29 अक्टूबर 2026
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महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव: एमवीए ने 3 स्नातक सीटें जीतीं, महायुति ने 2 शिक्षक सीटों पर कब्जा रखा

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महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव: एमवीए ने 3 स्नातक सीटें जीतीं, महायुति ने 2 शिक्षक सीटों पर कब्जा रखा

सारांश

महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव में 45 घंटे की मतगणना के बाद बँटा जनादेश सामने आया — एमवीए ने तीनों स्नातक सीटें जीतकर महायुति को झटका दिया, तो महायुति ने दोनों शिक्षक सीटों पर कब्जा रखा। छत्रपति संभाजीनगर में 18 साल का वर्चस्व टूटा।

मुख्य बातें

महा विकास अघाड़ी (एमवीए) ने नागपुर, पुणे और छत्रपति संभाजीनगर — तीनों स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज की।
महायुति गठबंधन ने पुणे और अमरावती शिक्षक सीटें जीतकर वापसी की।
प्रतापसिंह पाटिल ने छत्रपति संभाजीनगर में सतीश चव्हाण के 18 साल के दबदबे को 13,000 से अधिक मतों के अंतर से खत्म किया।
BJP के कौस्तुभ गावड़े (30 वर्ष) ने पुणे शिक्षक सीट पर 18 वर्षों बाद BJP को जिताया और सबसे युवा विजेताओं में स्थान पाया।
पुणे स्नातक सीट पर हर्षदा देशमुख-जाधव ने BJP की उम्मीदवार को 9,928 मतों के अंतर से हराया।
मतगणना 45 घंटे तक चली; 29 अक्टूबर 2026 की सुबह अंतिम परिणाम घोषित।

महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों में 29 अक्टूबर 2026 को घोषित परिणामों में विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) ने तीनों स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों पर कब्जा जमाकर सत्ताधारी महायुति गठबंधन को बड़ा झटका दिया, जबकि महायुति ने दोनों शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में जीत दर्ज कर मैदान सँभाला। 45 घंटे तक चली लंबी मतगणना के बाद गुरुवार तड़के पाँचों सीटों के अंतिम नतीजे घोषित किए गए, जो राज्य के पेशेवर मतदाताओं के बीच स्पष्ट रूप से बँटे हुए जनादेश को दर्शाते हैं।

स्नातक सीटों पर एमवीए का दबदबा

नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार और मौजूदा एमएलसी अभिजीत वंजारी ने अपनी सीट बरकरार रखी। कड़े मुकाबले में दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के दौरान आए निर्णायक बदलाव के बाद उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार सुधाकर कोहाले को पराजित किया। यह जीत BJP के लिए उस क्षेत्र में बड़ी निराशा है, जहाँ पार्टी का पारंपरिक रूप से मजबूत आधार रहा है।

पुणे स्नातक सीट पर नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी — शरदचंद्र पवार गुट (NCP-SP) की उम्मीदवार हर्षदा देशमुख-जाधव ने BJP की स्मिता जाधव को 9,928 मतों के अंतर से हराया। यह जीत 44 राउंड तक चली लंबी और थकाऊ मतगणना प्रक्रिया के बाद मिली।

छत्रपति संभाजीनगर (औरंगाबाद) स्नातक सीट पर NCP-SP के डॉ. प्रतापसिंह पाटिल ने 13,000 से अधिक मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। उन्होंने अजित पवार गुट वाली NCP के मौजूदा एमएलसी सतीश चव्हाण के 18 साल के प्रभुत्व को समाप्त कर दिया — यह इन चुनावों की सबसे उल्लेखनीय उलटफेर में से एक है।

शिक्षक सीटों पर महायुति की वापसी

पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में BJP के कौस्तुभ गावड़े (उम्र 30 वर्ष) विजयी रहे। उन्होंने शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सचिन साने को हराकर इस सीट पर 18 वर्षों के बाद BJP को वापसी दिलाई। वे इन चुनावों के सबसे कम उम्र के विजेताओं में से एक हैं।

