ईशा देओल का पैपराजी कल्चर पर बड़ा बयान: 'व्यूज के लिए दिग्गज कलाकारों को किया जा रहा गाइड'
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री ईशा देओल ने 29 अक्टूबर 2026 को जया बच्चन और हेमा मालिनी समेत बॉलीवुड के दिग्गज कलाकारों के साथ पैपराजी और सोशल मीडिया पर हो रहे दुर्व्यवहार पर खुलकर अपनी राय रखी। उनका कहना है कि यह समस्या व्यक्तिगत फोटोग्राफर्स की नहीं, बल्कि उन पेज संचालकों की है जो अधिक लाइक्स और व्यूज़ के लिए ऐसी सामग्री को बढ़ावा देते हैं।
पैपराजी पर ईशा की स्पष्ट राय
ईशा देओल ने बातचीत में एक दिलचस्प तुलना करते हुए कहा, 'जब एक बच्चा बड़ा होकर टीनेज बनता है और अपने बड़ों के साथ सही से बर्ताव नहीं करता है, तो आप किसे दोषी ठहराओगे। माता-पिता को क्योंकि उन्होंने बच्चे को सही परवरिश नहीं दी। उसी तरह, मुझे लगता है कि इस कल्चर में फोटोग्राफर्स को भी गाइड किया जा रहा है।' उनके अनुसार, समस्या की जड़ उन लोगों में है जो इन पेजों को चला रहे हैं।
उन्होंने आगे स्पष्ट किया, 'मुझे नहीं लगता कि इसमें उस इंसान की गलती है जो फोटो खींच रहा है। गलती उन लोगों की है जो पेज चला रहे हैं और ज़्यादा लाइक्स और व्यूज़ पाने के लिए ऐसी चीजें अपने पेज पर डालना चाहते हैं। इसलिए मुझे लगता है कि इस समस्या की जड़ को ठीक करने की ज़रूरत है।'
इंडस्ट्री के 'स्तंभों' का सम्मान ज़रूरी
ईशा देओल ने यह भी कहा कि उनके परिवार ने इस तरह के व्यवहार को करीब से महसूस किया है। उन्होंने कहा, 'हमने एक परिवार के तौर पर यह सब झेला है और मुझे नहीं लगता कि यह बिल्कुल भी सम्मानजनक है। इंडस्ट्री इन्हीं लोगों से बनी है। बिना नाम लिए कहूँ तो, ये सभी हमारी इंडस्ट्री के स्तंभ हैं। आपको उनका सम्मान करना होगा और यही वे लोग हैं जिन्होंने आपको सिनेमा दिया है।'
गौरतलब है कि हाल के महीनों में जया बच्चन और कई अन्य वरिष्ठ कलाकारों के पैपराजी के साथ हुए कड़वे अनुभवों के वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुए हैं, जिनसे इंडस्ट्री में इस मुद्दे पर बहस तेज़ हो गई है।
फोटोग्राफर्स के लिए सीमा रेखा
ईशा ने फोटोग्राफर्स से यह समझने की अपील की कि हर सेलेब्रिटी एक जैसी नहीं होती। उन्होंने कहा, 'कुछ सेलेब्स हैं जिन्हें उनके साथ हल्की-फुल्की मस्ती करना पसंद है और कुछ ऐसे भी हैं जो इस तरह की बातचीत से असहज महसूस करते हैं। तो, आप सही तरीके से अपनी सीमा में रहिए। यहाँ पर बिल्कुल मत करो और जहाँ करना है वहाँ जो करना है करो। मुझे लगता है यह इतना ही आसान है।'
यह ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में 'सेलेब्रिटी प्राइवेसी बनाम पब्लिक इंटरेस्ट' की बहस एक नई ऊँचाई पर है। कई इंडस्ट्री हस्तियाँ अब खुलकर पैपराजी कल्चर की आलोचना करने लगी हैं।
आगे क्या होगा
ईशा देओल के इस बयान के बाद उम्मीद है कि बॉलीवुड में सेलेब्रिटी प्राइवेसी और पैपराजी की सीमाओं पर बहस और तेज़ होगी। आलोचकों का कहना है कि जब तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ऐसी सामग्री को मॉनिटर नहीं करते, तब तक यह समस्या बनी रहेगी।