28 अक्टूबर 2026
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एमएलसी चुनाव: बावनकुले का कांग्रेस पर प्रहार — 'हार के बाद आत्ममंथन नहीं, बस आरोपों की राजनीति'

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एमएलसी चुनाव: बावनकुले का कांग्रेस पर प्रहार — 'हार के बाद आत्ममंथन नहीं, बस आरोपों की राजनीति'

सारांश

महाराष्ट्र एमएलसी चुनावों के बाद भाजपा मंत्री बावनकुले ने कांग्रेस पर हमला बोला — हार के बाद आत्ममंथन की बजाय आरोपबाज़ी, मोदी के परिवार पर टिप्पणी और एसआईआर पर दोहरा रुख। नागपुर-अमरावती में भाजपा की बढ़त को बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत के रूप में पेश किया।

मुख्य बातें

भाजपा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने 28 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस पर महाराष्ट्र एमएलसी चुनावों में हार के बाद आत्ममंथन न करने का आरोप लगाया।
भाजपा ने नागपुर और अमरावती में बढ़त बनाई; पुणे की एक सीट पर भी आगे; मराठवाड़ा में अभी भी पिछड़ रही है।
बावनकुले ने प्रधानमंत्री मोदी के परिवार पर अपमानजनक टिप्पणियों के लिए कांग्रेस को 2029 के चुनावों में राजनीतिक नुकसान की चेतावनी दी।
एसआईआर (SIR) का बचाव करते हुए कहा कि राहुल गांधी का विरोध व्यापक जनसमर्थन हासिल नहीं कर पाएगा।
कांग्रेस पर केरल और पश्चिम बंगाल में एसआईआर पर दोहरा रुख अपनाने का आरोप।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई में महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों के नतीजों के संदर्भ में कांग्रेस की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनावी हार के बाद आत्ममंथन करने के बजाय बैलेट पेपर, धन-बल और मतदाताओं को प्रलोभन देने जैसे आरोपों की आड़ लेती है। बावनकुले के अनुसार, इन एमएलसी नतीजों से महाराष्ट्र में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा है।

एमएलसी चुनावों में भाजपा की बढ़त

बावनकुले ने बताया कि नागपुर और पुणे की सीटें पहले कांग्रेस के पास थीं, अमरावती की सीट उद्धव ठाकरे गुट के पास और मराठवाड़ा की सीट अजित पवार के खाते में थी। उनके अनुसार, अब भाजपा नागपुर और अमरावती में आगे निकल चुकी है तथा पुणे की एक सीट पर भी बढ़त बनाए हुए है।

उन्होंने स्वीकार किया कि मराठवाड़ा में भाजपा अभी भी पिछड़ रही है, लेकिन इसे पार्टी की समग्र प्रगति के संदर्भ में रेखांकित करते हुए कहा कि जहाँ पहले भाजपा कहीं भी आगे नहीं थी, वहाँ अब तीन सीटों पर बढ़त हासिल हो चुकी है।

कांग्रेस पर 'आत्ममंथन से परहेज़' का आरोप

बावनकुले ने कहा कि भाजपा हार के बाद अपनी कमियों का आकलन करती है, रणनीति बनाती है और अगली जीत के लिए तैयार होती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके विपरीत कांग्रेस कभी बैलेट पेपर को दोष देती है, कभी पैसों के इस्तेमाल की बात करती है और कभी भ्रष्टाचार का हवाला देती है — लेकिन यह समझने की कोशिश नहीं करती कि जनता ने उसे क्यों नकारा।

उनका कहना था कि कांग्रेस की यह प्रवृत्ति पार्टी को लंबे समय में और कमज़ोर बनाती है, क्योंकि बिना आत्ममंथन के सुधार संभव नहीं।

खड़गे के बयान और मोदी पर टिप्पणी का मुद्दा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के एक बयान का उल्लेख करते हुए बावनकुले ने कहा कि कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने भी ऐसे विवादास्पद बयानों से बचने की राय दी है। उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से अपील की कि वे अपने ही साथियों की सलाह को गंभीरता से लें।