अमरावती शिक्षक सीट पर शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के उम्मीदवार किरण सरनाइक विजयी हुए। 32 घंटे तक चली मतगणना के बाद अंतिम राउंड में उन्होंने एमवीए समर्थित प्रोफेसर अदिति पोहारे को पीछे छोड़ते हुए गठबंधन के लिए यह सीट बरकरार रखी।

बँटे हुए जनादेश का संदेश

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इन नतीजों में एक स्पष्ट विभाजन दिखता है। स्नातक मतदाताओं ने रोजगार, उच्च शिक्षा और आर्थिक मुद्दों को लेकर एमवीए का समर्थन किया, जबकि शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मतदाताओं ने सत्ताधारी महायुति द्वारा दी गई स्थिरता और प्रतिनिधित्व को प्राथमिकता दी। यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के बाद दोनों गठबंधन अपनी-अपनी ज़मीन मजबूत करने में लगे हैं।

गौरतलब है कि यह उन चुनावों की श्रृंखला में नवीनतम है जो महाराष्ट्र की जटिल और बहुध्रुवीय राजनीतिक संरचना को उजागर करते रहे हैं — जहाँ कोई भी गठबंधन पूरी तरह हावी नहीं हो पा रहा।

आगे क्या होगा

इन नतीजों से एमवीए के भीतर कांग्रेस और NCP-SP की स्थिति मजबूत होगी, जबकि महायुति शिक्षक वर्ग में अपनी पकड़ के आधार पर अगले चुनावों में रणनीति बनाएगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि स्नातक सीटों पर लगातार हार BJP के लिए शहरी पेशेवर मतदाताओं तक पहुँच की कमी का संकेत है, जिस पर पार्टी को ध्यान देना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्थानीय नेताओं तक भी फैल रही है। दूसरी ओर, शिक्षक सीटों पर महायुति की जीत यह दर्शाती है कि संगठित और पेशागत रूप से सरकार पर निर्भर वर्ग अभी भी सत्ताधारी गठबंधन के साथ है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है, वह यह है कि ये नतीजे महाराष्ट्र में किसी एक दल की बढ़त नहीं, बल्कि एक ऐसे गहरे विखंडन को दर्शाते हैं जो आगामी चुनावों को और अधिक अप्रत्याशित बनाएगा।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव 2026 में कुल कितनी सीटें थीं और किसने कितनी जीतीं?
इस चुनाव में कुल 5 सीटें थीं — तीन स्नातक और दो शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र। एमवीए ने तीनों स्नातक सीटें जीतीं, जबकि महायुति ने दोनों शिक्षक सीटें अपने नाम कीं।
नागपुर स्नातक सीट पर कौन जीता और किसे हराया?
कांग्रेस के मौजूदा एमएलसी अभिजीत वंजारी ने नागपुर स्नातक सीट पर BJP के सुधाकर कोहाले को हराया। दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के बाद आए निर्णायक बदलाव से वंजारी की जीत सुनिश्चित हुई।
छत्रपति संभाजीनगर स्नातक सीट पर 18 साल का वर्चस्व किसका टूटा?
NCP (अजित पवार गुट) के मौजूदा एमएलसी सतीश चव्हाण का 18 साल का वर्चस्व टूटा। NCP-SP के डॉ. प्रतापसिंह पाटिल ने उन्हें 13,000 से अधिक मतों के अंतर से हराया।
पुणे शिक्षक सीट पर BJP की वापसी क्यों खास है?
BJP के कौस्तुभ गावड़े ने 18 वर्षों के बाद पुणे शिक्षक सीट पर पार्टी को जिताया। 30 वर्षीय गावड़े इन चुनावों के सबसे युवा विजेताओं में से एक हैं और उन्होंने शिंदे-सेना समर्थित निर्दलीय सचिन साने को हराया।
इन नतीजों का महाराष्ट्र की राजनीति पर क्या असर होगा?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार स्नातक मतदाताओं का एमवीए की ओर झुकाव रोजगार और आर्थिक चिंताओं को दर्शाता है, जबकि शिक्षक मतदाताओं ने महायुति की स्थिरता को प्राथमिकता दी। यह बँटा जनादेश आगामी चुनावों में दोनों गठबंधनों की रणनीति को प्रभावित करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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