जेआईएच अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने काबुल अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले की निंदा की

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जेआईएच अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने काबुल अस्पताल पर पाकिस्तान के हमले की निंदा की

सारांश

जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष ने काबुल में एक अस्पताल पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने शांति और नागरिकों की सुरक्षा की अपील की है।

मुख्य बातें

काबुल में अस्पताल पर हमला: 400 से अधिक लोग मारे गए।
अंतरराष्ट्रीय मानवीय सिद्धांतों का उल्लंघन: अस्पतालों पर हमले की निंदा।
शांति और संयम की आवश्यकता: दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की अपील।

नई दिल्‍ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जमात-ए-इस्लामी हिंद (जेआईएच) के अध्यक्ष सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने अफगानिस्तान के काबुल में एक अस्पताल पर पाकिस्तान द्वारा किए गए कथित हवाई हमले की कड़ी निंदा की है। इस हमले में सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान चली गई और कई अन्य घायल हुए हैं।

सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने एक बयान में कहा, "हम काबुल में एक नशा मुक्ति केंद्र (ड्रग रिहैबिलिटेशन अस्पताल) पर पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमले की कड़ी निंदा करते हैं, जिसमें 400 से अधिक लोग मारे गए और 250 से अधिक घायल हो गए। हम पीड़ितों के परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं और इस दुखद समय में अफगानिस्तान के लोगों के साथ अपनी एकजुटता दिखाते हैं।"

उन्होंने कहा कि यह हमला रात में हुआ और इसने उस सुविधा को भारी नुकसान पहुंचाया, जहां बड़ी संख्या में कमजोर और बीमार मरीज भर्ती थे। अस्पताल देखभाल और सुरक्षा के स्थान होते हैं, और ऐसी संस्थाओं पर कोई भी हमला अंतरराष्ट्रीय मानवीय सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन है। ऐसी परिस्थितियों में जान-माल का नुकसान, विशेष रूप से उन लोगों का जो पहले से ही संकट में थे और इलाज करवा रहे थे, सशस्त्र संघर्ष की विनाशकारी मानवीय कीमत को दर्शाता है।

सैयद सआदतुल्लाह हुसैनी ने कहा, "यह दुखद घटना पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तेजी से बढ़ते तनाव के बीच हुई है, जहां बार-बार होने वाले सीमा पार हमलों और आरोपों ने स्थिति को और भी बदतर बना दिया है। इन दोनों देशों के बीच चल रहा संघर्ष इस क्षेत्र को और भी गहरी अस्थिरता में धकेलने का जोखिम पैदा करता है। नागरिक बुनियादी ढांचे का विनाश और हताहतों की बढ़ती संख्या इसमें शामिल सभी पक्षों द्वारा तत्काल संयम बरतने और तनाव कम करने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।"

जेआईएच के अध्यक्ष ने आगे कहा, "इन दोनों पड़ोसी देशों के बीच युद्ध को हर कीमत पर टाला जाना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में इसे भड़कने नहीं दिया जाना चाहिए। क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है और किसी भी प्रकार के तनाव बढ़ने के गंभीर परिणाम पूरे क्षेत्र के लिए होंगे।"

उन्होंने कहा कि सभी मुद्दों और मतभेदों को बातचीत और सुलह के जरिए हल किया जाना चाहिए, न कि बल प्रयोग या सैन्य टकराव के जरिए। हम पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों से अपील करते हैं कि वे अत्यधिक संयम बरतें और ऐसे किसी भी कदम से बचें जिससे निर्दोष लोगों की जान को और नुकसान पहुंच सकता है। हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह करते हैं कि वे इस घटना की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करें, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जवाबदेही तय हो सके। स्थायी शांति केवल न्याय, मानवीय गरिमा के सम्मान और अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन से ही प्राप्त की जा सकती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काबुल अस्पताल पर हमला कब हुआ था?
यह हमला 18 मार्च को रात में हुआ था।
इस हमले में कितने लोग प्रभावित हुए?
400 से अधिक लोग मारे गए और 250 से अधिक घायल हुए।
जेआईएच के अध्यक्ष ने इस घटना पर क्या कहा?
उन्होंने इस हमले की कड़ी निंदा की और शांति की अपील की।
राष्ट्र प्रेस
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