पुडुचेरी चुनाव: सीट बंटवारे की बातचीत के बीच डीएमके नेता ने किया नामांकन
सारांश
Key Takeaways
- पुडुचेरी चुनाव की सियासी हलचल तेज है।
- कांग्रेस और डीएमके के बीच सीट बंटवारे की बातचीत चल रही है।
- डीएमके नेता ने पहले ही नामांकन दाखिल कर दिया है।
- राजनीतिक गतिविधियाँ चुनावी माहौल को प्रभावित करेंगी।
- चुनाव ९ अप्रैल को होंगे और मतगणना ४ मई को।
पुडुचेरी, १८ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। पुडुचेरी विधानसभा चुनाव से पूर्व सियासी गतिविधियाँ तेज हो गई हैं। कांग्रेस के साथ सीट बंटवारे पर बातचीत अब अंतिम चरण में है, लेकिन इस गठबंधन पर सहमति बनने से पहले ही डीएमके नेता ने अपना नामांकन दर्ज करवा दिया है।
जानकारी के अनुसार, डीएमके और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। दोनों दलों के बीच गठबंधन की बात लगभग तय है, लेकिन सीटों के बंटवारे पर चर्चा जारी है और औपचारिक घोषणा अभी बाकी है।
इसी बीच, डीएमके के नेता और मौजूदा विधायक एल. संबथ ने मुदलियारपेट विधानसभा सीट से अपना नामांकन प्रस्तुत किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे इस सीट से चुनाव लड़ने की इच्छुक हैं। यह नामांकन पुडुचेरी के पुराने जिला कलेक्टरेट परिसर में स्थित डिप्टी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर के कार्यालय में दाखिल किया गया।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह डीएमके की एक रणनीतिक चाल है ताकि चुनावी प्रक्रिया में वो पीछे न रहें और अपनी मजबूत सीटों पर पहले से पकड़ बनाए रखें। अक्सर इस तरह की परिस्थितियों में, जब सीट बंटवारे की चर्चा चल रही होती है, पार्टियां अपनी सुरक्षित सीटों पर उम्मीदवार पहले ही उतार देती हैं।
सूत्रों के अनुसार, डीएमके और कांग्रेस के बीच सीट शेयरिंग पर बातचीत अब अंतिम चरण में पहुँच चुकी है। दोनों पक्ष आपसी सहमति से फॉर्मूला तय करने की कोशिश कर रहे हैं। हालाँकि, कुछ महत्वपूर्ण सीटों को लेकर अंतिम समय में मांग और समायोजन के कारण समझौते में देरी हो रही है।
इसके बावजूद, दोनों पार्टियों के नेताओं का कहना है कि गठबंधन पूरी तरह से मजबूत है और जल्द ही इसका औपचारिक ऐलान किया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि आज ही सीट बंटवारे को अंतिम रूप दिया जा सकता है, जिससे संयुक्त चुनाव प्रचार की राह स्पष्ट हो जाएगी।
इस बार का पुडुचेरी विधानसभा चुनाव काफी दिलचस्प और कड़ा मुकाबला होने की संभावना है। यहाँ गठबंधन की राजनीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और परिणामों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ेगा।
नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं। सभी पार्टियां एक ओर जहाँ आपसी बातचीत को अंतिम रूप देने में लगी हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर चुनावी तैयारियों को भी तेजी से आगे बढ़ा रही हैं। यहाँ ९ अप्रैल को चुनाव होंगे, जबकि वोटों की गिनती ४ मई को होगी।