क्या नागपुर नगर निगम चुनाव में भाजपा की अभूतपूर्व जीत हुई? गडकरी-फडणवीस की जोड़ी का जादू!
सारांश
Key Takeaways
- भाजपा ने 115 सीटों पर जीत का अनुमान लगाया है।
- गडकरी और फडणवीस ने प्रभावी प्रचार किया।
- कांग्रेस का प्रदर्शन कमजोर रहा।
- 51-52 प्रतिशत मतदान हुआ।
- यह जीत विकास की जीत है।
नागपुर, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा ने नागपुर नगर निगम (एनएमसी) चुनाव में विपक्ष को पीछे छोड़ दिया है। मतगणना के अंतिम चरण में पहुंचते ही भाजपा ने 151 सदस्यीय एनएमसी में बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है।
शाम 5:30 बजे तक के रुझान और घोषित परिणाम महायुति गठबंधन के स्पष्ट वर्चस्व को दर्शाते हैं। भाजपा, जिसने 2017 के चुनाव में 108 सीटें जीती थीं, इस बार 115 सीटों तक पहुंचने का अनुमानित प्रदर्शन कर रही है।
राजनीतिक विशेषज्ञ इस जीत का श्रेय स्थानीय नेताओं, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के प्रभावी चुनाव प्रचार को दे रहे हैं।
कांग्रेस विधायक विकास ठाकरे के नेतृत्व में आक्रामक प्रचार अभियान के बावजूद भाजपा के मजबूत जमीनी नेटवर्क को तोड़ने में असफल रही। आंतरिक मतभेद और एमवीए के घटक दलों द्वारा अलग-अलग चुनाव लड़ने का निर्णय, विपक्षी दलों के बिखरे हुए वोटों का मुख्य कारण माना जा रहा है।
कुछ प्रभागों में ईवीएम में मामूली खराबी और मतदाता सूचियों में विसंगतियों के बावजूद, मतदान के दिन लगभग 51-52 प्रतिशत का औसत मतदान दर्ज किया गया।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने इसे विकास की जीत और विभाजनकारी राजनीति पर एक स्पष्ट संदेश बताया। नागपुर ने एक बार फिर दिखाया है कि उसे प्रधानमंत्री मोदी के दृष्टिकोण और महाराष्ट्र के नेतृत्व पर विश्वास है।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने परिणामों पर खुशी जाहिर करते हुए उन्हें स्थिरता, प्रगति और कुशल प्रशासन के लिए स्पष्ट जनादेश बताया। उन्होंने महायुति के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के प्रयासों की सराहना की, जिनके कठिन प्रचार अभियान ने इस सफलता को संभव बनाया।
गडकरी ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने एक बार फिर भाजपा-शिवसेना महायुति पर अपना अटूट विश्वास जताया है। यह परिणाम केवल स्थानीय प्रशासन के लिए नहीं, बल्कि राज्य के समग्र राजनीतिक माहौल और सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं ने नकारात्मक राजनीति को अस्वीकार करते हुए विकास को चुना, जो विपक्ष के नैरेटिव का खंडन करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और मुख्यमंत्री फडणवीस के कुशल क्रियान्वयन को इसका श्रेय दिया।