संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान पर काबुल के नशा मुक्ति अस्पताल हमले की स्वतंत्र जांच की मांग की

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संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान पर काबुल के नशा मुक्ति अस्पताल हमले की स्वतंत्र जांच की मांग की

सारांश

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमले में ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल बुरी तरह प्रभावित हुआ। यह हमला न केवल गंभीर है बल्कि इसे मानवता के खिलाफ अपराध माना जा रहा है। जानें इस घटना की पूरी कहानी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया।

Key Takeaways

  • पाकिस्तान के हवाई हमले ने ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल को निशाना बनाया।
  • संयुक्त राष्ट्र ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया।
  • 400 से ज्यादा लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए।
  • अफगानिस्तान ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से निंदा करने की अपील की।
  • यह हमला युद्ध के नियमों का उल्लंघन है।

जिनेवा, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार रात पाकिस्तान के हवाई हमले ने ओमिद नशा मुक्ति अस्पताल को बुरी तरह प्रभावित किया। तालिबान सरकार के अनुसार, इस हमले में चार सौ से अधिक लोग मारे गए। संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक (रैपोर्टेयर) रिचर्ड बेनेट ने इस घटना को 'मानवता के खिलाफ अपराध' करार देते हुए तत्काल स्वतंत्र जांच और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। विशेष दूत ने कहा कि अस्पताल जैसे नागरिक स्थानों पर हमला युद्ध के नियमों का उल्लंघन है।

यह बयान सोमवार (16 मार्च) रात को हुए पाकिस्तानी हमले के बाद आया है, जिसमें काबुल के पुल-ए-चरखी क्षेत्र में स्थित 2,000 बिस्तरों वाले 'ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल' को निशाना बनाया गया, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए।

रिचर्ड बेनेट ने एक्स पोस्ट के माध्यम से कहा, "मैं इस बात का समर्थन करता हूं कि काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र पर पाकिस्तान द्वारा की गई हवाई कार्रवाई की तुरंत, स्वतंत्र और पारदर्शी जांच होनी चाहिए। इस हमले में कथित तौर पर कई लोग मारे गए और घायल हुए हैं। जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और पीड़ितों तथा उनके परिवारों को मुआवजा दिया जाना चाहिए।"

उन्होंने यह बयान यूएन मानवाधिकार के एक्स पोस्ट के जवाब में दिया। उस पोस्ट में यूएनएचआर ने काबुल के नशा मुक्ति केंद्र में हुए धमाके की जांच और उसके लिए जवाबदेही तय करने की मांग की थी।

एक्स पोस्ट में मानवाधिकार संस्था ने कहा, "हम काबुल के एक नशा मुक्ति केंद्र में हुए दुखद धमाके की जांच और उसके लिए जवाबदेही तय करने की मांग करते हैं। इस धमाके में कई मरीजों की जान चली गई। सभी पक्षों को नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।"

मंगलवार को अफगानिस्तान के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्ताकी ने काबुल पर हुए पाकिस्तानी हवाई हमले की कड़ी निंदा की और इसे मानवीय तथा इस्लामी सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन बताया। अफगानिस्तान स्थित 'अरियाना न्यूज' की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी हमले में 408 से अधिक लोग मारे गए और 260 से अधिक घायल हो गए; इनमें से अधिकतर लोग नशा मुक्ति केंद्र में उपचार करवा रहे मरीज थे। उन्होंने पाकिस्तान पर जानबूझकर नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने का आरोप लगाया।

काबुल में विभिन्न संगठनों के राजनयिकों और प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुत्ताकी ने कहा कि पाकिस्तानी हवाई हमले ने समाज के सबसे कमजोर तबके को निशाना बनाया—यानी, उन लोगों को जो नशे की लत से छुटकारा पाने के लिए उपचार करवा रहे थे।

उन्होंने कहा कि फरवरी से अब तक लगातार हो रहे हमलों—जिनमें अफगानिस्तान के विभिन्न हिस्सों में नागरिक इलाकों पर किए गए हमले शामिल हैं—की वजह से कूटनीतिक समाधानों पर से भरोसा कम हो गया है। 'अरियाना न्यूज' की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हमले जारी रहे, तो अफगान सेना "उचित और वैध" जवाबी कार्रवाई करती रहेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अफगानिस्तान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन वह अपनी संप्रभुता और अपने क्षेत्र की रक्षा जरूर करेगा।

मुत्ताकी ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से पाकिस्तान के हमले की निंदा करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस्लामाबाद की ओर से तनाव बढ़ाना जारी रहा, तो इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैलने का खतरा है और इसका असर प्रमुख आर्थिक तथा विकास पहलों पर भी पड़ सकता है।

Point of View

बल्कि यह एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन भी है। हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि यह हमला मानवता के खिलाफ है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराना आवश्यक है।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

यह हमला कब हुआ?
यह हमला 16 मार्च, 2023 को काबुल में हुआ।
इस हमले में कितने लोग मारे गए?
इस हमले में तालिबान सरकार के अनुसार 400 से अधिक लोग मारे गए।
संयुक्त राष्ट्र ने इस पर क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र के विशेष प्रतिवेदक ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया और स्वतंत्र जांच की मांग की।
इस हमले के पीछे पाकिस्तान का क्या आरोप है?
अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान ने जानबूझकर नागरिक ठिकानों को निशाना बनाया।
क्या इस हमले के बाद अफगानिस्तान की प्रतिक्रिया थी?
अफगानिस्तान के विदेश मंत्री ने हमले की कड़ी निंदा की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कार्रवाई की अपील की।
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