नासिक एमएलसी चुनाव: गोकुल गीते ने नाम वापस लिया, महायुति के नरेंद्र दराडे की राह साफ
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के नासिक में टीचर्स एमएलसी निर्वाचन क्षेत्र को लेकर चला आ रहा राजनीतिक गतिरोध 11 जून 2026 को उस समय समाप्त हो गया, जब महाराष्ट्र सरकार के मंत्री गिरीश महाजन ने घोषणा की कि गोकुल गीते ने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। इस कदम से महायुति गठबंधन के प्रत्याशी और शिवसेना (शिंदे गुट) के नरेंद्र दराडे के लिए चुनावी मैदान लगभग खुला हो गया है।
मुख्य घटनाक्रम
मंत्री गिरीश महाजन ने मीडिया से बातचीत में बताया कि राज्य में कुल 17 एमएलसी सीटों पर उम्मीदवार उतारे गए थे। इनमें से 6 सीटों पर प्रत्याशी पहले ही निर्विरोध निर्वाचित हो चुके हैं, जबकि शेष 11 सीटों पर मतदान प्रक्रिया अभी जारी है। उन्होंने कहा कि नासिक क्षेत्र में गोकुल गीते के नाम वापसी के बाद चुनावी समीकरण महायुति के पक्ष में और स्पष्ट हो गए हैं।
महाजन के अनुसार, यह निर्णय किसी बाहरी दबाव का नतीजा नहीं, बल्कि राजनीतिक सहमति और आंतरिक बातचीत का परिणाम है, जिसने गठबंधन की स्थिति को और सुदृढ़ किया है।
महायुति की रणनीतिक स्थिति
मंत्री महाजन ने दावा किया कि नरेंद्र दराडे की जीत अब लगभग तय मानी जा रही है, क्योंकि गठबंधन के भीतर उन्हें मज़बूत समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि अधिकांश प्रमुख राजनीतिक दल और स्थानीय नेता अब एक ही दिशा में खड़े हैं, जिससे यह चुनाव 'केवल औपचारिकता' बनकर रह गया है। इसे उन्होंने गठबंधन की रणनीतिक सफलता करार दिया।
सरकार की प्रतिक्रिया
महाराष्ट्र सरकार के एक अन्य मंत्री उदय सामंत ने भी नासिक में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि टीचर्स एमएलसी सीट पर नरेंद्र दराडे के लिए समर्थन लगातार मज़बूत हो रहा है। उन्होंने उन प्रयासों की सराहना की जिनके चलते गठबंधन को निर्दलीय समर्थन भी मिला।
सामंत ने स्पष्ट किया कि यह बदलाव आपसी सहमति और राजनीतिक समझ का हिस्सा है। उन्होंने बताया कि पार्टी नेतृत्व और स्थानीय नेताओं के बीच हुई विस्तृत बातचीत के बाद कई उम्मीदवारों ने गठबंधन का समर्थन करने का फैसला किया।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में महायुति गठबंधन — जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) शामिल हैं — विधान परिषद चुनावों में अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) भी सक्रिय है। इस पृष्ठभूमि में नासिक सीट पर गठबंधन का एकजुट होना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आगे क्या
नाम वापसी की समयसीमा समाप्त होने के बाद शेष 11 सीटों पर मतदान की तारीख तय होगी। नासिक में दराडे की उम्मीदवारी अब लगभग निर्विरोध मानी जा रही है, हालाँकि आधिकारिक परिणाम मतगणना के बाद ही घोषित होंगे। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम महाराष्ट्र में महायुति की आंतरिक समन्वय क्षमता का संकेत देता है।