महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव 2026: गडकरी बोले — पहले राउंड में होगी जीत, 5 सीटों पर NDA का दावा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में 23 अक्टूबर 2026 को मतदान के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी समेत कई वरिष्ठ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) नेताओं ने अपनी जीत का भरोसा जताया। महाराष्ट्र में 5 निर्वाचन क्षेत्रों में हो रहे इन चुनावों पर सत्तारूढ़ महायुति और विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) दोनों की नज़रें टिकी हैं।
गडकरी का दावा — पहले राउंड में जीत
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मतदान करने के बाद पत्रकारों से कहा, 'इस चुनाव में भाजपा और जनसंघ को हमेशा जीत मिली है। इस बार भी हमारे उम्मीदवार विजयी होंगे।' उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की जीत निश्चित है और पहले ही राउंड की मतगणना में परिणाम तय हो जाएगा।
गडकरी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब 27 अक्टूबर को मतपत्रों की गिनती होनी है और सभी दलों में प्रत्याशाओं का माहौल है।
मोहोल और पाटिल ने भी जताया भरोसा
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कहा, 'पूरे महाराष्ट्र में पाँच जगहों पर चुनाव हो रहे हैं। हम आखिरी मतदाता तक पहुँचने में कामयाब हुए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में जनता का हमेशा समर्थन मिला है। हम पाँचों जगहों पर चुनाव जीतेंगे।' उन्होंने महाराष्ट्र में तेज़ी से हो रहे विकास को जनसमर्थन का आधार बताया।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री चंद्रकांत पाटिल ने कोल्हापुर में मतदाताओं का गुलाब देकर स्वागत किया। उन्होंने बताया कि तीन सप्ताह के व्यापक प्रचार के बाद सुबह 8 बजे से मतदान शुरू हुआ। पाटिल ने कहा, 'मुझे विश्वास है कि भाजपा उम्मीदवारों को भारी मतों से जीत मिलेगी। शाम 5 बजे तक सबकुछ स्पष्ट हो जाएगा।'
शिवसेना उम्मीदवार सरनाइक को भरोसा, विपक्ष भी आश्वस्त
अमरावती निर्वाचन क्षेत्र से एमएलसी और शिवसेना उम्मीदवार किरण सरनाइक ने वाशिम निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करने के बाद कहा, 'मतदान केंद्रों पर बड़ी संख्या में मतदाता पूरे उत्साह के साथ वोट डाल रहे हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि 27 अक्टूबर को मतपत्र खुलने पर मैं शिक्षकों का प्रतिनिधित्व करने वाले महायुति उम्मीदवार के तौर पर चुना जाऊंगा।'
दूसरी ओर, पुणे ग्रेजुएट्स निर्वाचन क्षेत्र से महा विकास अघाड़ी (MVA) की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख ने भी दावा किया, 'हमने बहुत अच्छी तैयारी की है और मतदान के दिन हमें पूरा भरोसा है कि सभी मतदाता हमारे साथ खड़े होंगे।' यह बयान दर्शाता है कि दोनों पक्ष अपनी-अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं।
चुनाव का राजनीतिक महत्त्व
गौरतलब है कि ये एमएलसी चुनाव महाराष्ट्र में महायुति सरकार के लिए एक महत्त्वपूर्ण राजनीतिक परीक्षा हैं। 5 निर्वाचन क्षेत्रों में शिक्षक और स्नातक मतदाता अपना प्रतिनिधि चुन रहे हैं, जो विधान परिषद में जाएंगे। यह ऐसे समय में हो रहा है जब BJP नेतृत्व वाली महायुति राज्य में अपनी स्थिति को और मज़बूत करने का प्रयास कर रही है।
मतगणना 27 अक्टूबर 2026 को होगी, जिसके बाद स्पष्ट होगा कि महायुति और MVA में से किसका दावा सच साबित होता है।