बावनकुले ने चेतावनी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माता-पिता के बारे में अपमानजनक टिप्पणियाँ करने का राजनीतिक खामियाज़ा कांग्रेस को भुगतना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि 2029 के चुनावों में जनता ऐसे असंवेदनशील नेताओं को जवाब देगी, और इससे कांग्रेस को अब तक का सबसे बड़ा नुकसान हो सकता है।

एसआईआर विवाद और राहुल गांधी पर निशाना

मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर/SIR) के मुद्दे पर बावनकुले ने कहा कि गलत नामों, मृत व्यक्तियों के नामों और उन लोगों के नामों को हटाना आवश्यक है जो संबंधित स्थान पर नहीं रहते। उन्होंने बताया कि इस माँग को लेकर लोग अदालतों का भी दरवाज़ा खटखटा चुके हैं।

बावनकुले ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे एसआईआर जैसे उन मुद्दों पर ऊर्जा खर्च कर रहे हैं, जिन्हें जनता प्राथमिकता नहीं देती। उन्होंने यह भी कहा कि केरल और पश्चिम बंगाल में कांग्रेस एसआईआर पर अलग रुख अपनाती है, जो पार्टी की दोहरी नीति को उजागर करता है।

आगे क्या

बावनकुले की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब महाराष्ट्र में एमएलसी चुनाव के नतीजे राज्य की राजनीतिक दिशा को लेकर नई बहस छेड़ रहे हैं। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में अगले विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ गठबंधन और विपक्ष दोनों के लिए ये नतीजे एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संकेत माने जा रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि कांग्रेस को अपनी संगठनात्मक कमज़ोरियों पर गहराई से विचार करना होगा, अन्यथा आने वाले चुनावों में उसकी स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस तर्क की विश्वसनीयता तभी बनेगी जब वह राज्यों की भिन्न परिस्थितियों की भी व्याख्या करे। कांग्रेस की आत्ममंथन की विफलता असली समस्या हो सकती है — पर उसे रेखांकित करने वाला स्वर विरोधी दल का है, जो अपने आप में एक सीमा है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बावनकुले ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
भाजपा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि कांग्रेस एमएलसी चुनावों में हार के बाद आत्ममंथन करने के बजाय बैलेट पेपर, धन-बल और भ्रष्टाचार जैसे आरोप लगाती है। उनके अनुसार, इस प्रवृत्ति से महाराष्ट्र में कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक नुकसान हो रहा है।
महाराष्ट्र एमएलसी चुनावों में भाजपा की स्थिति क्या है?
बावनकुले के दावे के अनुसार, भाजपा नागपुर और अमरावती में आगे निकल चुकी है तथा पुणे की एक सीट पर भी बढ़त बनाए हुए है। मराठवाड़ा में पार्टी अभी भी पिछड़ रही है, लेकिन कुल मिलाकर तीन सीटों पर बढ़त हासिल की गई है जहाँ पहले भाजपा कहीं नहीं थी।
एसआईआर विवाद क्या है और बावनकुले का क्या रुख है?
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) एक प्रक्रिया है जिसमें मृत, गलत या स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं। बावनकुले ने इसका बचाव करते हुए कहा कि राहुल गांधी का इस पर विरोध जनसमर्थन हासिल नहीं कर पाएगा और कांग्रेस केरल व पश्चिम बंगाल में इस मुद्दे पर अलग रुख अपनाती है।
मोदी के परिवार पर टिप्पणी को लेकर बावनकुले ने क्या कहा?
बावनकुले ने चेतावनी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माता-पिता के बारे में अपमानजनक टिप्पणियाँ करना कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से महंगा साबित हो सकता है। उनके अनुसार, 2029 के चुनावों में जनता ऐसे नेताओं को जवाब देगी और कांग्रेस को अब तक का सबसे बड़ा नुकसान हो सकता है।
राहुल गांधी के मुद्दों पर बावनकुले की क्या राय है?
बावनकुले ने कहा कि राहुल गांधी जिन मुद्दों को उठा रहे हैं, उन्हें जनता महत्वपूर्ण नहीं मानती और इससे उनकी राजनीतिक छवि को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक रणनीति पर गंभीरता से पुनर्विचार करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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