बलूच नेता ने पाकिस्तान को 'क्षेत्रीय शांति का कैंसर' बताया
सारांश
Key Takeaways
- पाकिस्तानी हमला: काबुल में नशा मुक्ति अस्पताल पर किया गया हवाई हमला।
- बलूच नेता का बयान: पाकिस्तान को 'क्षेत्रीय शांति का कैंसर' कहा।
- क्षेत्रीय अस्थिरता: पाकिस्तान की नीतियों का प्रभाव।
- संवेदना: पीड़ितों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की गई।
- एकता का आह्वान: बलूचिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सहयोग की आवश्यकता।
लंदन, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बलूच स्वतंत्रता के समर्थक हुरबयार मारी ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर हुए पाकिस्तानी हवाई हमले की कड़ी निंदा की। बुधवार को उन्होंने सोशल मीडिया पर इसे इस्लामाबाद के "झूठ और दुष्प्रचार" की एक दास्तान बताया।
मारी ने इस्लामाबाद की विस्तारवादी योजनाओं और अफगान-विरोधी नीतियों की आलोचना करते हुए इसे क्षेत्रीय अस्थिरता का मुख्य कारण बताया। उन्होंने पाकिस्तान को "क्षेत्रीय शांति के लिए एक कैंसर" कहा।
यह बयान सोमवार रात को हुए एक पाकिस्तानी हमले के बाद आया है, जिसमें काबुल के पुल-ए-चरखी क्षेत्र में स्थित 2,000 बिस्तरों वाले "ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल" को निशाना बनाया गया था। इस हमले में सैकड़ों लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए थे।
बलूच नेता ने पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।
मारी ने अपने एक्स पोस्ट में कहा, "मैं पाकिस्तान द्वारा मानवता के खिलाफ किए गए इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा करता हूं। यह पाकिस्तानी पंजाबी विस्तारवादी एजेंडे का ही एक सिलसिला है। राज्य-प्रायोजित हिंसा के माध्यम से अफगानिस्तान को जानबूझकर अस्थिर करने और निर्दोष नागरिकों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों पर किए जा रहे बर्बर हमलों को एकजुट होकर विफल किया जाना चाहिए।"
उन्होंने पाकिस्तान की कब्जा करने वाली सेनाओं पर आरोप लगाया कि वे वायुसेना और ड्रोन हमलों के जरिए अफगान-विरोधी आक्रामकता जारी रखे हुए हैं, और उन क्षेत्रों का शोषण कर रहे हैं जो "सही मायने में बलूच और पश्तून लोगों के हैं।"
बलूच नेता ने आगे कहा, "यह अवैध कब्जा ही अफगानिस्तान में अस्थिरता का मुख्य कारण रहा है, जिसे पाकिस्तान ने पैदा किया है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि अफगानिस्तान में स्थायी शांति तभी स्थापित होगी, जब इन कब्जा करने वाली सेनाओं को हमारी जमीन, समुद्र और हवाई क्षेत्र से खदेड़ दिया जाएगा।"
अफगानिस्तान के प्रति बलूचिस्तान के लोगों के अटूट समर्थन पर मारी ने कहा, "हम पाकिस्तानी पंजाबी आक्रामकता के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। शांति और समृद्धि का भविष्य हमारे दोनों राष्ट्रों के बीच सहयोग में ही निहित है। एक संप्रभु और एकीकृत बलूचिस्तान यह सुनिश्चित करेगा कि उसके बंदरगाह अवसरों के द्वार के रूप में काम करें, अफगान व्यापार का स्वागत करें, और मध्य एशिया तथा यूरोप सहित क्षेत्रीय व वैश्विक बाजारों तक पहुंच सुगम बनाएं।"
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि काबुल में चाहे किसी भी दल की सरकार हो, पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के साथ शांतिपूर्ण संबंध रखने में कभी भी कोई वास्तविक रुचि नहीं दिखाई है।
मारी ने पाकिस्तानी सेनाओं के खिलाफ अपने क्षेत्रों की रक्षा करने और अपने साझा संबंधों को मजबूत बनाने के लिए बलूचिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एकता का आह्वान किया।
उन्होंने कहा, "यह एक निर्णायक क्षण है। हम दोनों को अपने क्षेत्रों की रक्षा करने, अपने आर्थिक हितों को सुरक्षित रखने, अपनी साझा सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और भाईचारे के संबंधों को मजबूत बनाने के लिए एकजुट होना होगा। एकजुटता और दृढ़ संकल्प के साथ, हम उन ताकतों का सामना कर सकते हैं और उन्हें परास्त कर सकते हैं जो हमारी संप्रभुता और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बनी हुई हैं।"