28 अक्टूबर 2026
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यूक्रेन में बंद भारतीय नागरिक की रिहाई के लिए MEA की बातचीत जारी, रूसी सेना में 69 अभी भी फंसे

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यूक्रेन में बंद भारतीय नागरिक की रिहाई के लिए MEA की बातचीत जारी, रूसी सेना में 69 अभी भी फंसे

सारांश

यूक्रेन में हिरासत में बंद एक भारतीय नागरिक की वापसी के लिए कूटनीतिक बातचीत जारी है। 259 में से 139 को वापस लाया जा चुका है, लेकिन 69 अभी भी रूसी सेना में हैं। यह मामला उस खतरनाक प्रवृत्ति को उजागर करता है जिसमें भारतीय नागरिक आर्थिक लाभ के लिए युद्धक्षेत्र में कदम रख रहे हैं।

मुख्य बातें

विदेश मंत्रालय ने 28 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि यूक्रेन में हिरासत में बंद एक भारतीय नागरिक की रिहाई के लिए बातचीत जारी है।
प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि हिरासत में बंद नागरिक की कुशलक्षेम के लिए कांसुलर मुलाकातें की जा चुकी हैं।
कुल 259 भारतीयों में से 139 को रूसी सेना से मुक्त कराकर स्वदेश लाया जा चुका है; 69 अभी भी वहाँ मौजूद माने जा रहे हैं।
गलत भर्ती में शामिल ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने कार्रवाई की है।
30 सितंबर को MEA ने भारतीयों को रूसी सेना में भर्ती के प्रस्तावों से दूर रहने की कड़ी चेतावनी दी थी।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को पुष्टि की कि यूक्रेन की हिरासत में बंद एक भारतीय नागरिक की स्वदेश वापसी के लिए यूक्रेनी सरकार के साथ कूटनीतिक बातचीत जारी है। साथ ही, रूसी सेना में अभी भी मौजूद भारतीय नागरिकों की जल्द रिहाई सुनिश्चित करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में आयोजित द्वि-साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, 'यूक्रेन के संबंध में वहाँ हिरासत में बंद एक भारतीय नागरिक को लेकर यूक्रेनी सरकार के साथ बातचीत जारी है। हम उसे भारत वापस लाने के प्रयास कर रहे हैं। उसकी कुशलक्षेम की जाँच के लिए कांसुलर मुलाकातें भी की गई हैं।'

जायसवाल ने यह भी बताया कि रूसी सेना में अभी भी कार्यरत भारतीय नागरिकों की संख्या के बारे में उपलब्ध जानकारी पहले ही सार्वजनिक की जा चुकी है और उनकी जल्द रिहाई के लिए भारत के प्रयास निरंतर जारी हैं।

पिछले आँकड़े और वर्तमान स्थिति

गौरतलब है कि 9 अक्टूबर को जायसवाल ने बताया था कि उपलब्ध जानकारी के अनुसार करीब 259 भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में भर्ती किया गया था। इनमें से 139 लोगों को भारत सरकार के प्रयासों से रूसी सेना से मुक्त कराकर स्वदेश वापस लाया जा चुका है।

अभी भी 69 भारतीय नागरिक रूसी सेना में मौजूद माने जा रहे हैं। उनके बारे में रूसी सरकार के साथ बातचीत जारी है और भारत उनसे संबंधित जानकारी जुटाने तथा उनकी वापसी सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध को दो वर्ष से अधिक हो चुके हैं और इसमें फंसे विदेशी नागरिकों की स्वदेश वापसी एक जटिल कूटनीतिक चुनौती बनी हुई है।

सरकार की प्रतिक्रिया और की गई कार्रवाई

मंत्रालय के अनुसार, पिछले दो वर्षों में कई बार परामर्श जारी कर भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में भर्ती के प्रस्तावों से दूर रहने की चेतावनी दी गई है। इसके अतिरिक्त, गलत तरीके से भर्ती और अन्य अनियमितताओं में शामिल ट्रैवल एजेंटों तथा संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने कार्रवाई भी की है।

