कर्नाटक में साइबर अपराध की चुनौती: बेलगावी पुलिस का विशेष अभियान और सतर्कता की अपील

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कर्नाटक में साइबर अपराध की चुनौती: बेलगावी पुलिस का विशेष अभियान और सतर्कता की अपील

सारांश

बेलगावी में साइबर अपराधों का बढ़ता खतरा है। पुलिस कमिश्नर भूषण बोरासे ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। जानें, इस विशेष अभियान की पूरी जानकारी।

Key Takeaways

  • बेलगावी में साइबर अपराध बढ़ रहे हैं।
  • पुलिस ने एक विशेष अभियान शुरू किया है।
  • म्यूल अकाउंट ठगी के लिए उपयोग होते हैं।
  • सतर्कता बरतना बहुत जरूरी है।
  • किसी भी योजना की पूरी जानकारी जांचें।

बेलगावी, 10 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के बेलगावी शहर में साइबर अपराध एक गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। इस संदर्भ में, बेलगावी सिटी पुलिस विशेष अभियान चला रही है ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके। पुलिस कमिश्नर भूषण बोरासे ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है।

कमिश्नर ने कहा कि यह समस्या अब बेलगावी या कर्नाटक तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह देशभर और वैश्विक स्तर पर एक बड़ी चिंता बन गई है। इन अपराधों में म्यूल अकाउंट का सबसे अधिक उपयोग होता है, यानी वो बैंक खाते जो फर्जी नामों पर खोले गए हैं।

भूषण बोरासे के अनुसार, कई बार साइबर अपराधी लोगों को पैसे देकर उनके बैंक खातों का उपयोग करते हैं। इसके अलावा, कई मामले ऐसे भी हैं जहां अपराधी लोगों को वर्क फ्रॉम होम या किसी ऑनलाइन जॉब का लालच देकर उनके बैंक खाते की जानकारी या एक्सेस हासिल कर लेते हैं। इसके बाद, इन खातों का उपयोग ठगी से प्राप्त धन को ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। ऐसे मामलों में कई लोग बिना जानकारी के जाल में फंस जाते हैं और उन्हें कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

कमिश्नर ने बताया कि वर्तमान में बेलगावी शहर में लगभग 2,992 म्यूल अकाउंट सक्रिय हैं, जिनमें से 772 को फर्स्ट लेयर अकाउंट कहा जाता है। इसका अर्थ है कि जब किसी पीड़ित के खाते से ठगी के जरिए धन निकाला जाता है, तो सबसे पहले वह इसी फर्स्ट लेयर अकाउंट में पहुंचता है। इसके बाद, उस धन को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता है, जिससे अपराधियों तक पहुंचना और भी कठिन हो जाता है।

पुलिस कमिश्नर ने बताया कि इन मामलों से संबंधित पूरे कर्नाटक में एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत सभी संदिग्ध म्यूल अकाउंट की जांच की जा रही है। बेलगावी में फिलहाल ऐसे खातों से जुड़े चार मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन खातों को खोलने वाले लोग कौन हैं, उनका बैकग्राउंड क्या है, और क्या वे खुद ठगी का शिकार हैं या फिर साइबर अपराधियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी।

भूषण बोरासे ने आम जनता से अपील की है कि इंटरनेट पर मिलने वाले किसी भी वर्क फ्रॉम होम या जल्दी पैसे कमाने वाले ऑफर पर आंख बंद करके भरोसा न करें। किसी भी कंपनी या योजना की पूरी जानकारी और उसकी विश्वसनीयता की जांच के बाद ही उसमें शामिल हों। यदि किसी योजना को लेकर जरा भी संदेह हो, तो तुरंत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।

Point of View

NationPress
10/03/2026

Frequently Asked Questions

बेलगावी में साइबर अपराध की स्थिति क्या है?
बेलगावी में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे पुलिस विशेष अभियान चला रही है।
म्यूल अकाउंट क्या होता है?
म्यूल अकाउंट वे बैंक खाते हैं जो फर्जी नामों पर खोले जाते हैं और ठगी के लिए उपयोग होते हैं।
साइबर अपराध से कैसे बचें?
इंटरनेट पर मिलने वाले किसी भी वर्क फ्रॉम होम या जल्दी पैसे कमाने के ऑफर पर भरोसा न करें।
पुलिस इस मामले में क्या कर रही है?
पुलिस पूरे कर्नाटक में म्यूल अकाउंट की जांच कर रही है और संदिग्ध खातों पर कार्रवाई कर रही है।
अगर मुझे ठगी का शक हो तो क्या करूं?
आप तुरंत साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन से संपर्क करें।
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