21 अक्टूबर 2026
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बिहार एमएलसी चुनाव 2026: 8 सीटों पर 150 उम्मीदवार, 23 अक्टूबर को मतदान

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बिहार एमएलसी चुनाव 2026: 8 सीटों पर 150 उम्मीदवार, 23 अक्टूबर को मतदान

सारांश

बिहार एमएलसी चुनाव 2026 इस बार सिर्फ NDA बनाम महागठबंधन नहीं है — प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने समीकरण बदल दिए हैं। 8 सीटों पर 150 उम्मीदवार और 5.32 लाख मतदाता; पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह-अनुज सिंह गठजोड़ जदयू के नीरज कुमार की चौथी जीत को चुनौती दे रहा है।

मुख्य बातें

बिहार एमएलसी की 8 सीटों पर प्रचार 21 अक्टूबर 2026 को शाम 5 बजे समाप्त हुआ; मतदान 23 अक्टूबर को होगा।
कुल 150 उम्मीदवार मैदान में — स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से 90 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से 60 ।
5,32,847 मतदाता और 933 मतदान केंद्र ; मतगणना 27 अक्टूबर को।
NDA , महागठबंधन और जन सुराज पार्टी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला।
पटना स्नातक सीट पर JDU के नीरज कुमार लगातार चौथी जीत के लिए लड़ रहे हैं; अनंत सिंह ने जन सुराज उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया।
दरभंगा स्नातक में सर्वाधिक 40 उम्मीदवार ; BJP के सर्वेश कुमार 2020 के निर्दलीय विजेता से भाजपा प्रत्याशी बने।

बिहार विधान परिषद (एमएलसी) की आठ सीटों के लिए चुनाव प्रचार 21 अक्टूबर 2026 को शाम 5 बजे समाप्त हो गया। 23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है। पूरी चुनावी प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूर्ण होने की उम्मीद है।

उम्मीदवार और मतदाता

आठों निर्वाचन क्षेत्रों में 5,32,847 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करने के पात्र हैं और इसके लिए 933 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। कुल 150 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं — चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से 90 और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से 60 उम्मीदवार।

स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी शामिल हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण आते हैं।

त्रिकोणीय मुकाबले का समीकरण

ये चुनाव सत्ताधारी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA), विपक्षी महागठबंधन और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के बीच त्रिकोणीय प्रतिस्पर्धा में बदल गए हैं। जन सुराज पार्टी पारंपरिक राजनीतिक दलों के स्थापित समीकरणों को चुनौती देने की रणनीति पर काम कर रही है — यह उसका इस क्षेत्र में पहला बड़ा चुनावी परीक्षण है।

गौरतलब है कि बिहार में एमएलसी चुनाव परंपरागत रूप से NDA और महागठबंधन के बीच द्विपक्षीय संघर्ष रहे हैं। तीसरी ताकत के रूप में जन सुराज पार्टी का उभरना इस बार के परिणामों को अप्रत्याशित बना सकता है।

पटना स्नातक सीट: सबसे चर्चित मुकाबला

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र इस चुनाव का केंद्रबिंदु बन गया है। जनता दल-यूनाइटेड (JDU) के नेता नीरज कुमार लगातार चौथी बार जीत हासिल करने के प्रयास में हैं। जदयू ने उन्हें पुनः नामांकित किया है, लेकिन उनके सामने कई चुनौतियाँ एक साथ खड़ी हो गई हैं।

जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह को अनंत सिंह का खुला समर्थन प्राप्त है, जो नीरज कुमार के विरोध में डटे हुए हैं। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने दिलीप कुमार को और कांग्रेस ने असदुल्ला खान को उम्मीदवार बनाया है। जदयू नेतृत्व द्वारा शिकायतों के समाधान के प्रयासों के बावजूद, प्रचार के अंतिम दौर तक यह विवाद बना रहा।

इस सीट पर एक और नया मोड़ नीरज कुमार की हालिया बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने से आया। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने उनका हालचाल लेने के लिए अस्पताल का दौरा किया।

दरभंगा में सबसे बड़ा मुकाबला

दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 40 उम्मीदवार मैदान में हैं — यह इन आठों सीटों में सर्वाधिक है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मौजूदा एमएलसी सर्वेश कुमार को प्रत्याशी बनाया है, जिन्होंने 2020 में निर्दलीय के रूप में यह सीट जीती थी और अब भाजपा के बैनर तले चुनाव लड़ रहे हैं।

RJD ने अनिल कुमार झा को, कांग्रेस ने रजनीकांत पाठक को और जन सुराज पार्टी ने मोहम्मद इम्तियाज नूरानी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इस सीट पर बहुकोणीय मुकाबले में मत-विभाजन किसी के लिए भी लाभकारी या नुकसानदेह हो सकता है।

आगे क्या होगा

23 अक्टूबर 2026 को मतदान के बाद सभी दलों की नजरें 27 अक्टूबर की मतगणना पर टिकी रहेंगी। इन नतीजों को बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले जन सुराज पार्टी की वास्तविक जमीनी ताकत के संकेतक के रूप में भी देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार जन सुराज पार्टी की उपस्थिति इन्हें 2025 के विधानसभा चुनावों की प्री-क्वालीफायर बना देती है। प्रशांत किशोर के लिए यह उनकी जमीनी संगठन क्षमता का पहला सार्वजनिक लिटमस टेस्ट है — एक दल जिसे अभी तक मतपेटियों में नहीं, केवल सभाओं में परखा गया है। पटना स्नातक सीट पर अनंत सिंह का जन सुराज को समर्थन यह भी दिखाता है कि NDA के भीतर असंतोष की धाराएँ हैं जो विरोधी खेमे को लाभ पहुँचा सकती हैं। मतगणना के नतीजे बताएंगे कि बिहार की मुख्यधारा राजनीति में तीसरी ताकत के लिए वाकई जगह है या नहीं।
RashtraPress
21 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार एमएलसी चुनाव 2026 में मतदान कब होगा?
मतदान 23 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है और पूरी चुनाव प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक पूरी होने की उम्मीद है।
बिहार एमएलसी चुनाव 2026 में कितने उम्मीदवार हैं?
कुल 150 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं — चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से 90 और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से 60। दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में सर्वाधिक 40 उम्मीदवार हैं।
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मुख्य मुकाबला किनके बीच है?
पटना स्नातक सीट पर JDU के नीरज कुमार चौथी बार जीत की कोशिश में हैं। उन्हें जन सुराज पार्टी के अनुज सिंह से कड़ी चुनौती मिल रही है, जिन्हें अनंत सिंह का खुला समर्थन प्राप्त है। RJD ने दिलीप कुमार और कांग्रेस ने असदुल्ला खान को मैदान में उतारा है।
जन सुराज पार्टी बिहार एमएलसी चुनाव में क्यों महत्वपूर्ण है?
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने पहली बार बड़े पैमाने पर एमएलसी चुनाव लड़कर NDA और महागठबंधन के द्विपक्षीय समीकरण को त्रिकोणीय मुकाबले में बदल दिया है। यह पार्टी के लिए पहला बड़ा चुनावी परीक्षण है और 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले उसकी असली ताकत का संकेतक माना जा रहा है।
बिहार एमएलसी चुनाव 2026 में कौन-से निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं?
चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र — पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी — तथा चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र — पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण — इस चुनाव में शामिल हैं। इन आठों क्षेत्रों में 933 मतदान केंद्रों पर 5,32,847 मतदाता मत डालेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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