मणिपुर: उखरुल में तनाव की स्थिति, 20 से अधिक नागा नागरिक हिरासत में

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मणिपुर: उखरुल में तनाव की स्थिति, 20 से अधिक नागा नागरिक हिरासत में

सारांश

मणिपुर के उखरुल जिले में तनाव जारी है, जहां उखरुल-इंफाल मार्ग पर यात्रा कर रहे 20 तांगखुल नागा नागरिकों को हिरासत में लिया गया। मुख्यमंत्री ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सभी नागरिकों की सुरक्षित रिहाई की अपील की है।

Key Takeaways

  • मणिपुर के उखरुल में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।
  • कम से कम 20 तांगखुल नागा नागरिक हिरासत में लिए गए हैं।
  • मुख्यमंत्री ने नागरिकों की रिहाई की अपील की है।
  • सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।
  • अधिकारियों से जल्द कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है।

इंफाल, 11 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मणिपुर के उखरुल जिले में बुधवार को स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। इस दौरान, उखरुल-इंफाल मार्ग पर यात्रा कर रहे कम से कम 20 तांगखुल नागा नागरिकों को कथित तौर पर दूसरे समुदाय के सदस्यों द्वारा हिरासत में लिया गया। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।

एक पुलिस अधिकारी ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आम नागरिकों को शांगकाई गांव में पकड़ा गया, जो लिटन पुलिस स्टेशन से लगभग 5 किमी दूर है।

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने उखरुल-इम्फाल सड़क पर स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की, जहां निर्दोष नागरिकों को बंदी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री ने जिम्मेदार लोगों से अपील की है कि वे इंसानियत के सर्वोच्च मूल्यों को बनाए रखें और सभी नागरिकों की शीघ्र और बिना शर्त रिहाई सुनिश्चित करें।

उन्होंने पीड़ितों के परिवारों और समुदाय को भरोसा दिलाया कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और इस तरह की कायरतापूर्ण हरकतों में शामिल लोगों को सजा दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।

सिंह ने दोहराया कि सरकार मणिपुर के सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को स्थिति पर करीब से नजर रखने और सभी नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए तुरंत प्रयास करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी सिविल सोसाइटी ऑर्गनाइजेशन (सीएसओ) और हितधारकों से भी स्थिति को शांत करने में मदद करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि किसी भी गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी और सभी से हिंसा छोड़ने की अपील की।

इस बीच, फरवरी में, लिटन सारेखोंग में कुकी और तांगखुल नागा समुदायों के बीच झगड़ों को लेकर जातीय संघर्ष हुए, जिसके परिणामस्वरूप दोनों समुदायों के 30 से अधिक घरों में आग लगा दी गई।

तांगखुल मणिपुर की सबसे बड़ी नागा जनजाति है, जो मुख्यतः राज्य के पांच से छह जिलों में निवास करती है।

मणिपुर में तांगखुल नागाओं की सबसे बड़ी संस्था, तांगखुल नागा लॉन्ग (कार्यकारी समिति) ने बुधवार को उखरुल जिले के कुकी-आबादी वाले शांगकाई गांव से संदिग्ध कुकी मिलिटेंट्स द्वारा कथित तौर पर अपहरण किए गए 20 से अधिक नागा यात्रियों की सुरक्षित रिहाई के लिए दो घंटे का अल्टीमेटम दिया।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की अगुवाई में सुरक्षा बलों की एक बड़ी टुकड़ी इलाके में पहुंची और बंधकों को बचाने तथा संदिग्ध किडनैपर को पकड़ने के लिए एक सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

शांगकाई गांव की प्राधिकरण ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से अपील की कि वे तुरंत हिरासत में लिए गए अपने गांववालों की सुरक्षा और रिहाई सुनिश्चित करें, और लापता लोगों को जल्द से जल्द खोजें।

गांव प्राधिकरण ने अधिकारियों से आगे कहा कि वे तनाव बढ़ने से रोकने और इलाके में शांति और सुरक्षा बहाल करने के लिए तुरंत कदम उठाएं।

Point of View

लेकिन सवाल यह है कि क्या यह स्थिति स्थायी रूप से सुधर पाएगी? सभी पक्षों को मिलकर शांति की दिशा में कार्य करना होगा।
NationPress
11/03/2026

Frequently Asked Questions

उखरुल में तनाव के पीछे क्या कारण हैं?
उखरुल में तनाव का कारण कुकी और तांगखुल नागा समुदायों के बीच झगड़े और हालिया अपहरण की घटनाएं हैं।
सरकार ने इस पर क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने स्थिति पर नजर रखने और सभी नागरिकों की रिहाई सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया है।
क्या नागरिकों की रिहाई की कोई समयसीमा है?
मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों की शीघ्र और बिना शर्त रिहाई की अपील की है, लेकिन कोई निश्चित समयसीमा नहीं दी गई है।
क्या इस घटना का कोई राजनीतिक प्रभाव पड़ेगा?
हाँ, यह घटना राजनीतिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है, खासकर जब से मुख्यमंत्री ने स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया है।
तांगखुल नागा कौन हैं?
तांगखुल नागा मणिपुर की सबसे बड़ी नागा जनजाति है, जो राज्य के विभिन्न जिलों में निवास करती है।
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