क्या कांग्रेस कभी नंबर वन पार्टी थी? बीएमसी चुनाव परिणाम पर उदित राज का बयान
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस को आत्ममंथन की आवश्यकता है।
- बीजेपी का चुनावी जीत पर जोरदार जश्न।
- शिवसेना के लिए भी यह झटका है।
नई दिल्ली, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। कांग्रेस के नेता उदित राज ने बीएमसी चुनाव के नतीजों पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हमें सोचना चाहिए, आत्मचिंतन करना चाहिए कि एक समय कांग्रेस नंबर-1 पार्टी थी। लेकिन, नगर निगम के चुनावों में इस तरह की हार क्यों आई।
राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उदित राज ने कहा कि यह हार हमारी है, कांग्रेस की है, बीएमसी की है। हमें दूसरों को संदेश देने का क्या मतलब है। हमें भी आत्ममंथन की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी नंबर वन पार्टी थी। यदि कोई संगठनात्मक कमी है, तो हमें आत्मचिंतन करना चाहिए। यही मुख्य बात है।
बीजेपी गठबंधन की जीत पर उन्होंने कहा कि यह चुनाव से पहले भी स्पष्ट था और नामांकन के समय भी यह साफ हो गया था कि बलपूर्वक तरीकों का इस्तेमाल किया गया था और लोगों पर उम्मीदवार थोपे गए थे।
उन्होंने कहा कि वोटिंग के दिन भी धांधली हुई है। कई वोटर वोट देने गए, लेकिन वोटर लिस्ट में उनका नाम ही नहीं था। उन्होंने कोशिश की, लेकिन खाली हाथ लौटना पड़ा। अब यह जनता के वोट की जीत है या बेईमानी की जीत।
महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन उससे बेहतर नहीं रहा, जितनी उम्मीद थी। पार्टी ने बीएमसी चुनाव महाविकास अघाड़ी से अलग होकर लड़ा। चुनाव से पहले पार्टी नेताओं का दावा था कि इस चुनाव में कार्यकर्ताओं को ज्यादा से ज्यादा मौके देने चाहिए, लेकिन अंततः निराशा हाथ लगी।
दूसरी ओर, बीएमसी में लंबे समय तक शासन करने वाली शिवसेना (यूबीटी) को भी बड़ा झटका लगा है। राज और उद्धव ठाकरे के एक साथ आने का लाभ भी उन्हें नहीं मिला।
बीएमसी में भाजपा गठबंधन की जीत के बाद जश्न का माहौल है। भाजपा नेताओं का कहना है कि मुंबई का मेयर भाजपा का होगा और चुनाव से पहले जनता से किए वादों को पूरा किया जाएगा।