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एनजीएमए में बॉलीवुड के सुनहरे दौर की तस्वीरें, हेमा-पूनम ने साझा किए यादें

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एनजीएमए में बॉलीवुड के सुनहरे दौर की तस्वीरें, हेमा-पूनम ने साझा किए यादें

सारांश

मुंबई के एनजीएमए में बॉलीवुड का सुनहरा इतिहास जीवंत हुआ। हेमा मालिनी, पूनम ढिल्लों और अविनाश गोवारिकर ने तस्वीरों की शक्ति, फिल्म उद्योग की विरासत और भविष्य पर विचार साझा किए। यह प्रदर्शनी न केवल कला का उत्सव है, बल्कि सांस्कृतिक संरक्षण और पर्यटन का एक सेतु भी है।

मुख्य बातें

30 अप्रैल को एनजीएमए में बॉलीवुड की विशेष तस्वीरों की प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
पूनम ढिल्लों ने कहा कि तस्वीरें समय के उन पलों को अमर करती हैं जिन्हें मानव स्मृति भूल जाती है।
अविनाश गोवारिकर ने अमिताभ बच्चन से लेकर अन्या पांडे तक की दुर्लभ तस्वीरें दीं।
हेमा मालिनी ने निर्देशकों और पटकथा लेखकों को सम्मानित करने की प्रशंसा की।
प्रदर्शनी पर्यटन और सांस्कृतिक संरक्षण दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी गई।

मुंबई के नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट (एनजीएमए) में 30 अप्रैल को बॉलीवुड की एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया, जहाँ सिनेमा जगत के इतिहास को दुर्लभ तस्वीरों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इस कार्यक्रम में अभिनेत्री हेमा मालिनी, पूनम ढिल्लों और प्रख्यात फोटोग्राफर अविनाश गोवारिकर ने शिरकत की, जिन्होंने भारतीय फिल्म उद्योग के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।

तस्वीरों का अमर महत्व

अभिनेत्री पूनम ढिल्लों ने प्रदर्शनी में तस्वीरों की शक्ति पर बल दिया। उन्होंने कहा कि फोटोग्राफी समय के उन पलों को अमर कर देती है जिन्हें मानव स्मृति भूल जाती है। पूनम ने अपने करियर में तस्वीरों के प्रति अपने प्रेम को रेखांकित करते हुए कहा, "मुझे तस्वीरें खिंचवाने का हमेशा से बहुत शौक रहा है। एक समय था जब लोग मेरी इस आदत पर सवाल उठाते थे, लेकिन आज वही लोग पुरानी तस्वीरें माँगते हैं।"

उन्होंने आशा भोसले और धर्मेंद्र की तस्वीरें देखकर अपनी स्मृतियों को साझा किया। पूनम ने बताया कि उनके करियर का सबसे प्रसिद्ध गीत 'तू तू' आशा भोसले ने गाया था, और उन्होंने धर्मेंद्र को भारतीय सिनेमा का असली 'किंवदंती' बताया।

फोटोग्राफी और डिजिटल तकनीक

अविनाश गोवारिकर ने प्रदर्शनी के लिए अपनी चुनिंदा तस्वीरें योगदान दीं, जिनमें अमिताभ बच्चन जैसे महानायकों से लेकर अहान शेट्टी और अन्या पांडे जैसे युवा कलाकारों की छवियाँ शामिल हैं। गोवारिकर ने डिजिटल तकनीक के प्रभाव पर विचार करते हुए कहा कि प्रौद्योगिकी ने कार्य को सरल बनाया है, लेकिन इसका सही उपयोग आवश्यक है। उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के भविष्य के प्रभाव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि हर तकनीक का अपना समय-सीमित प्रभाव होता है।

हेमा मालिनी की दृष्टि

अभिनेत्री हेमा मालिनी ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि यह गौरव की बात है कि अभिनेताओं के साथ-साथ निर्देशकों और पटकथा लेखकों को भी सम्मानित किया गया है। हेमा ने आशा भोसले को श्रद्धांजलि देने की अपनी उपस्थिति को रेखांकित किया। उन्होंने आशा भोसले के एक सुझाव को साझा किया कि फिल्म उद्योग को ऐसी जगह बनानी चाहिए जहाँ प्रशंसक अपने पसंदीदा सितारों की दुनिया को निकट से देख सकें।

