29 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

ईशा देओल का पैपराजी कल्चर पर बड़ा बयान: 'व्यूज के लिए दिग्गज कलाकारों को किया जा रहा गाइड'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
ईशा देओल का पैपराजी कल्चर पर बड़ा बयान: 'व्यूज के लिए दिग्गज कलाकारों को किया जा रहा गाइड'

सारांश

ईशा देओल ने पैपराजी ट्रोलिंग की असली जड़ उजागर की — फोटोग्राफर नहीं, बल्कि व्यूज़ की भूख रखने वाले पेज संचालक दोषी हैं। जया बच्चन और हेमा मालिनी जैसे इंडस्ट्री के 'स्तंभों' के साथ हो रहे दुर्व्यवहार पर उनका यह बयान बॉलीवुड में एक ज़रूरी बहस को हवा दे रहा है।

मुख्य बातें

ईशा देओल ने 29 अक्टूबर 2026 को जया बच्चन और हेमा मालिनी सहित वरिष्ठ कलाकारों की पैपराजी ट्रोलिंग पर बड़ा बयान दिया।
उनके अनुसार, फोटोग्राफर्स नहीं बल्कि सोशल मीडिया पेज संचालक दोषी हैं जो व्यूज़ और लाइक्स के लिए ऐसी सामग्री प्रकाशित करते हैं।
ईशा ने कहा कि इंडस्ट्री के दिग्गज कलाकार उसके 'स्तंभ' हैं और उनका सम्मान अनिवार्य है।
उन्होंने फोटोग्राफर्स से अपील की कि वे हर सेलेब्रिटी की व्यक्तिगत सीमाओं को समझें और उनका पालन करें।
ईशा ने माना कि उनके परिवार ने भी इस तरह के दुर्व्यवहार को करीब से झेला है।

अभिनेत्री ईशा देओल ने 29 अक्टूबर 2026 को जया बच्चन और हेमा मालिनी समेत बॉलीवुड के दिग्गज कलाकारों के साथ पैपराजी और सोशल मीडिया पर हो रहे दुर्व्यवहार पर खुलकर अपनी राय रखी। उनका कहना है कि यह समस्या व्यक्तिगत फोटोग्राफर्स की नहीं, बल्कि उन पेज संचालकों की है जो अधिक लाइक्स और व्यूज़ के लिए ऐसी सामग्री को बढ़ावा देते हैं।

पैपराजी पर ईशा की स्पष्ट राय

ईशा देओल ने बातचीत में एक दिलचस्प तुलना करते हुए कहा, 'जब एक बच्चा बड़ा होकर टीनेज बनता है और अपने बड़ों के साथ सही से बर्ताव नहीं करता है, तो आप किसे दोषी ठहराओगे। माता-पिता को क्योंकि उन्होंने बच्चे को सही परवरिश नहीं दी। उसी तरह, मुझे लगता है कि इस कल्चर में फोटोग्राफर्स को भी गाइड किया जा रहा है।' उनके अनुसार, समस्या की जड़ उन लोगों में है जो इन पेजों को चला रहे हैं।

उन्होंने आगे स्पष्ट किया, 'मुझे नहीं लगता कि इसमें उस इंसान की गलती है जो फोटो खींच रहा है। गलती उन लोगों की है जो पेज चला रहे हैं और ज़्यादा लाइक्स और व्यूज़ पाने के लिए ऐसी चीजें अपने पेज पर डालना चाहते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि इस समस्या की जड़ को ठीक करने की ज़रूरत है।'

इंडस्ट्री के 'स्तंभों' का सम्मान ज़रूरी

ईशा देओल ने यह भी कहा कि उनके परिवार ने इस तरह के व्यवहार को करीब से महसूस किया है। उन्होंने कहा, 'हमने एक परिवार के तौर पर यह सब झेला है और मुझे नहीं लगता कि यह बिल्कुल भी सम्मानजनक है। इंडस्ट्री इन्हीं लोगों से बनी है। बिना नाम लिए कहूँ तो, ये सभी हमारी इंडस्ट्री के स्तंभ हैं। आपको उनका सम्मान करना होगा और यही वे लोग हैं जिन्होंने आपको सिनेमा दिया है।'

गौरतलब है कि हाल के महीनों में जया बच्चन और कई अन्य वरिष्ठ कलाकारों के पैपराजी के साथ हुए कड़वे अनुभवों के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुए हैं, जिनसे इंडस्ट्री में इस मुद्दे पर बहस तेज़ हो गई है।

