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बारामूला में म्यूल बैंक खातों से साइबर धोखाधड़ी: दो आरोपी नामजद, FIR दर्ज

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बारामूला में म्यूल बैंक खातों से साइबर धोखाधड़ी: दो आरोपी नामजद, FIR दर्ज

सारांश

बारामूला पुलिस ने म्यूल बैंक खातों के ज़रिए अवैध धन के लेन-देन के आरोप में दो स्थानीय निवासियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। जांच में एक बड़े वित्तीय नेटवर्क की तलाश जारी है और पुलिस ने नागरिकों को अपने बैंक खाते किसी से साझा न करने की चेतावनी दी है।

मुख्य बातें

बारामूला पुलिस ने 29 अक्टूबर 2026 को साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।
आरोपी मोहसिन अशरफ गनी (गुलशनबाद) और साहिल इरशाद (खानपोरा/चकलू) नामजद।
म्यूल खातों का उपयोग जम्मू-कश्मीर के भीतर और बाहर अवैध धनराशि के लेन-देन के लिए किया गया।
पुलिस संबंधित बैंक खातों, धन के स्रोत और बड़े नेटवर्क की जांच कर रही है।
नागरिकों को बैंक खाते, ATM कार्ड या लॉगिन विवरण अनजान व्यक्तियों को न देने की चेतावनी।

बारामूला पुलिस ने 29 अक्टूबर 2026 को जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले में अवैध धन के लेन-देन के लिए म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल करने के आरोप में दो व्यक्तियों के विरुद्ध साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, इन खातों के ज़रिए जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के भीतर और बाहर संदिग्ध धनराशि का लेन-देन किया जा रहा था।

आरोपियों की पहचान

मामले में नामजद आरोपियों की पहचान बारामूला के गुलशनबाद निवासी मोहसिन अशरफ गनी और खानपोरा निवासी साहिल इरशाद के रूप में हुई है। साहिल इरशाद फिलहाल चकलू में रह रहा है। दोनों पर अवैध धन के लेन-देन में म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल करने का आरोप है।

म्यूल खातों का इस्तेमाल कैसे हुआ

जांच के अनुसार, इन खातों का उपयोग संदिग्ध धनराशि प्राप्त करने, उसे अपने पास रखने और आगे अन्य खातों में स्थानांतरित करने के लिए किया जा रहा था। अधिकारियों को संदेह है कि यह गतिविधि केवल इन दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा वित्तीय नेटवर्क सक्रिय हो सकता है।

गौरतलब है कि म्यूल बैंक खाते वे खाते होते हैं जिन्हें खाताधारक कमीशन के बदले अपराधियों को सौंप देते हैं। ये खाते साइबर अपराधियों द्वारा धन की 'लॉन्ड्रिंग' के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं, जिससे मूल अपराधी की पहचान छुपाना आसान हो जाता है।

जांच का दायरा

बारामूला पुलिस अब संबंधित बैंक खातों और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की विस्तृत पड़ताल कर रही है। जांच का उद्देश्य धन के स्रोत, उसके प्रवाह-पथ और इस पूरे नेटवर्क में शामिल लोगों की भूमिका का खुलासा करना है। यह देखा जा रहा है कि क्या इस गतिविधि से अन्य व्यक्ति या कोई बड़ा संगठित समूह जुड़ा है।

पुलिस की चेतावनी और अपील

बारामूला पुलिस ने साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने बैंक खाते, ATM कार्ड, नेट बैंकिंग लॉगिन विवरण या खाते का उपयोग किसी अनजान व्यक्ति को कभी न करने दें।

पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कमीशन के लालच में अपना बैंक खाता किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराना खाताधारक के लिए गंभीर कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है। नागरिकों को किसी भी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की सलाह दी गई है। आने वाले दिनों में जांच के विस्तार के साथ और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा मूल ऑपरेटरों तक पहुँचने की है — जो आमतौर पर जांच से बचे रहते हैं जबकि खाताधारक कानून की जद में आते हैं।
RashtraPress
29 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

म्यूल बैंक खाता क्या होता है?
म्यूल बैंक खाता वह खाता होता है जिसे खाताधारक अपराधियों को कमीशन के बदले इस्तेमाल के लिए दे देता है। इन खातों का उपयोग साइबर ठगी या अन्य अवैध तरीकों से प्राप्त धनराशि को इधर-उधर स्थानांतरित करने के लिए किया जाता है, जिससे मूल अपराधी की पहचान छुपाना आसान हो जाता है।
बारामूला साइबर धोखाधड़ी मामले में किन पर FIR दर्ज हुई?
बारामूला के गुलशनबाद निवासी मोहसिन अशरफ गनी और खानपोरा निवासी साहिल इरशाद (जो फिलहाल चकलू में रह रहे हैं) पर FIR दर्ज हुई है। दोनों पर अवैध धन के लेन-देन में म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल करने का आरोप है।
पुलिस जांच में किन पहलुओं की पड़ताल हो रही है?
पुलिस संबंधित बैंक खातों, धन के स्रोत, उसके प्रवाह-पथ और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि क्या कोई बड़ा संगठित समूह इस गतिविधि से जुड़ा है।
बैंक खाता किसी को देने पर क्या कानूनी परिणाम हो सकते हैं?
पुलिस के अनुसार, कमीशन के बदले अपना बैंक खाता किसी अन्य को उपलब्ध कराना खाताधारक के लिए गंभीर कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है। ऐसे खाताधारक साइबर अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित कानूनों के तहत अभियोजन का सामना कर सकते हैं।
साइबर धोखाधड़ी की संदिग्ध गतिविधि की सूचना कहाँ दें?
बारामूला पुलिस ने नागरिकों से किसी भी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की अपील की है। साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या cybercrime.gov.in पर दर्ज कराई जा सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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