यूक्रेन ने भारत में हिरासत में लिए गए नागरिकों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की, कांसुलर पहुंच की मांग की

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यूक्रेन ने भारत में हिरासत में लिए गए नागरिकों की स्थिति पर चिंता व्यक्त की, कांसुलर पहुंच की मांग की

सारांश

यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने भारत में छह नागरिकों की हिरासत को लेकर चिंता जताई है। मंत्रालय ने कहा कि कोई भी तथ्य यह साबित नहीं करता कि ये नागरिक किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल थे।

Key Takeaways

  • यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने भारत में नागरिकों की हिरासत पर चिंता जताई।
  • कानूनी सहायता और वकील प्रदान किए गए हैं।
  • कोई ठोस सबूत नहीं है जो नागरिकों के खिलाफ आरोप साबित करता हो।
  • भारत में यूक्रेनी दूतावास को कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली।
  • अगली सुनवाई 27 मार्च को है।

नई दिल्ली, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने 13 मार्च को भारत में छह नागरिकों की हिरासत के संबंध में स्थिति स्पष्ट की है। मंत्रालय ने कहा कि अभी तक कोई भी तथ्य यह साबित नहीं करता कि ये नागरिक भारत या म्यांमार में किसी गैरकानूनी गतिविधि में शामिल थे।

यूक्रेन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, नागर‍िकों पर मिजोरम राज्य में अनधिकृत उपस्थिति का आरोप लगाया गया है। इसके साथ ही, भारत और म्यांमार के बीच राज्य सीमा को कथित तौर पर अवैध रूप से पार करने का आरोप भी है। वर्तमान में, भारत में इस मामले पर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है।

यूक्रेन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अभी तक कोई स्थापित तथ्य नहीं है जो साबित करे कि ये यूक्रेनी नागरिक भारत या म्यांमार की सीमा पर किसी गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल थे। मंत्रालय ने यह भी बताया कि कुछ मीडिया में तथ्यों की गलत व्याख्या की जा रही है।

मंत्रालय ने कहा कि मामले की जांच के हित में विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है। भारत में यूक्रेनी दूतावास के वाणिज्य दूत अधिकारियों ने नागरिकों को कानूनी सहायता और अदालत की कार्यवाही में रक्षा वकील प्रदान किए हैं। 16 मार्च को अदालत की सुनवाई हुई, जिसमें भारत गणराज्य में यूक्रेन दूतावास के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे, लेकिन उन्हें हिरासत में रखे गए नागरिकों के साथ सीधे संवाद करने की अनुमति नहीं दी गई। सुनवाई के बाद, अदालत ने उनकी हिरासत को 27 मार्च तक बढ़ाने का निर्णय लिया।

अंतरराष्ट्रीय प्रथाओं के खिलाफ, भारत स्थित यूक्रेन के दूतावास को संबंधित अधिकारियों से इन नागरिकों की हिरासत के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना प्राप्त नहीं हुई है। यूक्रेन ने इस बात पर जोर दिया है कि हिरासत में लिए गए नागरिकों तक कांसुलर अधिकारियों की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित की जाए।

भारत में यूक्रेन के राजदूत डॉ. ओलेक्जेंडर पोलिशचुक ने भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने एक आधिकारिक विरोध-पत्र सौंपा, जिसमें इन नागरिकों की तत्काल रिहाई और उन तक पहुंच सुनिश्चित करने की मांग की गई। इसके अतिरिक्त, दूतावास भारत के अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि हिरासत में लिए जाने के सभी कारणों और परिस्थितियों को स्पष्ट रूप से समझा जा सके।

यूक्रेनी कूटनीतिक मिशन हिरासत में रखे गए नागरिकों के परिवारों के साथ लगातार संपर्क में है और स्थिति पर विशेष ध्यान दे रहा है।

हम यह बताना चाहेंगे कि भारत में विदेशी नागरिकों के लिए कुछ सीमित-प्रवेश वाले क्षेत्र हैं, जिनमें प्रवेश केवल विशेष अनुमति से ही संभव है। अक्सर ऐसे क्षेत्रों पर उचित संकेतक अंकन की कमी होती है, जिससे नियमों का अनजाने में उल्लंघन होने का जोखिम बढ़ जाता है।

Point of View

NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

क्या यूक्रेन के नागरिकों पर भारत में कोई आरोप हैं?
हां, यूक्रेन के नागरिकों पर मिजोरम राज्य में अनधिकृत उपस्थिति और सीमा पार करने का आरोप लगाया गया है, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं है।
यूक्रेन ने भारत से क्या मांगा है?
यूक्रेन ने हिरासत में लिए गए नागरिकों तक कांसुलर अधिकारियों की पहुंच सुनिश्चित करने की मांग की है।
क्या भारत में यूक्रेनी दूतावास को कोई जानकारी मिली है?
नहीं, भारत स्थित यूक्रेन के दूतावास को संबंधित अधिकारियों से हिरासत के संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।
क्या हिरासत में नागरिकों को कानूनी सहायता मिली है?
हां, हिरासत में रखे गए नागरिकों को कानूनी सहायता और अदालत की कार्यवाही में रक्षा वकील प्रदान किए गए हैं।
इस मामले पर अगली सुनवाई कब होगी?
अगली सुनवाई 27 मार्च को होगी।
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