पर्यटन और सांस्कृतिक मूल्य

हेमा ने आगे कहा कि यदि पुरानी और नई पीढ़ियों की यादों को एक ऐसे स्थान पर संरक्षित किया जाए, तो यह न केवल प्रशंसकों के लिए आनंद की बात होगी, बल्कि भारत के पर्यटन क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान साबित हो सकता है। यह दृष्टिकोण सांस्कृतिक संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच एक सेतु बनाता है।

प्रदर्शनी की विशेषता

यह प्रदर्शनी बॉलीवुड के विभिन्न युगों को एक ही छत के नीचे प्रस्तुत करती है, जो दर्शकों को फिल्म उद्योग के विकास को समझने का अवसर देती है। तस्वीरें न केवल कलात्मक मूल्य रखती हैं, बल्कि भारतीय सिनेमा के सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भ को भी दर्शाती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह दर्शाता है कि भारतीय फिल्म उद्योग को एक संग्रहालय-केंद्रित दृष्टिकोण की आवश्यकता है। डिजिटल युग में, जब AI और तकनीक फोटोग्राफी को पुनर्परिभाषित कर रहे हैं, ऐतिहासिक तस्वीरों का संरक्षण और प्रदर्शन न केवल सांस्कृतिक महत्व रखता है, बल्कि भारत के सॉफ्ट पावर को भी मजबूत करता है। यह प्रदर्शनी एक नीति का संकेत है — कि सिनेमा को राष्ट्रीय विरासत के रूप में मान्यता देने का समय आ गया है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एनजीएमए में बॉलीवुड की प्रदर्शनी में क्या विशेष था?
यह प्रदर्शनी 30 अप्रैल को मुंबई के नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट में आयोजित की गई थी, जिसमें अमिताभ बच्चन जैसे महानायकों से लेकर अन्या पांडे जैसे युवा कलाकारों की दुर्लभ तस्वीरें प्रदर्शित की गईं। प्रदर्शनी में अभिनेताओं के साथ-साथ निर्देशकों और पटकथा लेखकों को भी सम्मानित किया गया था।
पूनम ढिल्लों ने प्रदर्शनी में क्या कहा?
पूनम ढिल्लों ने कहा कि तस्वीरें समय के उन पलों को अमर कर देती हैं जिन्हें मानव स्मृति भूल जाती है। उन्होंने अपने करियर में तस्वीरों के प्रति अपने लगाव को साझा किया और आशा भोसले तथा धर्मेंद्र को श्रद्धांजलि दी।
अविनाश गोवारिकर ने डिजिटल तकनीक के बारे में क्या कहा?
अविनाश गोवारिकर ने कहा कि डिजिटल तकनीक ने फोटोग्राफी को आसान बना दिया है, लेकिन इसका सही उपयोग आवश्यक है। उन्होंने कहा कि हर तकनीक का अपना समय-सीमित प्रभाव होता है, और AI का असर भी समय के साथ स्पष्ट होगा।
हेमा मालिनी ने पर्यटन के बारे में क्या सुझाव दिया?
हेमा मालिनी ने सुझाव दिया कि यदि पुरानी और नई पीढ़ियों की यादों को एक स्थान पर संरक्षित किया जाए, तो यह न केवल प्रशंसकों के लिए आनंद की बात होगी, बल्कि भारत के पर्यटन क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण योगदान साबित हो सकता है।
प्रदर्शनी में किन-किन सितारों की तस्वीरें थीं?
प्रदर्शनी में अमिताभ बच्चन , आशा भोसले , धर्मेंद्र , अहान शेट्टी और अन्या पांडे सहित कई बॉलीवुड सितारों की दुर्लभ तस्वीरें प्रदर्शित की गईं, जो भारतीय सिनेमा के विभिन्न युगों को प्रतिनिधित्व करती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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