29 अक्टूबर 2026
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नागपुर स्नातक एमएलसी चुनाव: कांग्रेस के अभिजीत वंजारी की लगातार दूसरी जीत, भाजपा की पूरी ताकत फेल

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नागपुर स्नातक एमएलसी चुनाव: कांग्रेस के अभिजीत वंजारी की लगातार दूसरी जीत, भाजपा की पूरी ताकत फेल

सारांश

नागपुर स्नातक एमएलसी सीट पर कांग्रेस के अभिजीत वंजारी की लगातार दूसरी जीत भाजपा के लिए बड़ा झटका है। वंजारी ने पीएम मोदी के 'कांग्रेस कहीं नहीं' वाले दावे को सीधे नकारते हुए ईवीएम हटाने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग भी उठाई।

मुख्य बातें

कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने 29 अक्टूबर 2026 को नागपुर स्नातक एमएलसी सीट पर लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की।
वंजारी ने कहा कि भाजपा ने यह चुनाव जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंकी, फिर भी हार का सामना करना पड़ा।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस सोशल मीडिया दावे को खारिज किया जिसमें कहा गया था कि कांग्रेस कहीं नहीं है।
वंजारी ने चुनाव आयोग से ईवीएम बंद कर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग की।
उन्होंने 2029 के चुनावों में पूरे देश में कांग्रेस की लहर का दावा किया।

महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने 29 अक्टूबर 2026 को शानदार जीत दर्ज की — यह उनकी इस सीट पर लगातार दूसरी जीत है। जीत के बाद वंजारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंकी, फिर भी वह इस सीट को नहीं जीत सकी।

चुनावी रणनीति और जीत की वजह

वंजारी ने अपनी जीत का श्रेय पिछले छह वर्षों के काम और व्यक्तिगत संपर्क अभियान को दिया। उन्होंने कहा, "मैं अपनी जीत को लेकर आश्वस्त था। मुझे अपने मतदाता पता थे, मैंने सर्वे किया था और पिछले छह साल में जिस तरह से काम किया था, मुझे पता था कि उसका फायदा मुझे मिलेगा।" उन्होंने बताया कि उनकी प्रचार रणनीति का फोकस हर मतदाता से सीधे संपर्क पर था, न कि बूथों पर महज भीड़ जुटाने पर।

वंजारी ने स्पष्ट किया कि यह स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव है, जहाँ शिक्षित मतदाता केवल भीड़ भाड़ वाले प्रचार से नहीं, बल्कि कामकाज के आधार पर मतदान करते हैं। उन्होंने कहा, "यह बात एक बार फिर सिद्ध हो गई है कि ग्रेजुएट कॉन्स्टिट्यूएंसी को केवल बूथ पर भीड़ जमा करके नहीं जीता जा सकता।"

मतगणना का उतार चढ़ाव

चुनाव के दौरान मतगणना में आए उतार चढ़ाव पर वंजारी ने बताया कि पहले राउंड में उन्हें बढ़त मिली थी, लेकिन दूसरे राउंड में वह थोड़ा पीछे हो गए थे। उन्होंने कहा कि उन्हें शुरू से भरोसा था कि आगे के राउंड में वह फिर से आगे निकल जाएँगे, और ऐसा ही हुआ।

PM मोदी के दावे पर पलटवार

वंजारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस सोशल मीडिया पोस्ट का सीधा जवाब दिया जिसमें उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि देश में जहाँ जहाँ चुनाव हुए, वहाँ कांग्रेस कहीं नहीं है। वंजारी ने कहा, "पीएम मोदी का दावा फेल हो गया है। हमने सिद्ध कर दिया कि नागपुर में आज भी कांग्रेस जीवित है।" उन्होंने आगे कहा कि केवल नागपुर में नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र और पूरे देश में लोगों के मन में कांग्रेस की विचारधारा जीवित है।

