिन कई राज्यों में विधान परिषद के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ मतदान का अधिकार केवल एक विशेष शिक्षित वर्ग को मिला है। यह व्यवस्था 'एक व्यक्ति, एक मत' के सिद्धांत पर आधारित लोकतंत्र में एक बौद्धिक अभिजात्य प्रतिनिधित्व की अवधारणा को जीवित रखती है, जिस पर समय-समय पर बहस होती रही है। उत्तर प्रदेश में 11 सीटों के साथ इस चुनाव का राजनीतिक दांव सबसे ऊँचा है — यह योगी सरकार की ताकत और विपक्ष की विधान परिषद में पैठ का एक संकेतक बन सकता है। चार राज्यों में एक साथ चुनाव कराना चुनाव आयोग की संसाधन-कुशलता का प्रदर्शन है, लेकिन सीमित मतदाता वर्ग और कम मीडिया कवरेज के कारण इन चुनावों में मतदान प्रतिशत और जवाबदेही सदैव एक चुनौती बनी रहती है।
RashtraPress
22 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चार राज्यों में विधान परिषद चुनाव 2026 कब होंगे?
मतदान 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। समूची प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूर्ण होगी।
किन चार राज्यों में और कितनी सीटों पर चुनाव होगा?
उत्तर प्रदेश (11 सीटें), बिहार (8 सीटें), महाराष्ट्र (5 सीटें) और कर्नाटक (4 सीटें) — कुल 28 सीटों पर चुनाव होगा। ये सभी स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटें हैं।
स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र क्या होते हैं?
ये विधान परिषद के लिए विशेष निर्वाचन क्षेत्र हैं जहाँ केवल पंजीकृत स्नातक और मान्यता प्राप्त शिक्षक मतदान कर सकते हैं। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 171 के अंतर्गत बनी यह व्यवस्था आम जनता को मताधिकार नहीं देती।
नामांकन और नाम वापसी की तिथियाँ क्या हैं?
अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी। नामांकन की अंतिम तिथि 6 अक्टूबर है, 7 अक्टूबर को जाँच होगी और 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे।
क्या इन निर्वाचन क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो गई है?
हाँ, चुनाव आयोग की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता 22 सितंबर 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
राष्ट्र प्रेस
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