मध्य प्रदेश में भारी बारिश का कहर: भोपाल-डिंडोरी समेत कई जिलों में स्कूल बंद, ऑरेंज अलर्ट जारी
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश में 10 अगस्त 2026 को भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। भोपाल, डिंडोरी और कई अन्य जिलों में जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नर्सरी से कक्षा 12 तक के सभी सरकारी, निजी और एडेड स्कूलों में सोमवार को अवकाश घोषित कर दिया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहाँ 24 घंटों में आठ इंच तक वर्षा की संभावना जताई गई है।
भोपाल में हालात
भोपाल में रविवार रात से ही मूसलाधार बारिश जारी है, जिससे शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। सोमवार सुबह वीआईपी रोड पर एक पेड़ गिरने से यातायात बाधित हुआ। छुट्टी की घोषणा से पहले कई विद्यार्थी स्कूल पहुँच चुके थे, जिन्हें बाद में घर वापस भेजा गया।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि MPBSE, CBSE, ICSE और अन्य बोर्ड से संबद्ध सभी संस्थानों पर यह आदेश लागू होगा। यह निर्णय जलभराव और सड़क सुरक्षा को देखते हुए लिया गया।
अन्य प्रभावित जिले
रायसेन का रामलीला मैदान पानी से भर गया, जबकि सीहोर और श्यामपुर में नदियाँ और नाले उफान पर आ गए। शाजापुर में केवल छह घंटों में लगभग चार इंच बारिश दर्ज की गई। शुजालपुर में सुबह करीब 3 बजे शुरू हुई भारी वर्षा से किसानों और व्यापारियों को राहत मिली।
विदिशा, शिवपुरी, हरदा और शुजालपुर में भी बारिश का असर देखा गया। जलाशयों के ओवरफ्लो और सड़क संपर्क बाधित होने की चिंताओं के बीच डिंडोरी में भी स्कूल बंद किए गए।
IMD की चेतावनी और मौसम का कारण
IMD के अनुसार, इस क्षेत्र में एक कम दबाव का क्षेत्र और उससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) सक्रिय है, जबकि मानसून ट्रफ भी प्रभावी बना हुआ है। इन मौसमी तंत्रों के संयुक्त प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में अत्यधिक वर्षा हो रही है।
राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी है। उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, जबलपुर, गुना, शिवपुरी और श्योपुर में भी भारी वर्षा का अनुमान है।
प्रशासन की सतर्कता
निचले इलाकों, पुलों और सड़कों के पास जल स्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए अधिकारी स्थिति पर कड़ी नज़र बनाए हुए हैं। आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में मानसून अपने चरम पर है और अगले कुछ दिनों तक राहत की संभावना कम बताई जा रही है।