म्यांमार में आतंकी प्रशिक्षण देने वाले 7 विदेशी नागरिकों को 30 दिन की न्यायिक हिरासत
सारांश
Key Takeaways
- म्यांमार में आतंकी प्रशिक्षण देने वाले विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी।
- 30 दिनों की न्यायिक हिरासत का आदेश।
- एनआईए द्वारा चल रही जांच।
- आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई।
- गिरफ्तार आरोपियों का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क।
नई दिल्ली, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट के एनआईए ने म्यांमार में आतंकवाद के लिए प्रशिक्षण देने के आरोप में पकड़े गए 7 विदेशी नागरिकों को 30 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। इन आरोपियों को सोमवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
गिरफ्तार किए गए इन सात लोगों में से 6 नागरिक यूक्रेन के हैं और 1 अमेरिकी है। सभी को कड़ी सुरक्षा के साथ अदालत से जेल भेजा गया है।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के अनुसार, ये आरोपी टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे और बाद में मिजोरम के रास्ते गैरकानूनी तरीके से म्यांमार में प्रवेश कर गए। एनआईए ने बताया कि इनका म्यांमार के विभिन्न एथनिक ग्रुप्स के साथ संपर्क था, और उन्होंने वहां आतंकी समूहों को हथियार चलाने और ड्रोन ऑपरेट करने की ट्रेनिंग दी। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इन्होंने यूरोप से ड्रोन मंगवाए थे, जिनका इस्तेमाल प्रशिक्षण में किया गया।
सूत्रों के अनुसार, म्यांमार से भारत लौटने के बाद एनआईए ने विभिन्न स्थानों से इन आरोपियों को गिरफ्तार किया। अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक को कोलकाता से जबकि तीन यूक्रेनी नागरिकों को दिल्ली और तीन अन्य को लखनऊ से पकड़ा गया।
गिरफ्तार किए गए यूक्रेनी नागरिकों की पहचान हर्बा पेट्रो, स्लिवियाक टारस, इवान सुकमनोवस्की, स्टीफन मारियन, होंचारुक मकसीम और कामिनिस्की विक्टर के रूप में हुई है।
इस मामले में एनआईए की जांच अभी जारी है, और एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन आरोपियों का नेटवर्क और उनके संपर्क किन-किन देशों और संगठनों में फैले हुए हैं।