क्या बारामूला में प्रतिबंधित संगठन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई?

Click to start listening
क्या बारामूला में प्रतिबंधित संगठन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई हुई?

सारांश

बारामूला में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में तलाशी अभियान के दौरान दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है। यह कदम क्षेत्र में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

Key Takeaways

  • जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बारामूला में कार्रवाई की।
  • प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए।
  • तलाशी अभियान के दौरान दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया।

बारामूला, 7 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए बारामूला जिले में तलाशी अभियान चलाया। यह कदम क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को समाप्त करने के लिए उठाया गया।

बारामुला पुलिस के अनुसार, यह तलाशी अभियान पुलिस पोस्ट मीरगुंड के अधिकार क्षेत्र में आने वाले मिर्चीमार्ग और मीरगुंड इलाके में आयोजित किया गया। पुलिस की टीमों ने यहां दो व्यक्तियों के निवास पर छापे मारे।

इन व्यक्तियों में गुलाम हुसैन मलिक, पुत्र मोहम्मद इब्राहिम मलिक और गुलाम मोहम्मद सोफी, पुत्र मोहम्मद अब्दुल्ला सोफी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये दोनों पहले प्रतिबंधित संगठन जम्मू-कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन से जुड़े रहे हैं।

यह कार्रवाई एफआईआर नंबर 45/2025, थाना पट्टन के अंतर्गत की गई है। मामला यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम) की धारा 10 और 13 के साथ-साथ बीएनएस की धारा 147 और 148 के अंतर्गत दर्ज किया गया है। तलाशी से पूर्व पुलिस ने सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सिंहपोरा, पट्टन से वैध तलाशी वारंट प्राप्त किया था।

पुलिस ने बताया कि तलाशी की पूरी प्रक्रिया कार्यकारी मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, सिंहपोरा की उपस्थिति में संपन्न की गई। इसके अलावा, संबंधित नंबरदार भी मौके पर उपस्थित थे। तलाशी के दौरान कानून द्वारा निर्धारित सभी नियमों और प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन किया गया।

जम्मू-कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन एक प्रमुख कश्मीरी शिया राजनीतिक और धार्मिक संगठन है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने मार्च 2025 में इस संगठन पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत 5 साल के लिए प्रतिबंध लगा दिया। सितंबर 2025 में एक विशेष ट्रिब्यूनल ने इस प्रतिबंध को पुष्टि करते हुए इसे एक गैरकानूनी संघ घोषित किया।

इसकी स्थापना 1962 में मोहम्मद अब्बास अंसारी द्वारा की गई थी। 2022 में उनके निधन के बाद से, संगठन का नेतृत्व उनके बेटे मसरूर अब्बास अंसारी कर रहे हैं।

Point of View

यह महत्वपूर्ण है कि हम इस प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखें। जम्मू-कश्मीर में कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक चुनौती है, और ऐसे कदमों से यह सुनिश्चित होता है कि राष्ट्रविरोधी तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। हमें आशा है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में स्थिरता लाएगी।
NationPress
08/01/2026

Frequently Asked Questions

इस कार्रवाई का उद्देश्य क्या है?
इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना और राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर रोक लगाना है।
जम्मू-कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन क्या है?
जम्मू-कश्मीर इत्तिहादुल मुस्लिमीन एक प्रमुख कश्मीरी शिया राजनीतिक और धार्मिक संगठन है, जिसे भारत सरकार ने प्रतिबंधित किया है।
इस कार्रवाई में किन लोगों को हिरासत में लिया गया?
इस कार्रवाई में गुलाम हुसैन मलिक और गुलाम मोहम्मद सोफी को हिरासत में लिया गया है।
Nation Press