क्या राजस्थान में भारी बारिश की चेतावनी के चलते 19 जिलों में स्कूल बंद हैं?

सारांश
Key Takeaways
- राजस्थान में 19 जिलों के स्कूल बंद हैं।
- मौसम विभाग ने भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
- सुरक्षा कारणों से स्कूलों को बंद करने का निर्णय लिया गया।
- शिक्षकों को अपनी ड्यूटी पर उपस्थित रहना आवश्यक है।
- लोगों को सतर्क रहने और यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
जयपुर, २५ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान में भारी बारिश की चेतावनी के मद्देनजर सोमवार को १९ जिलों के स्कूलों को बंद कर दिया गया है। पिछले दो दिनों से निरंतर हो रही मूसलधार बारिश ने लोगों के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।
मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के १६ जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिसके बाद प्रशासन ने स्कूलों में छुट्टियों की घोषणा की है। एहतियात के तौर पर, सोमवार को १९ जिलों में सरकारी और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनवाड़ी केंद्रों को भी बंद रखा गया है।
हालांकि, स्कूलों और आंगनवाड़ी के शिक्षकों और कर्मचारियों को अपनी ड्यूटी पर उपस्थित रहना आवश्यक है।
आधिकारिक आदेश के अनुसार, सीकर, करौली, कोटा, खैरथल-तिजारा, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, अजमेर, कोटपूतली-बहारोड़, सिरोही, बूंदी, भीलवाड़ा, उदयपुर और सवाई माधोपुर में सोमवार को स्कूल बंद रहेंगे।
इनके अलावा, मौसम की स्थिति के अनुसार अन्य जिलों में भी कई दिनों की छुट्टियों की घोषणा की गई है।
टोंक में सोमवार से बुधवार तक तीन दिन स्कूल बंद रहेंगे, जबकि अलवर, जयपुर, दौसा, नागौर और डीडवाना-कुचामन में सोमवार और मंगलवार को स्कूल बंद रहेंगे।
मौसम विभाग ने १६ जिलों में भारी से लेकर बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।
उदयपुर, राजसमंद और सिरोही के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहां बहुत भारी बारिश की आशंका है। इसके अलावा, अलवर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, झुंझुनू, प्रतापगढ़, चूरू, हनुमानगढ़, जालौर, जोधपुर, नागौर, पाली और श्री गंगानगर के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने और प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने का अनुरोध किया है।
जिला प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है और किसी भी आपात स्थिति का सामना करने के लिए आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रखा गया है।
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव का खतरा उत्पन्न हो सकता है और ग्रामीण संपर्क बाधित हो सकता है। सरकार ने निवासियों को मौसम में सुधार होने तक सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने और स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग करने की सलाह दी है।