ईवीएम पर सवाल, बैलेट पेपर की माँग

वंजारी ने चुनाव आयोग से ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग की। उनका कहना था कि पिछले 12 वर्षों में लोगों के मन में ईवीएम को लेकर संदेह गहरा हो गया है और मतदाताओं को आशंका है कि उनका वोट सही जगह नहीं जा रहा। उन्होंने तर्क दिया कि कई प्रगतिशील देशों ने भी ईवीएम छोड़कर बैलेट पेपर की ओर वापसी की है। वंजारी ने कहा, "अगर बैलेट पेपर से चुनाव होगा तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।"

2029 के चुनाव पर नज़र

आगामी राजनीतिक परिदृश्य पर वंजारी ने दावा किया कि नागपुर कभी भाजपा का स्थायी गढ़ नहीं रहा। उन्होंने कहा कि पिछली कुछ परिस्थितियों में भाजपा के जनप्रतिनिधि ज़रूर जीते होंगे, लेकिन 2029 के चुनावों में देश भर में कांग्रेस की लहर देखने को मिलेगी। यह जीत ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र में विपक्ष अपनी संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने की कोशिश में लगा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह नागपुर — भाजपा और RSS के वैचारिक केंद्र — में पार्टी की निरंतर उपस्थिति को रेखांकित करती है। हालाँकि एक विधान परिषद सीट से व्यापक राजनीतिक निष्कर्ष निकालना जल्दबाज़ी होगी — स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की प्रकृति ही ऐसी है कि यहाँ व्यक्तिगत कामकाज और सीधे संपर्क का वज़न पार्टी लहर से अधिक होता है। वंजारी का ईवीएम पर बयान विपक्ष की उस पुरानी माँग को दोहराता है जो अब तक चुनाव परिणामों से नहीं, बल्कि चुनावी हार के संदर्भ में ही उठती रही है — इसकी विश्वसनीयता तब अधिक होती जब इसे जीत और हार दोनों स्थितियों में समान रूप से उठाया जाता।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नागपुर स्नातक एमएलसी चुनाव 2026 में कौन जीता?
कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने 29 अक्टूबर 2026 को नागपुर स्नातक विधान परिषद (एमएलसी) सीट पर जीत दर्ज की। यह उनकी इस सीट पर लगातार दूसरी जीत है।
अभिजीत वंजारी ने अपनी जीत का श्रेय किसे दिया?
वंजारी ने जीत का श्रेय पिछले छह वर्षों के कामकाज और हर मतदाता से व्यक्तिगत संपर्क की रणनीति को दिया। उन्होंने कहा कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में शिक्षित मतदाता काम के आधार पर मतदान करते हैं, महज भीड़ जुटाने से यह सीट नहीं जीती जा सकती।
वंजारी ने PM मोदी के दावे पर क्या कहा?
वंजारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस कथित सोशल मीडिया पोस्ट का जवाब दिया जिसमें कहा गया था कि चुनावों में कांग्रेस कहीं नहीं है। वंजारी ने कहा कि इस जीत से साबित हो गया है कि नागपुर में — और पूरे महाराष्ट्र में — कांग्रेस आज भी जीवित है।
वंजारी ने ईवीएम पर क्या माँग की?
वंजारी ने चुनाव आयोग से ईवीएम से चुनाव कराना बंद करने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की माँग की। उनका कहना था कि पिछले 12 वर्षों में मतदाताओं के मन में ईवीएम को लेकर गहरा संदेह पैदा हो गया है और कई प्रगतिशील देशों ने भी ईवीएम छोड़कर बैलेट पेपर अपना लिया है।
2029 के चुनावों को लेकर वंजारी का क्या कहना है?
वंजारी ने दावा किया कि 2029 के चुनावों में पूरे देश में एक बार फिर कांग्रेस की लहर देखने को मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि नागपुर कभी भाजपा का स्थायी गढ़ नहीं रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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