अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा झड़पों से 10,000 से अधिक बेघर, UN ने जताई गंभीर चिंता

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अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा झड़पों से 10,000 से अधिक बेघर, UN ने जताई गंभीर चिंता

संयुक्त राष्ट्र मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) ने चेतावनी दी है कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के सैनिकों के बीच सीमा पर बार-बार हो रही झड़पों के कारण पूर्वी अफगानिस्तान में मानवीय संकट गहराता जा रहा है। 27 अप्रैल 2026 को असदाबाद शहर और कुनार प्रांत के कुछ हिस्सों में हुए हवाई हमलों और गोलाबारी में कम से कम 7 लोग मारे गए और 79 अन्य घायल हो गए।

मुख्य घटनाक्रम

ओसीएचए के अनुसार, इस हिंसा से नागरिक बुनियादी ढाँचे को व्यापक नुकसान पहुँचा है। क्षतिग्रस्त सुविधाओं में एक ईंधन स्टेशन, एक विश्वविद्यालय छात्रावास का हिस्सा, एक धार्मिक मामलों का कार्यालय और एक नशामुक्ति केंद्र शामिल हैं। अफगानिस्तान की समाचार एजेंसी खामा प्रेस ने बताया कि यह तबाही पहले से ही कमज़ोर सार्वजनिक सेवाओं पर और अधिक दबाव डाल रही है।

गौरतलब है कि फरवरी 2026 से जारी झड़पों के कारण पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी अफगानिस्तान में 10,000 से अधिक लोग बेघर हो चुके हैं। कुनार, नंगरहार और खोस्त प्रांतों में बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ है, जहाँ लोग आश्रय, भोजन और चिकित्सा सुविधाओं तक सीमित पहुँच के साथ पलायन करने को मजबूर हैं।

स्वास्थ्य और शिक्षा पर असर

ओसीएचए के मुताबिक, कम से कम 19 स्वास्थ्य केंद्र या तो बंद कर दिए गए हैं, रोक दिए गए हैं, या कम क्षमता पर काम कर रहे हैं। इससे करीब 78,000 लोग प्रभावित हुए हैं। कई गाँवों में पानी की आपूर्ति भी बाधित हो गई है, जिससे बीमारियाँ फैलने का खतरा बढ़ गया है।

कुनार और नंगरहार में दर्जनों स्कूलों को नुकसान पहुँचने के कारण 13,000 से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। ओसीएचए ने हाल के हफ्तों में नागरिक सुविधाओं — विशेष रूप से स्वास्थ्य केंद्रों और स्कूलों — को बढ़ते नुकसान की जानकारी दी है।

अफगानिस्तान का कूटनीतिक विरोध

मंगलवार को अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काबुल में पाकिस्तानी दूतावास के चार्ज डी'अफेयर्स को तलब किया और पाकिस्तानी सेना द्वारा विभिन्न प्रांतों में नागरिकों को निशाना बनाने पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। काबुल ने इस्लामाबाद को एक औपचारिक विरोध पत्र सौंपा, जिसमें डूरंड लाइन के समीप सार्वजनिक स्थानों और कुनार प्रांत के भीतर स्थित विश्वविद्यालय को निशाना बनाने का उल्लेख किया गया।

अफगान मंत्रालय ने अफगानिस्तान के हवाई क्षेत्र के उल्लंघन और नागरिकों पर हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तानी सेना की यह कार्रवाई अफगानिस्तान की क्षेत्रीय अखंडता का स्पष्ट उल्लंघन है और अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों के विरुद्ध है। मंत्रालय ने कहा,

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