30 सितंबर को विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में शामिल होने के प्रस्तावों से दूर रहने की स्पष्ट सलाह दी थी और कहा था कि इस तरह की भर्ती उनके जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है।

आम जनता पर असर

मंत्रालय ने स्वीकार किया कि कुछ मामलों में लोग आर्थिक लाभ की आशा में स्वेच्छा से रूसी सेना में शामिल होने के प्रस्ताव स्वीकार कर रहे हैं, यह सोचकर कि बाद में भारत सरकार उन्हें रिहा करा देगी। मंत्रालय ने इस प्रवृत्ति को खतरनाक बताते हुए दोहराया कि सरकार इसे सख्ती से हतोत्साहित करती है।

यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण हो जाता है जब आर्थिक तंगी और विदेश में बेहतर रोजगार की तलाश में कई भारतीय युवा अज्ञात एजेंटों के झाँसे में आ रहे हैं। रूसी नागरिकता ले चुके भारतीय मूल के लोगों की संख्या के बारे में सरकार के पास कोई आँकड़ा उपलब्ध नहीं है।

क्या होगा आगे

भारत सरकार रूसी और यूक्रेनी दोनों सरकारों के साथ कूटनीतिक संपर्क बनाए हुए है। यूक्रेन में हिरासत में बंद भारतीय नागरिक की कांसुलर देखभाल जारी है और उसकी वापसी के लिए बातचीत में प्रगति अपेक्षित बताई जा रही है। रूसी सेना में फंसे शेष 69 नागरिकों की रिहाई के लिए कूटनीतिक प्रयास आने वाले हफ्तों में और तेज होने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 69 का अभी भी रूसी सेना में होना यह सवाल खड़ा करता है कि क्या केवल परामर्श और चेतावनियाँ पर्याप्त हैं। असली ज़रूरत एक सक्रिय, प्रवर्तनीय तंत्र की है जो इन भर्तियों को स्रोत पर ही रोके — यूक्रेन या रूस में फंसने के बाद नहीं।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूक्रेन में हिरासत में बंद भारतीय नागरिक का मामला क्या है?
एक भारतीय नागरिक यूक्रेन की हिरासत में बंद है और उसकी स्वदेश वापसी के लिए विदेश मंत्रालय यूक्रेनी सरकार के साथ बातचीत कर रहा है। उसकी कुशलक्षेम जानने के लिए कांसुलर मुलाकातें भी की गई हैं।
रूसी सेना में कितने भारतीय नागरिक अभी भी फंसे हैं?
विदेश मंत्रालय के अनुसार, 9 अक्टूबर तक की जानकारी के अनुसार 69 भारतीय नागरिक अभी भी रूसी सेना में मौजूद माने जा रहे हैं। कुल 259 भर्ती हुए भारतीयों में से 139 को सरकारी प्रयासों से वापस लाया जा चुका है।
भारत सरकार ने रूसी सेना में भर्ती रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने पिछले दो वर्षों में कई बार परामर्श जारी कर नागरिकों को चेतावनी दी है। गलत तरीके से भर्ती में शामिल ट्रैवल एजेंटों और अन्य व्यक्तियों के खिलाफ कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने कार्रवाई भी की है।
क्या भारतीय नागरिक स्वेच्छा से रूसी सेना में जा रहे हैं?
विदेश मंत्रालय ने माना है कि कुछ मामलों में लोग आर्थिक लाभ की उम्मीद में स्वेच्छा से रूसी सेना में शामिल हो रहे हैं। मंत्रालय ने इसे खतरनाक बताते हुए कहा है कि सरकार इस प्रवृत्ति को सख्ती से हतोत्साहित करती है।
रूसी नागरिकता लेने वाले भारतीय मूल के लोगों का आँकड़ा क्या है?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार सरकार के पास रूसी नागरिकता लेने वाले भारतीय मूल के लोगों का कोई आँकड़ा उपलब्ध नहीं है। ऐसी जानकारी के लिए रूस के दूतावास या मॉस्को स्थित उसके विदेश मंत्रालय से संपर्क करना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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