फोटोग्राफर्स के लिए सीमा रेखा

ईशा ने फोटोग्राफर्स से यह समझने की अपील की कि हर सेलेब्रिटी एक जैसी नहीं होती। उन्होंने कहा, 'कुछ सेलेब्स हैं जिन्हें उनके साथ हल्की-फुल्की मस्ती करना पसंद है और कुछ ऐसे भी हैं जो इस तरह की बातचीत से असहज महसूस करते हैं। तो, आप सही तरीके से अपनी सीमा में रहिए। यहाँ पर बिल्कुल मत करो और जहाँ करना है वहाँ जो करना है करो। मुझे लगता है यह इतना ही आसान है।'

यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में 'सेलेब्रिटी प्राइवेसी बनाम पब्लिक इंटरेस्ट' की बहस एक नई ऊँचाई पर है। कई इंडस्ट्री हस्तियाँ अब खुलकर पैपराजी कल्चर की आलोचना करने लगी हैं।

आगे क्या होगा

ईशा देओल के इस बयान के बाद उम्मीद है कि बॉलीवुड में सेलेब्रिटी प्राइवेसी और पैपराजी की सीमाओं पर बहस और तेज़ होगी। आलोचकों का कहना है कि जब तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसी सामग्री को मॉनिटर नहीं करते, तब तक यह समस्या बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह दरअसल एक गहरी संरचनात्मक समस्या की ओर इशारा करता है — जहाँ एंगेजमेंट-आधारित सोशल मीडिया एल्गोरिदम उम्र और प्रतिष्ठा की परवाह किए बिना संघर्ष और अपमान को पुरस्कृत करता है। फोटोग्राफर को दोष से मुक्त करना और पेज संचालकों पर जिम्मेदारी डालना सही दिशा में सोचना है, लेकिन असली जवाबदेही का सवाल यह है कि क्या इंडस्ट्री सामूहिक रूप से इन पेजों को ट्रैफिक देना बंद करने का साहस दिखाएगी। बिना व्यावहारिक बदलाव के, यह बयान केवल एक और अच्छी-लगने वाली आवाज़ बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईशा देओल ने पैपराजी ट्रोलिंग पर क्या कहा?
ईशा देओल ने कहा कि दिग्गज कलाकारों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के लिए फोटोग्राफर्स नहीं, बल्कि वे पेज संचालक ज़िम्मेदार हैं जो अधिक व्यूज़ और लाइक्स पाने के लिए ऐसी सामग्री को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि इस समस्या की 'जड़ को ठीक करने की ज़रूरत है।'
ईशा देओल ने किन दिग्गज कलाकारों का ज़िक्र किया?
ईशा देओल ने जया बच्चन और हेमा मालिनी का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि ये कलाकार इंडस्ट्री के 'स्तंभ' हैं और उनका सम्मान अनिवार्य है। उन्होंने यह भी कहा कि इनके बिना हिंदी सिनेमा की कल्पना नहीं की जा सकती।
क्या ईशा देओल के परिवार ने भी पैपराजी दुर्व्यवहार झेला है?
हाँ, ईशा देओल ने स्वीकार किया कि उनके परिवार ने भी इस तरह के व्यवहार को करीब से झेला है। उन्होंने कहा कि यह अनुभव बिल्कुल भी सम्मानजनक नहीं रहा।
ईशा देओल ने फोटोग्राफर्स को क्या सलाह दी?
उन्होंने फोटोग्राफर्स से अपील की कि वे हर सेलेब्रिटी की व्यक्तिगत सीमाओं को पहचानें — कुछ हल्की-फुल्की बातचीत से सहज होती हैं, कुछ नहीं। उनके अनुसार, 'सही तरीके से अपनी सीमा में रहना' ही इस समस्या का सबसे सरल समाधान है।
बॉलीवुड में पैपराजी और सेलेब्रिटी प्राइवेसी का मुद्दा क्यों चर्चा में है?
हाल के महीनों में जया बच्चन समेत कई वरिष्ठ कलाकारों के पैपराजी से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिससे यह बहस तेज़ हुई। आलोचकों का कहना है कि एंगेजमेंट-आधारित एल्गोरिदम ऐसी नकारात्मक सामग्री को बढ़ावा देते हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 6 महीने पहले
  4. 9 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले