रूस का भारतीय हिरासत मामले पर बड़ा बयान, यूक्रेनी दूतावास की भूमिका पर उठाए गए सवाल

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रूस का भारतीय हिरासत मामले पर बड़ा बयान, यूक्रेनी दूतावास की भूमिका पर उठाए गए सवाल

सारांश

भारत में यूक्रेनी और अमेरिकी नागरिकों की हिरासत पर रूस ने गंभीर सवाल उठाए हैं। विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने यूक्रेनी दूतावास की प्रतिक्रिया को हैरान करने वाला बताया है। इस मामले में क्षेत्रीय अस्थिरता के संकेत भी मिल रहे हैं।

Key Takeaways

  • भारत में छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी हुई।
  • रूस ने यूक्रेनी दूतावास की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
  • इस मामले में क्षेत्रीय अस्थिरता के संकेत मिल रहे हैं।
  • रूस ने यूक्रेन के सैन्यकरण को लेकर चिंता व्यक्त की है।

नई दिल्ली, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 13 मार्च को नई दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक को हिरासत में लिया। इस गिरफ्तारी पर रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने कहा, "ये लोग म्यांमार की सीमा पार कर मिजोरम में प्रवेश किए थे और स्थानीय सशस्त्र जातीय समूहों के साथ संपर्क स्थापित किया था, ताकि उन्हें ईयू में बनाए गए ड्रोन प्रदान किए जा सकें और उन्हें ड्रोन असेंबल-रिपेयर करने और इलेक्ट्रॉनिक युद्धक तकनीक में प्रशिक्षण दिया जा सके।" भारतीय मीडिया के अनुसार, एनआईए का कहना है कि ये हथियारबंद समूह उत्तर-पूर्वी भारत में विद्रोहियों के साथ संबंध बनाए रखते हैं।

भारत में यूक्रेनी दूतावास पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा, "भारत में यूक्रेनी दूतावास की प्रतिक्रिया हैरान करने वाली थी। उन्होंने इस घटना को छिपाने और अपने नागरिकों की संदिग्ध गतिविधियों को, जो स्पष्ट रूप से क्षेत्र में स्थिति को अस्थिर करने के लिए थीं, छिपाने की कोशिश की। यूक्रेनी विदेश मंत्रालय ने अपने नागरिकों द्वारा भारत के आतंकवाद-रोधी कानून के उल्लंघन पर चुप रहने का निर्णय लिया और बिना समय गंवाए 'कुछ भारतीय और रूसी समाचार एजेंसियों' पर जानबूझकर तथ्यों को गलत साबित करने का आरोप लगाया।"

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता ने यूक्रेनी राष्ट्रपति पर निशाना साधते हुए कहा कि यह घटना दिखाती है कि जेलेंस्की का शासन विश्व में अस्थिरता का मुख्य निर्यातक है। रूस ने नाटो और ईयू द्वारा यूक्रेन के बड़े पैमाने पर सैन्यकरण से जुड़े खतरों के बारे में बार-बार चेतावनी दी है। उन्हें प्रदान किए गए हथियारों का सही हिसाब नहीं है और ये कहीं भी प्रकट हो सकते हैं। आज, कीव वैश्विक काले बाजार में हथियारों और सैन्य तकनीक का बड़ा सप्लायर बन गया है, जिसमें लैटिन अमेरिकी ड्रग कार्टेल को सैन्य उत्पादों की आपूर्ति करना और अफ्रीका में आतंकवादियों को प्रशिक्षण देना शामिल है। पश्चिमी देशों द्वारा बनाए गए यूक्रेनी जाल का प्रभाव मध्य पूर्व, दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया में क्षेत्रीय विवादों तक पहुँच रहा है।

मारिया जखारोवा ने कहा, "कुछ दिन पहले जेलेंस्की ने कहा था कि कई सौ यूक्रेनी लड़ाकों को फारस की खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष में भाग लेने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। निश्चित रूप से, यूक्रेन के सैन्य तकनीकी निर्यात पर अंतरराष्ट्रीय निगरानी का कोई सवाल नहीं उठता।"

Point of View

NationPress
22/03/2026

Frequently Asked Questions

भारत में यूक्रेनी नागरिकों की गिरफ्तारी क्यों हुई?
भारत की राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने इन्हें संदिग्ध गतिविधियों के कारण हिरासत में लिया है, जिसमें मिजोरम में हथियारबंद समूहों के साथ संपर्क स्थापित करना शामिल है।
रूस का इस मामले पर क्या कहना है?
रूस ने इस मामले को लेकर यूक्रेनी दूतावास की प्रतिक्रिया को हैरान करने वाला बताया है और कहा है कि यह घटना क्षेत्र में अस्थिरता का संकेत है।
क्या यूक्रेन का सैन्यकरण एक समस्या है?
रूस ने नाटो और ईयू द्वारा यूक्रेन के बड़े पैमाने पर सैन्यकरण को लेकर बार-बार चेतावनी दी है, जिससे वैश्विक स्थिरता पर खतरा बन सकता है।
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